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Kaithal News: कुलतारण नर्सरी के खिलाड़ी कड़ा अभ्यास कर जीत रहे पदक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2024 12:40 AM IST
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Players of Kultaran Nursery are winning medals by practicing hard
कैथल। कुलतारण गांव के राजकीय स्कूल में स्थित मुक्केबाज नर्सरी खिलाडिय़ों के खेल कौशल को निखारने का एक प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यहां खिलाड़ी सुबह-शाम कड़े अभ्यास और अनुशासन के साथ मुक्केबाजी के गुर सीखते हैं।
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यह नर्सरी न केवल खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देती है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय, राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान करती है। खिलाडिय़ों की मेहनत और कोच के मार्गदर्शन का परिणाम है कि नर्सरी के खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीत रहे हैं। खेल के प्रति उनका समर्पण और संघर्ष उन्हें ऊंचाईयों तक पहुंचा रहा है।
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गांव के खिलाडिय़ों के लिए यह नर्सरी एक प्रेरणा स्रोत बन गई है, जो न केवल उनके शारीरिक विकास में सहायक है, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी प्रदान करती है। इससे क्षेत्र में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ी है और अधिक बच्चे मुक्केबाजी में रुचि ले रहे हैं। कुलतारण गांव की यह नर्सरी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का साक्षी है, बल्कि कैथल जिले और हरियाणा का नाम भी रोशन कर रहा है। यह नर्सरी ग्रामीण क्षेत्रों में खेल विकास के लिए एक आदर्श उदाहरण है।
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नर्सरी कोच कुलविंद्र ने बताया कि यह नर्सरी 15 जून 2024 से संचालित है। जिसमें सात लड़कियां व 18 लडक़े हैं। जिसमें 10 से 15 आयु वर्ग के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं इसके अलावा लगभग 15 खिलाड़ी ओर मैदान में अभ्यास करने आते हैं। इस नर्सरी के अधिकतर खिलाड़ी मध्यम वर्ग परिवार से हैं और वे मैदान में कड़ा अभ्यास करते हैं। वे ग्राम पंचाायत के सहयोग से जरुरतमंद खिलाडिय़ों को बैग व अन्य सामग्री वितरित करते हैं।
नर्सरी के कईं खिलाड़ी राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय स्कूली व खेंल महाकुंभ में भाग लेकर विभिन्न पदक जीत चुकें हैं। नर्सरी सभी खिलाड़ी सुबह दो शाम को तीन घंटे कड़ा अभ्यास करते हैं। नर्सरी के सभी खिलाडिय़ों को सपना हैं वे आगे ओलंपिक व एशियन खेलों में भाग लें व देश के लिए पदक जीते व अपने माता पिता का नाम रोश करें।
नर्सरी खिलाडिय़ों की उपलब्धियां
खिलाड़ी लक्षय 46 से 48 किलोभार वर्ग में खेलता है। वह नोयडा में राष्ट्रीय जूनियर टेलेंट हंट प्रतियोगिता में भाग लेकर कांस्य पदक जीत चुका है। वह मैदान में सुबह शाम अभ्यास करता है उसका सपना ओलंपिक खेलना है।

खिलाड़ी लक्की 44 से 46 किलोभार वर्ग में खेलता है। वह राज्यस्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में भाग लेकर कांस्य पदक जीत चुका है। वह मैदान में सुबह शाम अभ्यास करता है। उसका सपना की वह एशियन खेलों में देश के लिए खेले।


खिलाड़ी राहुल 46 से 49 किलोभार वर्ग में खेलता है। वह सीनियर खेल महाकुंभ प्रतियोगिता में भाग लेकर रजत पदक जीत चुका है। वह मैदान में सुबह शाम अभ्यास करता है उसका सपना व अंतरराष्टीय स्तर पर खेल कर पदक जीतना है।
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