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Kaithal News: लाइसेंस के लिए वर्षों से बंद प्लेटलेट्स मशीन होगी चालू
Tue, 10 Oct 2023 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डेंगू के सीजन में अब जिले के मरीजों को जल्द ही प्लेटलेट्स न मिलने की समस्या से राहत मिलेगी। जिला नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स निकालने की मशीन के संचालन का लाइसेंस जल्द मिलेगा। पिछले चार साल से अस्पताल में प्लेटलेट्स की मशीन तो है, लेकिन इसका लाइसेंस नहीं मिल रहा था।
लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं। अब अगले एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर कभी भी प्लेटलेट्स निकालने की मशीन के संचालन का लाइसेंस मिल सकता है। प्लेटलेट्स निकालने की मशीन शुरू होने के बाद अस्पताल में दाखिल मरीजों को निशुल्क प्लेटलेट्स मुहैया करवाई जाएगी। इस मशीन को शुरू करने के लिए मई में केंद्र व राज्य सरकार की टीम ने संयुक्त रूप से रक्त केंद्र का दौरा किया था।
जिला नागरिक अस्पताल में चार साल पहले ही प्लेटलेट्स निकालने की मशीन को स्वास्थ्य विभाग ने खरीदा था। इस मशीन की कीमत करीब 30 लाख रुपये की है। इस मशीन से एक बार में रक्त से 45 हजार प्लेटलेट्स निकाली जा सकती है। इसके तहत सिंगल डोनर से रोगी को एक साथ 30 से 35 हजार यूनिट प्लेटलेट्स दी जा सकती है, जबकि कंपोनेंट सेपरेशन मशीन से खून से अलग किए गए प्लेटलेट्स की संख्या चार से पांच हजार तक होती है।
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एक निजी अस्पताल या लैब संचालक की तरफ से प्लेटलेट्स 10 से हजार रुपये में बेचते है। जबकि सरकारी अस्पताल में यह सुविधा होने की स्थिति में यहां पर दाखिल मरीजों को यह बिल्कुल निशुल्क दी जाती है। अब सामान्य अस्पताल में मशीन के शुरू होने के बाद बाजार में डेंगू की बीमारी के सीजन में होने वाली कालाबाजारी पर रोक लग पाएगी।
प्लेटलेट्स निकालने की मशीन के अस्पताल में फुली ऑटोमेटिक बॉयोकेमिस्ट्री मशीन भी जल्द मिलेगी। इससे खून से संबंधित जांच हो पाएगी। इस मशीन के आने के बाद एक साथ 150 से 200 टेस्ट हो पाएंगे। इस मशीन की लागत करीब 22 लाख रुपये की है। जबकि इससे पहले जिला नागरिक अस्पताल में 50 सैंपलों के टेस्ट लेने वाली बॉयोकेमिस्ट्री मशीन उपलब्ध है। इसके आने के बाद मरीजों को राहत मिल पाएगी।
पिछले पांच साल में डेंगू की स्थिति
वर्ष डेंगू
2019 06
2020 114
2021 1212
2022 116
2023 81
2023 का आंकड़ा 10 अक्तूबर तक का है।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि प्लेटलेट्स मशीन को चलाने का लाइसेंस न मिलने की स्थिति में यह संचालित नहीं हो पाई थी। अब इसका लाइसेंस जल्द ही मिलेगा। अगले एक सप्ताह से 10 दिन के अंदर लाइसेंस मिल जाएगा। वहीं, अस्पताल में फुली ऑटोमेटिक बॉयोकेमिस्ट्री मशीन भी जल्द आएगी।
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कैथल। डेंगू के सीजन में अब जिले के मरीजों को जल्द ही प्लेटलेट्स न मिलने की समस्या से राहत मिलेगी। जिला नागरिक अस्पताल में प्लेटलेट्स निकालने की मशीन के संचालन का लाइसेंस जल्द मिलेगा। पिछले चार साल से अस्पताल में प्लेटलेट्स की मशीन तो है, लेकिन इसका लाइसेंस नहीं मिल रहा था।
लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं। अब अगले एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर कभी भी प्लेटलेट्स निकालने की मशीन के संचालन का लाइसेंस मिल सकता है। प्लेटलेट्स निकालने की मशीन शुरू होने के बाद अस्पताल में दाखिल मरीजों को निशुल्क प्लेटलेट्स मुहैया करवाई जाएगी। इस मशीन को शुरू करने के लिए मई में केंद्र व राज्य सरकार की टीम ने संयुक्त रूप से रक्त केंद्र का दौरा किया था।
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जिला नागरिक अस्पताल में चार साल पहले ही प्लेटलेट्स निकालने की मशीन को स्वास्थ्य विभाग ने खरीदा था। इस मशीन की कीमत करीब 30 लाख रुपये की है। इस मशीन से एक बार में रक्त से 45 हजार प्लेटलेट्स निकाली जा सकती है। इसके तहत सिंगल डोनर से रोगी को एक साथ 30 से 35 हजार यूनिट प्लेटलेट्स दी जा सकती है, जबकि कंपोनेंट सेपरेशन मशीन से खून से अलग किए गए प्लेटलेट्स की संख्या चार से पांच हजार तक होती है।
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एक निजी अस्पताल या लैब संचालक की तरफ से प्लेटलेट्स 10 से हजार रुपये में बेचते है। जबकि सरकारी अस्पताल में यह सुविधा होने की स्थिति में यहां पर दाखिल मरीजों को यह बिल्कुल निशुल्क दी जाती है। अब सामान्य अस्पताल में मशीन के शुरू होने के बाद बाजार में डेंगू की बीमारी के सीजन में होने वाली कालाबाजारी पर रोक लग पाएगी।
प्लेटलेट्स निकालने की मशीन के अस्पताल में फुली ऑटोमेटिक बॉयोकेमिस्ट्री मशीन भी जल्द मिलेगी। इससे खून से संबंधित जांच हो पाएगी। इस मशीन के आने के बाद एक साथ 150 से 200 टेस्ट हो पाएंगे। इस मशीन की लागत करीब 22 लाख रुपये की है। जबकि इससे पहले जिला नागरिक अस्पताल में 50 सैंपलों के टेस्ट लेने वाली बॉयोकेमिस्ट्री मशीन उपलब्ध है। इसके आने के बाद मरीजों को राहत मिल पाएगी।
पिछले पांच साल में डेंगू की स्थिति
वर्ष डेंगू
2019 06
2020 114
2021 1212
2022 116
2023 81
2023 का आंकड़ा 10 अक्तूबर तक का है।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि प्लेटलेट्स मशीन को चलाने का लाइसेंस न मिलने की स्थिति में यह संचालित नहीं हो पाई थी। अब इसका लाइसेंस जल्द ही मिलेगा। अगले एक सप्ताह से 10 दिन के अंदर लाइसेंस मिल जाएगा। वहीं, अस्पताल में फुली ऑटोमेटिक बॉयोकेमिस्ट्री मशीन भी जल्द आएगी।