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Kaithal News: कलायत के कपिल मुनि तीर्थ पर गीता जयंती महोत्सव की तैयारियां शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:56 PM IST
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Preparations for the Gita Jayanti festival begin at Kapil Muni Tirtha in Kalayat.
कलायत के प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट मंदिरों की श्रृंखला का आकर्षक स्वरूप। संवाद
कलायत। 5 से 25 दिसंबर तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के लिए कलायत के कपिल मुनि तीर्थ पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। तीर्थ परिसर को आकर्षक स्वरूप देने के लिए सरोवर तट पर स्थित मंदिरों की शृंखला पर रंग-रोगन और सुंदरीकरण का कार्य करवाया जा रहा है। सरोवर के घाटों की सफाई और व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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श्री कपिल मुनि तीर्थ कमेटी की ओर से सभी वर्गों के तालमेल कायम करते हुए निर्धारित रूपरेखा के अनुसार तीर्थ परिसर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गीता जयंती महोत्सव के दौरान तीर्थ पर धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना भी प्राथमिकता में शामिल है। कपिल मुनि तीर्थ कमेटी प्रधान राजू कौशिक, पार्षद संजय सिंगला, पार्षद रवींद्र निर्मल बंटी व कोषाध्यक्ष मुकेश पाराशर ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन से तीर्थ परिसर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में विशेष सहयोग देने की अपील की है।
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कमेटी का कहना है कि तीर्थ की परिक्रमा, कूड़ा प्रबंधन और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना जरूरी है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। तीर्थ परिसर में नियमित सफाई, कचरे के उचित निस्तारण और परिक्रमा मार्ग को व्यवस्थित रखने से धार्मिक स्थल की सुंदरता में और निखार आएगा।
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भगवान कपिल मुनि मंदिर के पुजारी संजय गौतम और अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और तीर्थ कमेटी के बीच बेहतर तालमेल से व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा सकता है। कलायत का प्राचीन कपिल मुनि तीर्थ धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस स्थान को सांख्य दर्शन के प्रवर्तक भगवान कपिल मुनि की तपस्थली के रूप में जाना जाता है। प्राचीन सरोवर और उसके तट पर स्थित मंदिर इस क्षेत्र की धार्मिक विरासत को दर्शाते हैं। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महा उत्सव के अवसर पर कुरुक्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा के अन्य धार्मिक स्थलों की पहचान को भी नई दिशा मिलने की संभावना प्रबल हो गई हैं। केडीबी सचिव उपेंद्र सिंघल और कुरुक्षेत्र 48 कोस तीर्थ प्रबंध कमेटी चेयरमैन रवींद्र सांगवान ने बताया कि इस बार अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव को विस्तृत रूप दिया गया है। इसके तहत 48 कोस की परिधि ही नहीं संपूर्ण हरियाणा में महोत्सव की धूम रहेगी।

कलायत के प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट मंदिरों की श्रृंखला का आकर्षक स्वरूप। संवाद

कलायत के प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट मंदिरों की श्रृंखला का आकर्षक स्वरूप। संवाद

कलायत के प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट मंदिरों की श्रृंखला का आकर्षक स्वरूप। संवाद

कलायत के प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट मंदिरों की श्रृंखला का आकर्षक स्वरूप। संवाद

कलायत के प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट मंदिरों की श्रृंखला का आकर्षक स्वरूप। संवाद

कलायत के प्राचीन कपिल मुनि सरोवर तट मंदिरों की श्रृंखला का आकर्षक स्वरूप। संवाद

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