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बुडनपुर में सास नहीं अब बहू बनेगी सरपंच
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Sat, 26 Dec 2015 12:25 AM IST
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गांव बुडनपुर में सर्वसम्मति से हुए पंचायत चुनाव में सरपंच के चयन के बाद अब शैक्षणिक योग्यता आड़े आ गई है। इस कारण सरपंच बनीं सास ने बहू को सरपंच बनाने का फैसला लिया है। गांव में पहले जिस महिला प्रत्याशी पर सहमती बनी थी वह शिक्षा की शर्त को पूरा नहीं करती, जिसके चलते ग्रामीणों ने अब उसी परिवार की पढ़ी लिखी बहू पर सहमति जताई है।
गांव के निवर्तमान सरपंच गुरमेल सिंह ने बताया कि उनके गांव में मंदिर के महंत के कहने पर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति सुनीता देवी पत्नी श्रवण सिंह को गांव का सरपंच चुन लिया था लेकिन सरकार द्वारा लगाई गई शिक्षा की शर्त आड़े आ गई।
अक्तूबर में चली चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुनीता देवी को सरपंच बनाने का फैसला कर लिया गया था। इसके बाद सुप्रीमकोर्ट के निर्णय का इंतजार किया जा रहा था। सुनीता देवी कम पढ़ी लिखी है जिस कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सरकार द्वारा निर्धारित की गई शर्तों को वे पूरा नहीं कर पा रही हैं जिस कारण उनकी उम्मीदवारी को बदलने का निर्णय लेना पड़ा।
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गुरमेल ने बताया कि सरकार की शर्त के बावजूद उनका पूरा गांव एकजुट है और सभी ने सर्वसम्मति से श्रवण सिंह के भतीजे बूटा सिंह की पत्नी मीना रानी को अपना सरपंच चुना है, जिसका नामांकन 28 जनवरी को भरा जाएगा। गुरमेल सिंह के मुताबिक सरपंच के अलावा सभी छह पंचों पर भी सहमती बनी थी, लेकिन उनमें से भी तीन पंच शिक्षा की शर्तों को पूरा नहीं करते जिसके चलते उनकी जगह भी पढ़े लिखे पंच सर्वसम्मति से चुने जाएंगे।
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गांव के निवर्तमान सरपंच गुरमेल सिंह ने बताया कि उनके गांव में मंदिर के महंत के कहने पर ग्रामीणों ने सर्वसम्मति सुनीता देवी पत्नी श्रवण सिंह को गांव का सरपंच चुन लिया था लेकिन सरकार द्वारा लगाई गई शिक्षा की शर्त आड़े आ गई।
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अक्तूबर में चली चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुनीता देवी को सरपंच बनाने का फैसला कर लिया गया था। इसके बाद सुप्रीमकोर्ट के निर्णय का इंतजार किया जा रहा था। सुनीता देवी कम पढ़ी लिखी है जिस कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद सरकार द्वारा निर्धारित की गई शर्तों को वे पूरा नहीं कर पा रही हैं जिस कारण उनकी उम्मीदवारी को बदलने का निर्णय लेना पड़ा।
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गुरमेल ने बताया कि सरकार की शर्त के बावजूद उनका पूरा गांव एकजुट है और सभी ने सर्वसम्मति से श्रवण सिंह के भतीजे बूटा सिंह की पत्नी मीना रानी को अपना सरपंच चुना है, जिसका नामांकन 28 जनवरी को भरा जाएगा। गुरमेल सिंह के मुताबिक सरपंच के अलावा सभी छह पंचों पर भी सहमती बनी थी, लेकिन उनमें से भी तीन पंच शिक्षा की शर्तों को पूरा नहीं करते जिसके चलते उनकी जगह भी पढ़े लिखे पंच सर्वसम्मति से चुने जाएंगे।