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Kaithal News: धान घोटाला अनुमान से बड़ा
Mon, 30 Oct 2023 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 30 Oct 2023 01:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। चीका अनाज मंडी में फर्जी गेट पास काट किए गए धान घोटाले के बाद राइस मिलों में चल रही जांच चार दिनों के बाद बेशक थम गई है, लेकिन दो राइस मिलों से जिस प्रकार से करोड़ों रुपये का धान गायब पाया और दो अन्य मिल मालिकों से लाखों रुपये की मार्केट फीस की चोरी वसूली गई है, उससे साफ है कि घोटाला कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।
वर्तमान में चीका में 123 राइस मिल है। इनमें से लगभग 100 राइस मिल सरकारी धान की मिलिंग करती हैं। मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की गठित टीम की अगुवाई कर रहे भिवानी के डीएमईओ श्याम सुंदर ने बताया कि धान घोटाले की प्राथमिक जांच में सामने आया है चीका मार्केट कमेटी के अधिकारियों के साथ साथ, खरीद एजेंसियों के अधिकारी, आढ़ती, धान ढुलाई करने वाला ठेकेदार, मंडी के गेट पर गेटपास की जांच करने वाले कर्मचारी से लेकर राइस मिलर तक सब घोटाले में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि चीका में 100 से अधिक राइस मिलर सरकारी धान की मिलिंग का काम करते हैं, यदि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाए तो घोटाला इससे कहीं बड़ा हो सकता है। पीसी फूड से 6400 क्विंटल धान जगदंबा राइस मिले से गायब मिले 15200 क्विंटल धान की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जएगी।
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पीसी फूड व जगदंबा राइस मिल मालिकों ने सरकार की पीआर धान लेने के साथ अपने स्तर पर आरएस 10 धान भी खरीदी हुई थी और आरएस 10 धान का स्टाक सरकारी पीआर धान के साथ किया गया था। जांच अधिकारी डीएमईओ श्याम सुंदर ने बताया कि यदि वे बोरियों में परखी मारकर अबारीकी से जांच नहीं करते तो उन्हें मालूम ही नहीं पड़ता कि इन बोरियों में पीआर धान न होकर आरएस 10 धान भरा गया है।
मिल मालिकों ने सरकारी धान की चोरी को छुपाने के लिए वहां पर दूसरी किस्म के धान का स्टॉक किया था। सभी मिलों की जांच करनी पड़ी तो इसमें डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है। चीका की अनाज मंडियों में इस सीजन में साढ़े 31 लाख क्विंटल से अधिक पीआर धान के साथ 47 हजार क्विंटल दूसरे किस्म की धान की आवक हुई है। इस पीआर धान की मिलिंग स्थानीय राइस मिलरों की ओर से की जानी है।
अब कैथल में भी राइस मिलों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चीका के बाद अब कैथल में भी जिला प्रशासन ने राइस मिलों में धान के स्टॉक की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत रविवार को छुट्टी के दिन भी डीसी प्रशांत की तरफ से गठित की गई छह सदस्यीय टीम ने चार राइस मिलों की जांच की।
यह जांच एसडीएम कपिल कुमार के नेतृत्व में की गई। इस टीम में एसडीएम कपिल के अलावा डीएफएससी कार्यालय से विनोद कुमार, मार्केट कमेटी कैथल सचिव बसाऊ राम, वेयर हाउस से बनी सिंह, हैफेड से रामफल और मंडी सुपरवाइजर सुखदीप सिंह शामिल रहे। टीम ने रविवार को तितरम और चंदाना गांव के पास और शहर के दो राइस मिलों में धान की स्टॉक को लेकर जांच की। जांच में एक राइस मिल में करीब 300 क्विंटल पीआर किस्म का धान का स्टॉक कम मिला है। हालांकि इस पर टीम के प्रभारी व एसडीएम कपिल कुमार का कहना है कि जांच के दौरान कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई है। जांच डीसी प्रशांत पंवार के आदेशों पर की गई है।
उधर सरकार की तरफ से बनाई गई मार्केटिंग की टीम को चीका में चार राइस मिलों में करीब 4.48 करोड़ रुपये के धान के स्टॉक में कमी मिली थी। इसके बाद से अब जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है और चीका के बाद अब कैथल में भी जांच की कार्रवाई शुरू की है। चीका में मार्केटिंग बोर्ड की टीम का प्रभारी भिवानी के डीएमईओ श्याम सुंदर को बनाया गया है। वहीं, इस मामले में चीका के मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र को भी निलंबित किया जा चुका है।
