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अभिभावकों ने किया डीईओ कार्यालय में हंगामा
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Parents created ruckus in DEO office
- फोटो : Kaithal
कैथल। निजी स्कूलों में बिना फार्म-6 के विद्यार्थियों की फीस में की गई बढ़ोतरी वापस करवाने की मांग को लेकर अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमकर हंगामा किया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि ज्यादातर स्कूलों ने वर्ष 2021-22 में फीस तो बढ़ाकर अभिभावकों से ली लेकिन विभाग के पास फार्म-6 जमा नहीं करवाया, जबकि प्रत्येक स्कूल को फीस में की गई बढ़ोतरी का ब्योरा पहले विभाग को देना पड़ता है, जो फार्म-6 के तहत दिया जाता है।
स्टूडेंट्स-पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मोनू बतरा, सचिव गुरमीत गुलाटी, उपप्रधान अनिल खुराना, नृप जैन, राजकुमार व रिंकू सेतिया ने बीते सत्र के लिए फार्म-6 सभी स्कूलों पर लागू करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिले में 232 निजी स्कूल हैं। उन्होंने आरटीआई के माध्यम से सूचना ली तो पाया गया कि केवल 12 स्कूलों ने ही फार्म-6 जमा करवाया है। जबकि फीस बढ़ोतरी ज्यादातर स्कूलों ने की है। इस संबंध में वे पिछले डेढ़ साल से अधिकारियों के कार्यालयों और स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अभिभावकों ने यह भी कहा कि जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की फीस पहले 2150 रुपये तक थी, उन स्कूलों ने इस बार 3300 रुपये तक फीस बढ़ाई है। यह बढ़ोतरी भी उन्होंने बिना फार्म-6 के की है। उन्होंने डीईओ से मांग की कि वे सभी स्कूलों के लिए फार्म-6 जमा करवाने का निर्देश जारी करें। फीस एंड फंड रेगुलेटरी कमेटी की ओर से जारी पत्र का हवाला देते हुए अभिभावकों ने कहा कि शहर के कुछ स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों से वार्षिक चार्ज लिया गया है। उसे भी विभाग अगली कक्षाओं की फीस के रूप में समायोजित करने के स्कूलों को निर्देश दे।
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जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने मौके पर ही कर्मचारियों को कहकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के नाम पत्र जारी करवाया कि वे उनके क्षेत्र के स्कूलों को फार्म-6 जमा करवाने के निर्देश दें। साथ ही फार्म जमा करवाने के बाद उसकी प्रति को स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर लगाएं ताकि अभिभावक उसे देख सकें।
डीईओ अनिल शर्मा ने कहा कि इस संबंध में विभाग की ओर से उनके पास जो पत्र आया है, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की मांग पर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे सभी निजी स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर फार्म-6 की प्रति लगवाएं।
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स्टूडेंट्स-पैरेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान मोनू बतरा, सचिव गुरमीत गुलाटी, उपप्रधान अनिल खुराना, नृप जैन, राजकुमार व रिंकू सेतिया ने बीते सत्र के लिए फार्म-6 सभी स्कूलों पर लागू करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिले में 232 निजी स्कूल हैं। उन्होंने आरटीआई के माध्यम से सूचना ली तो पाया गया कि केवल 12 स्कूलों ने ही फार्म-6 जमा करवाया है। जबकि फीस बढ़ोतरी ज्यादातर स्कूलों ने की है। इस संबंध में वे पिछले डेढ़ साल से अधिकारियों के कार्यालयों और स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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अभिभावकों ने यह भी कहा कि जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की फीस पहले 2150 रुपये तक थी, उन स्कूलों ने इस बार 3300 रुपये तक फीस बढ़ाई है। यह बढ़ोतरी भी उन्होंने बिना फार्म-6 के की है। उन्होंने डीईओ से मांग की कि वे सभी स्कूलों के लिए फार्म-6 जमा करवाने का निर्देश जारी करें। फीस एंड फंड रेगुलेटरी कमेटी की ओर से जारी पत्र का हवाला देते हुए अभिभावकों ने कहा कि शहर के कुछ स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों से वार्षिक चार्ज लिया गया है। उसे भी विभाग अगली कक्षाओं की फीस के रूप में समायोजित करने के स्कूलों को निर्देश दे।
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जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने मौके पर ही कर्मचारियों को कहकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के नाम पत्र जारी करवाया कि वे उनके क्षेत्र के स्कूलों को फार्म-6 जमा करवाने के निर्देश दें। साथ ही फार्म जमा करवाने के बाद उसकी प्रति को स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर लगाएं ताकि अभिभावक उसे देख सकें।
डीईओ अनिल शर्मा ने कहा कि इस संबंध में विभाग की ओर से उनके पास जो पत्र आया है, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की मांग पर खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे सभी निजी स्कूलों के नोटिस बोर्ड पर फार्म-6 की प्रति लगवाएं।