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कैथल से बद्दी, धर्मशाला, देहरादून के लिए बसें चलाने की तैयारी
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कैथल से दूसरे राज्यों में जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। परिवहन विभाग हरिद्वार, देहरादून, शिमला व जयपुर रूट पर फिर से जल्द बसें चलाने की तैयारी कर रहा है। मुख्यालय की ओर से कैथल डिपो में 35 नई बसें मिलने का पत्र जारी होने के बाद विभाग दूसरे राज्यों से तालमेल बनाने में जुट गया है। जल्द डिपो में नई बसें शामिल होने की उम्मीद है, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर लंबे रूटों पर चलाया जाएगा।
बता दें कि बसों की कमी से कैथल से शिमला, हरिद्वार, जयपुर, देहरादून व जयपुर के लिए रूट बंद पड़े हैं। अब प्रदेशभर में 800 नई रोडवेज बसों का टेंडर जारी हुआ है। इनमें से दिसंबर महीने में कैथल डिपो में 35 नई बसें शामिल होने की उम्मीद है। इन बसों के आ जाने के बाद अन्य दूसरे राज्यों के प्रभावित रूटों पर बस सेवा बहाल हो जाएगी। इससे यात्रियों को भी आने जाने में सुविधा मिलेगी।
रोडवेज का बेड़ा साल दर साल घटता जा रहा है। जबकि यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले पांच सालों में कैथल डिपो में विभाग की ओर से नई बसों की बढ़ोत्तरी न के बराबर ही रही है। इस साल 2021 में 30 के करीब बसें कंडम होने जा रही हैं। जिला की आबादी को देखते हुए डिपो में 200 बसों की स्वीकृति विभाग की ओर से दी गई, लेकिन डिपो में 86 बसें ऑन रूट हैं।
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विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लंबे रूटों पर बसें न चलने से परमिट रद्द होने की संभावना रहती है। इससे विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की भी चिंता बढ़ी हुई थी। इस वर्ष बेड़े में नई बसें शामिल होने की अधिसूचना के बाद विभाग को उम्मीद जगी है। अब विभाग दूसरे राज्यों के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से तालमेल बैठाने में लगा हुआ है। 35 बसें डिपो में आ जाने के बाद लोकल रूटों पर बसों की कमी नहीं रहेगी। समय अनुसार बसें चलेगी। ग्रामीण रूट भी बहाल हो जाएंगे। गांव से आने वाले यात्रियों को भी फायदा मिलेगा।
यातायात प्रबंधक कमलजीत चहल ने बताया कि कैथल डिपो में जल्द 35 बसें शामिल होने जा रही हैं। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार व विभाग ने नई बसें बेड़े में शामिल करने का फैसला लिया है। अब विभाग की ओर से नई बसों का टेंडर जारी हो चुका है। इन बसों के आने के बाद प्रभावित रूट बहाल हो जाएंगे। जो नई बसें मिलेंगी, उनमें से अधिकतर बसों को दूसरे राज्यों के लंबे रूट पर भेजा जाएगा। इसके लिए संबंधित डिपो से तालमेल किया जा रहा है।
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बता दें कि बसों की कमी से कैथल से शिमला, हरिद्वार, जयपुर, देहरादून व जयपुर के लिए रूट बंद पड़े हैं। अब प्रदेशभर में 800 नई रोडवेज बसों का टेंडर जारी हुआ है। इनमें से दिसंबर महीने में कैथल डिपो में 35 नई बसें शामिल होने की उम्मीद है। इन बसों के आ जाने के बाद अन्य दूसरे राज्यों के प्रभावित रूटों पर बस सेवा बहाल हो जाएगी। इससे यात्रियों को भी आने जाने में सुविधा मिलेगी।
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रोडवेज का बेड़ा साल दर साल घटता जा रहा है। जबकि यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले पांच सालों में कैथल डिपो में विभाग की ओर से नई बसों की बढ़ोत्तरी न के बराबर ही रही है। इस साल 2021 में 30 के करीब बसें कंडम होने जा रही हैं। जिला की आबादी को देखते हुए डिपो में 200 बसों की स्वीकृति विभाग की ओर से दी गई, लेकिन डिपो में 86 बसें ऑन रूट हैं।
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विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लंबे रूटों पर बसें न चलने से परमिट रद्द होने की संभावना रहती है। इससे विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों की भी चिंता बढ़ी हुई थी। इस वर्ष बेड़े में नई बसें शामिल होने की अधिसूचना के बाद विभाग को उम्मीद जगी है। अब विभाग दूसरे राज्यों के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से तालमेल बैठाने में लगा हुआ है। 35 बसें डिपो में आ जाने के बाद लोकल रूटों पर बसों की कमी नहीं रहेगी। समय अनुसार बसें चलेगी। ग्रामीण रूट भी बहाल हो जाएंगे। गांव से आने वाले यात्रियों को भी फायदा मिलेगा।
यातायात प्रबंधक कमलजीत चहल ने बताया कि कैथल डिपो में जल्द 35 बसें शामिल होने जा रही हैं। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार व विभाग ने नई बसें बेड़े में शामिल करने का फैसला लिया है। अब विभाग की ओर से नई बसों का टेंडर जारी हो चुका है। इन बसों के आने के बाद प्रभावित रूट बहाल हो जाएंगे। जो नई बसें मिलेंगी, उनमें से अधिकतर बसों को दूसरे राज्यों के लंबे रूट पर भेजा जाएगा। इसके लिए संबंधित डिपो से तालमेल किया जा रहा है।