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प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए भटक रहे लोग
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People wandering to get the property ID corrected
- फोटो : Kaithal
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शहर में लगभग 65 हजार से अधिक प्रॉपर्टी आईडी में से सैकड़ों की संख्या में प्रॉपर्टी आईडी को ठीक करवाने के लिए लोग भटक रहे हैं। लोगों को नगर परिषद से कोई रास्ता नहीं मिल रहा। ईओ से लेकर आला अधिकारियों तक लोग गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है। इस शाखा से कर्मचारियों के तबादले के बावजूद भी कोई सुधार नहीं आया है। शहर के निवर्तमान पार्षदों ने भी ईओ को अब लिखित शिकायत देनी शुरू कर दी है।
नगर परिषद में दर्ज लगभग 65 हजार प्रॉपर्टी आईडी में से कई कालोनी ऐसी हैं, जो पहले नियमित क्षेत्र में थी, अब उन्हें पोर्टल नहीं उठाता। जिस कारण इन कालोनियों की रजिस्टरी नहीं हो पा रही है। इन कालोनियों से लोग ईओ रविंद्र से भी मिले थे। शहरवासी रमेश वर्मा, राजीव सेठ, अजीत सैनी, रुबी, पुनीत, रोहताश, सुरेश, संजीव खुराना सहित अन्य ने इस संबंध में ईओ रविंद्र कुहाड़ से मुलाकात की। इन लोगों ने बताया कि बालसेठ कालोनी, आरके कालोनी सहित अनेकों ऐसी कालोनियां हैं, जिनमें कई हिस्से पहले नियमित कालोनियों में थे, अब जो नया सर्वे हुआ है, उसमें पोर्टल इन कालोनियों को अवैध कालोनियों का हिस्सा बता रहा है। जिस कारण इन कालोनियों में जमीन की रजिस्टरी नहीं हो पा रही है। ईओ ने उन्हें अब आश्वासन दिया है।
प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच शाखा से फाइल गुम होने व सुनवाई न होने की समस्या जारी-प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में अक्सर फाइलें गुम हो रही हैं। जो लोग टैक्स भरवाने के बाद उसे ऑनलाइन करवाना चाहते हैं, उन्हें भी धक्के खाने पड़ रहे हैं। शुक्रवार को यहां पहुंचे मनोज कुमार ने कहा कि वह डेढ़ माह में छह बार यहां आ चुका है। लेकिन उसका काम नहीं हो रहा। कर्मचारी सुनने को तैयार ही नहीं हैं।
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निवर्तमान ईओ बलबीर सिंह जाते जाते दो सप्ताह पहले इस ब्रांच से क्लर्क का तबादला कर गए थे। इसके बाद से यह ब्रांच दूसरे क्लर्क के हवाले है। इसके बावजूद इसमें कोई सुधार नहीं। यहां काम कर रहे एक कर्मचारी ने कहा कि हर रोज करीब 30 से 35 फाइलें आती हैं। ब्रांच में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद यहां लोगों के काम नहीं हो पा रहे हैं।
ब्रांच में मुख्यालय स्तर पर कंप्यूटर से नष्ट हो गई लगभग 250 से अधिक फाइलों को ऑनलाइन दर्ज करवाने के लिए लोग भटक रहे हैं। दस दिन से नए ईओ ने ज्वाइन किया है। लेकिन अभी तक उनका डोंगल ही रजिस्टर्ड नहीं हो पाया है। जिसके माध्यम से ये फाइलें ऑनलाइन होंगी और ईओ के मोबाइल पर ओटीपी जेनरेट होगा, उसी से ये फाइलें निकलेंगी। लोगों के कब काम होंगे, यह अभी राम भरोसे दिख रहा है।
ईओ रविंद्र कुहाड़ का कहना है कि व्यवस्था बनाई जा रही है। शीघ्र ही पूरी नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार नजर आएगा। जहां भी खामी है, उस पर विचार कर उसे दूर किया जाएगा। लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स के संबंध में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी, ऐसा प्रयास किया जाएगा।
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नगर परिषद में दर्ज लगभग 65 हजार प्रॉपर्टी आईडी में से कई कालोनी ऐसी हैं, जो पहले नियमित क्षेत्र में थी, अब उन्हें पोर्टल नहीं उठाता। जिस कारण इन कालोनियों की रजिस्टरी नहीं हो पा रही है। इन कालोनियों से लोग ईओ रविंद्र से भी मिले थे। शहरवासी रमेश वर्मा, राजीव सेठ, अजीत सैनी, रुबी, पुनीत, रोहताश, सुरेश, संजीव खुराना सहित अन्य ने इस संबंध में ईओ रविंद्र कुहाड़ से मुलाकात की। इन लोगों ने बताया कि बालसेठ कालोनी, आरके कालोनी सहित अनेकों ऐसी कालोनियां हैं, जिनमें कई हिस्से पहले नियमित कालोनियों में थे, अब जो नया सर्वे हुआ है, उसमें पोर्टल इन कालोनियों को अवैध कालोनियों का हिस्सा बता रहा है। जिस कारण इन कालोनियों में जमीन की रजिस्टरी नहीं हो पा रही है। ईओ ने उन्हें अब आश्वासन दिया है।
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प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच शाखा से फाइल गुम होने व सुनवाई न होने की समस्या जारी-प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में अक्सर फाइलें गुम हो रही हैं। जो लोग टैक्स भरवाने के बाद उसे ऑनलाइन करवाना चाहते हैं, उन्हें भी धक्के खाने पड़ रहे हैं। शुक्रवार को यहां पहुंचे मनोज कुमार ने कहा कि वह डेढ़ माह में छह बार यहां आ चुका है। लेकिन उसका काम नहीं हो रहा। कर्मचारी सुनने को तैयार ही नहीं हैं।
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निवर्तमान ईओ बलबीर सिंह जाते जाते दो सप्ताह पहले इस ब्रांच से क्लर्क का तबादला कर गए थे। इसके बाद से यह ब्रांच दूसरे क्लर्क के हवाले है। इसके बावजूद इसमें कोई सुधार नहीं। यहां काम कर रहे एक कर्मचारी ने कहा कि हर रोज करीब 30 से 35 फाइलें आती हैं। ब्रांच में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद यहां लोगों के काम नहीं हो पा रहे हैं।
ब्रांच में मुख्यालय स्तर पर कंप्यूटर से नष्ट हो गई लगभग 250 से अधिक फाइलों को ऑनलाइन दर्ज करवाने के लिए लोग भटक रहे हैं। दस दिन से नए ईओ ने ज्वाइन किया है। लेकिन अभी तक उनका डोंगल ही रजिस्टर्ड नहीं हो पाया है। जिसके माध्यम से ये फाइलें ऑनलाइन होंगी और ईओ के मोबाइल पर ओटीपी जेनरेट होगा, उसी से ये फाइलें निकलेंगी। लोगों के कब काम होंगे, यह अभी राम भरोसे दिख रहा है।
ईओ रविंद्र कुहाड़ का कहना है कि व्यवस्था बनाई जा रही है। शीघ्र ही पूरी नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार नजर आएगा। जहां भी खामी है, उस पर विचार कर उसे दूर किया जाएगा। लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स के संबंध में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी, ऐसा प्रयास किया जाएगा।