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धुंध के मौसम में खतरनाक साबित होंगी गड्ढायुक्त सड़कें
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Potholed roads will prove to be dangerous in foggy weather
- फोटो : Kaithal
धुंध का मौसम शुरू होने वाला है, ऐसे मौसम के दृष्टिगत किए जाने वाले सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के प्रबंध अभी तक अधूरे पड़े हैं। कई चौक-चौराहे, तीव्र मोड़ और सड़कें ऐसे भी हैं, जहां अभी तक किसी प्रकार के प्रबंध नहीं किए गए हैं। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं। यही नहीं सड़कों से गायब सफेद पट्टी और झाड़ियों के पीछे तीव्र मोड़ खतरनाक साबित होंगे। शहर में भी टूटे डिवाइडर और चौक-चौराहों पर रिफ्लेक्टर न होना दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।
शहर में अंबाला-जींद रोड और करनाल से कैथल रोड पर कई स्थानों पर डिवाडर टूटे हुए हैं। रिफ्लेक्टर की भी व्यवस्था सही नहीं है। इसके अलावा शहर से ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने वाले लिंक मार्गों पर न तो सफेद पट्टियां लगाई गई हैं और न ही मोड़ों पर दोनों तरफ उगी झाड़ियों को हटाया गया है। ऐसे में इन स्थानों पर होने वाली दुर्घटनाओं को नकारा नहीं जा सकता।
जिले में तितरम मोड़, चंडीगढ़ हिसार नेशनल हाईवे पर पिंजूपुरा के पास, अंबाला रोड बाईपास चौक, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, जींद रोड बाईपास चौक, कलायत शहर का कैंची चौक, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, गांव क्योड़क, एचसीटीएम कॉलेज व करनाल रोड बाईपास चौक, अंबाला रोड बाईपास चौक, ढांड रोड बाईपास चौक, ढांड में पंचमुखी चौक, कैथल शहर का विश्वकर्मा चौक, गुहला का उद्यम सिंह चौक, असंध मार्ग पर देवबन कैंची और पूंडरी-करनाल मार्ग पर ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें से कइयों पर तो बचाव के प्रबंध हैं, लेकिन कइयों पर न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही झाड़ियों को हटाया गया है।
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बीते वर्ष की बात करें तो वर्ष 2020 में अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर माह में करीब 70 सड़क हादसे हुए। इन तीनों महीनों में 30 से ज्यादा लोगों की हादसों में जान गई। जनवरी 2021 में भी हादसों की औसत ऐसे ही रही। अब अक्तूबर और नवंबर माह में भी अब तक 56 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 34 लोगों की मौत हुई है। धुंध के मौसम में यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ सकता है। अकेले नवंबर माह में अभी तक 27 हादसों में 20 की जान जा चुकी है।
सड़क सुरक्षा संगठन के जिला प्रधान राजू डोहर, उप प्रधान शीतल भारद्वाज व विक्की ने कहा कि धुंध का मौसम जल्द ही शुरू हो जाएगा। प्रशासन को जल्द से जल्द सभी प्रबंध पूरे कर लेने चाहिए। जहां पर खतरनाक मोड़ हैं वहां सड़कों के दोनों तरफ से झाड़ियों को हटवाया जाए। इसके अलावा अगर किसी भी सड़क पर जहां से डिवाइडर शुरू होता है, वहां उसके शुरूआती और अंतिम बिंदू पर रिफ्लेक्टर टेप या ब्लिंक करने वाले लाइट लगवाई जाएं। इससे वाहन चालकों को पता लग जाएगा कि आगे से दोहरी सड़क शुरू हो गई है और वाहन भी डिवाइडर से टकराने से बच जाएंगे। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा संगठन की बैठक में भी ये मुद्दे प्रशासन के सामने रखे जाएंगे।
ट्रैफिक एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि धुंध के मौसम को देखते हुए सड़कों पर रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाकर चालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। धुंध से पहले लगभग सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। अगर फिर भी कहीं कोई कमी है तो नागरिक उन्हें बताएं, समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन केसी पठानियां ने बताया कि सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया है। जल्द ही सभी सड़कों पर पट्टियां लगा दी जाएंगी। जो सड़कें विभाग के अधीन हैं, उन पर जल्द से जल्द सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। सड़कों पर गड्ढे भरने और तीव्र मोड़ों पर सफाई का कार्य भी लगातार किया जा रहा है। कुछ सड़कें मार्केटिंग बोर्ड की हैं, जिन पर संबंधित विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है।
