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ठाकुर राम सिंह के योगदान पर हुआ मंथन
beauro kaithal
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:49 AM IST
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भारतीय इतिहास संकलन समिति द्वारा प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आरकेएसडी कॉलेज में भारतीय इतिहास संकलन समिति हरियाणा द्वारा इतिहास पुरुष ठाकुर राम सिंह की पावन स्मृति में प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ अतिथि गणों द्वारा द्वीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात अतिथिगणों का फूल मालाओं व शाल ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
सम्मेलन की अध्यक्षता अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सतीश चन्द्र मित्तल ने की। सम्मेलन में समाजसेवी एवं उद्योगपति सुनील चौधरी, राधेश्याम मलिकपुरिया, रणजीत रैना समाजसेवी, कृषि एवं वानिकी विशेषज्ञ एवं प्रिंसिपल ओपी गर्ग ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया।
सतीश चन्द्र मित्तल ने ठाकुर राम सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इतिहास के माध्यम से हम सच्चाई तक पहुंचते हैं। हमें इतिहास की विसंगतियों को दूर कर सही रूप में इतिहास को युवा पीढ़ी व देश के सामने रखना चाहिए। कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि इतिहास में महाराणा प्रताप एवं वीर शिवाजी जैसे राष्ट्र नायकों के साथ न्याय नहीं हुआ है। विदेशियों द्वारा हमारे इतिहास को विकृत किया गया है।
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डा. महासिंह पूनिया, निदेशक धरोहर संग्रहालय केयूके ने हरियाणा के नामकरण, पौराणिक इतिहास, कृषि, पुरातत्व स्थल, वेशभूषा, व्यवसाय, दस्तकला व शिल्प कला की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए।
इस अवसर पर शेर सिंह राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली का मार्गदर्शन व सानिध्य रहा। मंच संचालन इतिहासकार एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष कमलेश शर्मा ने किया। सम्मेलन में डा. सुभाष शर्मा, प्रांतीय महासचिव कुलदीप चन्द्र, बीबी कौशिक, अमृत लाल सचदेवा, रिसाल जांगड़ा, प्रोफेसर आशा, संयोगिता, सुमन, सतीश शर्मा, हरीश मदान, डा. तेजिन्द, रविन्द्र, राजकुमार शर्मा, डा. ओपी बंसल व समूचे हरियाणा प्रांत से इतिहासकार एवं साहित्य कार भारी संख्या में उपस्थित थे।
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सम्मेलन की अध्यक्षता अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सतीश चन्द्र मित्तल ने की। सम्मेलन में समाजसेवी एवं उद्योगपति सुनील चौधरी, राधेश्याम मलिकपुरिया, रणजीत रैना समाजसेवी, कृषि एवं वानिकी विशेषज्ञ एवं प्रिंसिपल ओपी गर्ग ने विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया।
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सतीश चन्द्र मित्तल ने ठाकुर राम सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इतिहास के माध्यम से हम सच्चाई तक पहुंचते हैं। हमें इतिहास की विसंगतियों को दूर कर सही रूप में इतिहास को युवा पीढ़ी व देश के सामने रखना चाहिए। कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के उपकुलपति डा कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि इतिहास में महाराणा प्रताप एवं वीर शिवाजी जैसे राष्ट्र नायकों के साथ न्याय नहीं हुआ है। विदेशियों द्वारा हमारे इतिहास को विकृत किया गया है।
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डा. महासिंह पूनिया, निदेशक धरोहर संग्रहालय केयूके ने हरियाणा के नामकरण, पौराणिक इतिहास, कृषि, पुरातत्व स्थल, वेशभूषा, व्यवसाय, दस्तकला व शिल्प कला की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए।
इस अवसर पर शेर सिंह राष्ट्रीय सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली का मार्गदर्शन व सानिध्य रहा। मंच संचालन इतिहासकार एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष कमलेश शर्मा ने किया। सम्मेलन में डा. सुभाष शर्मा, प्रांतीय महासचिव कुलदीप चन्द्र, बीबी कौशिक, अमृत लाल सचदेवा, रिसाल जांगड़ा, प्रोफेसर आशा, संयोगिता, सुमन, सतीश शर्मा, हरीश मदान, डा. तेजिन्द, रविन्द्र, राजकुमार शर्मा, डा. ओपी बंसल व समूचे हरियाणा प्रांत से इतिहासकार एवं साहित्य कार भारी संख्या में उपस्थित थे।