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Kaithal News: 1509 धान के 200-300 रुपये तक गिरे दाम, अब तक 300 क्विंटल धान पहुंचा
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नई अनाजमंडी में धान की सफाई करते श्रमिक। संवाद
कैथल। नई अनाज मंडी में 1509 किस्म के धान की आवक शुरू हो चुकी है लेकिन दो दिन से दामों में आई गिरावट ने किसानों को चिंतित कर दिया है। मंडी में 1509 किस्म के धान के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं। इसके बाद अब धान की फसल 3500 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर आ गई है। नई मंडी में अब तक करीब 300 क्विंटल धान पहुंच चुका है।
गत वर्ष यह धान 2800 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका था। पिछले कुछ दिनों के मुकाबले अचानक आई 300 रुपये की इस गिरावट से किसान परेशान हैं। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार उन्हें अपनी उपज का और बेहतर मूल्य मिलेगा लेकिन बाजार के इस रुख ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मंडी में मुनीम विकास ने बताया कि अभी आवक कम है। दो दिन में पहले 3800 रुपये प्रति क्विंटल धान बिका था। धान में नमी भी कुछ ज्यादा आ रही है।
सरकारी खरीद की घोषणा न होने से व्यवस्थाएं ठप
धान की आवक शुरू होने के बावजूद मंडियों में स्थिति बदहाल है। सरकार की ओर से अभी तक धान की आधिकारिक सरकारी खरीद की कोई घोषणा नहीं की गई है। सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण मंडियों में फिलहाल व्यवस्थाएं पूरी तरह से शून्य बनी हुई हैं। मंडी में न तो किसानों के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही सफाई व्यवस्था की ओर अधिकारियों का ध्यान है। किसान विक्रम ने कहा कि यदि सरकार जल्द ही खरीद की तारीखों का एलान नहीं करती और मंडियों में पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तो आने वाले दिनों में जब आवक बढ़ेगी, तब स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि 1509 किस्म का धान आना शुरू हो गया है। मंडी में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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गत वर्ष यह धान 2800 से 2900 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिका था। पिछले कुछ दिनों के मुकाबले अचानक आई 300 रुपये की इस गिरावट से किसान परेशान हैं। किसानों को उम्मीद थी कि इस बार उन्हें अपनी उपज का और बेहतर मूल्य मिलेगा लेकिन बाजार के इस रुख ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मंडी में मुनीम विकास ने बताया कि अभी आवक कम है। दो दिन में पहले 3800 रुपये प्रति क्विंटल धान बिका था। धान में नमी भी कुछ ज्यादा आ रही है।
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सरकारी खरीद की घोषणा न होने से व्यवस्थाएं ठप
धान की आवक शुरू होने के बावजूद मंडियों में स्थिति बदहाल है। सरकार की ओर से अभी तक धान की आधिकारिक सरकारी खरीद की कोई घोषणा नहीं की गई है। सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण मंडियों में फिलहाल व्यवस्थाएं पूरी तरह से शून्य बनी हुई हैं। मंडी में न तो किसानों के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही सफाई व्यवस्था की ओर अधिकारियों का ध्यान है। किसान विक्रम ने कहा कि यदि सरकार जल्द ही खरीद की तारीखों का एलान नहीं करती और मंडियों में पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तो आने वाले दिनों में जब आवक बढ़ेगी, तब स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि 1509 किस्म का धान आना शुरू हो गया है। मंडी में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

नई अनाजमंडी में धान की सफाई करते श्रमिक। संवाद