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शहर में अंबाला-जींद रोड और करनाल से कैथल रोड पर कई स्थानों पर डिवाडर टूटे हुए हैं। रिफ्लेक्टर की भी व्यवस्था सही नहीं है। इसके अलावा शहर से ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने वाले लिंक मार्गों पर न तो सफेद पट्टियां लगाई गई हैं और न ही मोड़ों पर दोनों तरफ उगी झाड़ियों को हटाया गया है। ऐसे में इन स्थानों पर होने वाली दुर्घटनाओं को नकारा नहीं जा सकता।
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जिले में तितरम मोड़, चंडीगढ़ हिसार नेशनल हाईवे पर पिंजूपुरा के पास, अंबाला रोड बाईपास चौक, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, जींद रोड बाईपास चौक, कलायत शहर का कैंची चौक, बाता गांव में बस अड्डा के नजदीक, गांव क्योड़क, एचसीटीएम कॉलेज व करनाल रोड बाईपास चौक, अंबाला रोड बाईपास चौक, ढांड रोड बाईपास चौक, ढांड में पंचमुखी चौक, कैथल शहर का विश्वकर्मा चौक, गुहला का उद्यम सिंह चौक, असंध मार्ग पर देवबन कैंची और पूंडरी-करनाल मार्ग पर ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें से कइयों पर तो बचाव के प्रबंध हैं, लेकिन कइयों पर न तो रिफ्लेक्टर हैं और न ही झाड़ियों को हटाया गया है।
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बीते वर्ष की बात करें तो वर्ष 2020 में अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर माह में करीब 70 सड़क हादसे हुए। इन तीनों महीनों में 30 से ज्यादा लोगों की हादसों में जान गई। जनवरी 2021 में भी हादसों की औसत ऐसे ही रही। अब अक्तूबर और नवंबर माह में भी अब तक 56 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 34 लोगों की मौत हुई है। धुंध के मौसम में यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ सकता है। अकेले नवंबर माह में अभी तक 27 हादसों में 20 की जान जा चुकी है।
सड़क सुरक्षा संगठन के जिला प्रधान राजू डोहर, उप प्रधान शीतल भारद्वाज व विक्की ने कहा कि धुंध का मौसम जल्द ही शुरू हो जाएगा। प्रशासन को जल्द से जल्द सभी प्रबंध पूरे कर लेने चाहिए। जहां पर खतरनाक मोड़ हैं वहां सड़कों के दोनों तरफ से झाड़ियों को हटवाया जाए। इसके अलावा अगर किसी भी सड़क पर जहां से डिवाइडर शुरू होता है, वहां उसके शुरूआती और अंतिम बिंदू पर रिफ्लेक्टर टेप या ब्लिंक करने वाले लाइट लगवाई जाएं। इससे वाहन चालकों को पता लग जाएगा कि आगे से दोहरी सड़क शुरू हो गई है और वाहन भी डिवाइडर से टकराने से बच जाएंगे। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा संगठन की बैठक में भी ये मुद्दे प्रशासन के सामने रखे जाएंगे।
ट्रैफिक एसएचओ रमेश चंद्र ने बताया कि धुंध के मौसम को देखते हुए सड़कों पर रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाकर चालकों को जागरूक भी किया जा रहा है। धुंध से पहले लगभग सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। अगर फिर भी कहीं कोई कमी है तो नागरिक उन्हें बताएं, समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन केसी पठानियां ने बताया कि सड़कों पर सफेद पट्टी लगाने के लिए टेंडर जारी किया गया है। जल्द ही सभी सड़कों पर पट्टियां लगा दी जाएंगी। जो सड़कें विभाग के अधीन हैं, उन पर जल्द से जल्द सभी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। सड़कों पर गड्ढे भरने और तीव्र मोड़ों पर सफाई का कार्य भी लगातार किया जा रहा है। कुछ सड़कें मार्केटिंग बोर्ड की हैं, जिन पर संबंधित विभाग द्वारा कार्य किया जा रहा है।