{"_id":"66d50eeef3f3f801340c1687","slug":"permanent-solution-not-found-even-after-25-hours-of-sirsa-branch-canal-breaking-kaithal-news-c-245-1-kht1001-120736-2024-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सिरसा ब्रांच नहर टूटने के 25 घंटे बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सिरसा ब्रांच नहर टूटने के 25 घंटे बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
Mon, 02 Sep 2024 06:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 02 Sep 2024 06:33 AM IST
विज्ञापन
पूंडरी। सिरसा ब्रांच नहर टूटने के 25 घंटे बाद तक भी उसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। विभाग ने पानी बंदकर नहर की मरम्मत की योजना तैयार करनी शुरू कर दी है।क्षेत्र के लोगों के मुताबिक अगर टूटी नहर की मरम्मत की व्यवस्था जल्द नहीं की गई तो लाखों लोगों के सामने पेयजल संकट गहरा सकता है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को गांव मूंदड़ी के पास सिरसा ब्रांच नहर टूट गई थी। जिससे क्षेत्र के लोगों में फसलों के खराब होने का डर पैदा हो गया था। अब नहर टूटने के बाद उसके पानी को पीछे से रोक दिया गया है और सिंचाई विभाग के अधिकारी इसकी मरम्मत के लिए योजना तैयार कर रहे है। हालांकि एक से दो फुट पानी अभी भी इस नहर में बह रहा है, जो आज रात तक रुकने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब दो बजे सिरसा ब्रांच नहर के पुल में एक सुराख हो गया। इसके बाद पुल का बड़ा हिस्सा टूटकर हांसी बुटाना नहर में समा गया और पानी आगे जाने की बजाय हांसी-बुटाना नहर में चलने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जब इसके बारे में सूचना मिली तो विभाग के एक्सईएन निशांत बत्तान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और यहां से करीब 35 किलोमीटर पीछे बटेड़ा हैड पहुंचकर पानी बंद करवाया। शनिवार शाम चार बजे पीछे से पानी बंद होने से रविवार दोपहर तीन बजे तक पानी का बहाव काफी कम रह गया। जब पानी पूरी तरह रुक जाएगा तो सिंचाई विभाग इसकी मरम्मत करेगा। कल सुबह तक सरसा ब्रांच नहर में 2400 क्यूसिक पानी चल रहा था। इसके पानी का इस्तेमाल कैथल, जींद व हिसार जिलों के कई गांवों में पीने के लिए भी किया जाता है। इसलिए जब तक पानी सिरसा ब्रांच नहर में नहीं छोड़ा जाता तब तक इन जिलों में जल संकट छा सकता है। फिलहाल सिंचाई विभाग का प्रयास है कि जल्द से जल्द से इस नहर को अस्थायी रूप से ठीक करके इसमें पानी छोड़ा जाए। अधिकारियों की योजना है कि इस नहर में कम से कम 1000 क्यूसिक पानी छोड़ा जाए ताकि पीने के पानी की किल्लत न हो।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन निशांत बतान की अध्यक्षता में विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर अगली रणनीति पर विचार-विमर्श किया। विभाग के अधिकारियों का प्रयास है कि जल्द से जल्द यहां की मरम्मत करके पानी को सिरसा ब्रांच नहर में चलाया जाए। बतान ने बताया कि कल शाम को चार बजे नीलोखेड़ी के पास स्थित बटेड़ा हैड से पानी बंद करवा दिया था और पानी लगभग रुक गया है। विभाग का प्रयास है कि फिलहाल अस्थायी प्रबंध करके पानी को सिरसा ब्रांच नहर में चलाया जाए।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार शनिवार को गांव मूंदड़ी के पास सिरसा ब्रांच नहर टूट गई थी। जिससे क्षेत्र के लोगों में फसलों के खराब होने का डर पैदा हो गया था। अब नहर टूटने के बाद उसके पानी को पीछे से रोक दिया गया है और सिंचाई विभाग के अधिकारी इसकी मरम्मत के लिए योजना तैयार कर रहे है। हालांकि एक से दो फुट पानी अभी भी इस नहर में बह रहा है, जो आज रात तक रुकने की उम्मीद है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार शनिवार को दोपहर करीब दो बजे सिरसा ब्रांच नहर के पुल में एक सुराख हो गया। इसके बाद पुल का बड़ा हिस्सा टूटकर हांसी बुटाना नहर में समा गया और पानी आगे जाने की बजाय हांसी-बुटाना नहर में चलने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जब इसके बारे में सूचना मिली तो विभाग के एक्सईएन निशांत बत्तान अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और यहां से करीब 35 किलोमीटर पीछे बटेड़ा हैड पहुंचकर पानी बंद करवाया। शनिवार शाम चार बजे पीछे से पानी बंद होने से रविवार दोपहर तीन बजे तक पानी का बहाव काफी कम रह गया। जब पानी पूरी तरह रुक जाएगा तो सिंचाई विभाग इसकी मरम्मत करेगा। कल सुबह तक सरसा ब्रांच नहर में 2400 क्यूसिक पानी चल रहा था। इसके पानी का इस्तेमाल कैथल, जींद व हिसार जिलों के कई गांवों में पीने के लिए भी किया जाता है। इसलिए जब तक पानी सिरसा ब्रांच नहर में नहीं छोड़ा जाता तब तक इन जिलों में जल संकट छा सकता है। फिलहाल सिंचाई विभाग का प्रयास है कि जल्द से जल्द से इस नहर को अस्थायी रूप से ठीक करके इसमें पानी छोड़ा जाए। अधिकारियों की योजना है कि इस नहर में कम से कम 1000 क्यूसिक पानी छोड़ा जाए ताकि पीने के पानी की किल्लत न हो।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन निशांत बतान की अध्यक्षता में विभाग के अधिकारियों ने बैठक कर अगली रणनीति पर विचार-विमर्श किया। विभाग के अधिकारियों का प्रयास है कि जल्द से जल्द यहां की मरम्मत करके पानी को सिरसा ब्रांच नहर में चलाया जाए। बतान ने बताया कि कल शाम को चार बजे नीलोखेड़ी के पास स्थित बटेड़ा हैड से पानी बंद करवा दिया था और पानी लगभग रुक गया है। विभाग का प्रयास है कि फिलहाल अस्थायी प्रबंध करके पानी को सिरसा ब्रांच नहर में चलाया जाए।