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गुहला-चीका। चीका अनाज मंडी में फर्जी गेट पास काट किए गए धान घोटाले के बाद राइस मिलों में चल रही जांच चार दिनों के बाद बेशक थम गई है, लेकिन दो राइस मिलों से जिस प्रकार से करोड़ों रुपये का धान गायब पाया और दो अन्य मिल मालिकों से लाखों रुपये की मार्केट फीस की चोरी वसूली गई है, उससे साफ है कि घोटाला कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।
वर्तमान में चीका में 123 राइस मिल है। इनमें से लगभग 100 राइस मिल सरकारी धान की मिलिंग करती हैं। मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की गठित टीम की अगुवाई कर रहे भिवानी के डीएमईओ श्याम सुंदर ने बताया कि धान घोटाले की प्राथमिक जांच में सामने आया है चीका मार्केट कमेटी के अधिकारियों के साथ साथ, खरीद एजेंसियों के अधिकारी, आढ़ती, धान ढुलाई करने वाला ठेकेदार, मंडी के गेट पर गेटपास की जांच करने वाले कर्मचारी से लेकर राइस मिलर तक सब घोटाले में शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि चीका में 100 से अधिक राइस मिलर सरकारी धान की मिलिंग का काम करते हैं, यदि पूरे मामले की बारीकी से जांच की जाए तो घोटाला इससे कहीं बड़ा हो सकता है। पीसी फूड से 6400 क्विंटल धान जगदंबा राइस मिले से गायब मिले 15200 क्विंटल धान की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जएगी।
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पीसी फूड व जगदंबा राइस मिल मालिकों ने सरकार की पीआर धान लेने के साथ अपने स्तर पर आरएस 10 धान भी खरीदी हुई थी और आरएस 10 धान का स्टाक सरकारी पीआर धान के साथ किया गया था। जांच अधिकारी डीएमईओ श्याम सुंदर ने बताया कि यदि वे बोरियों में परखी मारकर अबारीकी से जांच नहीं करते तो उन्हें मालूम ही नहीं पड़ता कि इन बोरियों में पीआर धान न होकर आरएस 10 धान भरा गया है।
मिल मालिकों ने सरकारी धान की चोरी को छुपाने के लिए वहां पर दूसरी किस्म के धान का स्टॉक किया था। सभी मिलों की जांच करनी पड़ी तो इसमें डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है। चीका की अनाज मंडियों में इस सीजन में साढ़े 31 लाख क्विंटल से अधिक पीआर धान के साथ 47 हजार क्विंटल दूसरे किस्म की धान की आवक हुई है। इस पीआर धान की मिलिंग स्थानीय राइस मिलरों की ओर से की जानी है।
अब कैथल में भी राइस मिलों की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चीका के बाद अब कैथल में भी जिला प्रशासन ने राइस मिलों में धान के स्टॉक की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत रविवार को छुट्टी के दिन भी डीसी प्रशांत की तरफ से गठित की गई छह सदस्यीय टीम ने चार राइस मिलों की जांच की।
यह जांच एसडीएम कपिल कुमार के नेतृत्व में की गई। इस टीम में एसडीएम कपिल के अलावा डीएफएससी कार्यालय से विनोद कुमार, मार्केट कमेटी कैथल सचिव बसाऊ राम, वेयर हाउस से बनी सिंह, हैफेड से रामफल और मंडी सुपरवाइजर सुखदीप सिंह शामिल रहे। टीम ने रविवार को तितरम और चंदाना गांव के पास और शहर के दो राइस मिलों में धान की स्टॉक को लेकर जांच की। जांच में एक राइस मिल में करीब 300 क्विंटल पीआर किस्म का धान का स्टॉक कम मिला है। हालांकि इस पर टीम के प्रभारी व एसडीएम कपिल कुमार का कहना है कि जांच के दौरान कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई है। जांच डीसी प्रशांत पंवार के आदेशों पर की गई है।
उधर सरकार की तरफ से बनाई गई मार्केटिंग की टीम को चीका में चार राइस मिलों में करीब 4.48 करोड़ रुपये के धान के स्टॉक में कमी मिली थी। इसके बाद से अब जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है और चीका के बाद अब कैथल में भी जांच की कार्रवाई शुरू की है। चीका में मार्केटिंग बोर्ड की टीम का प्रभारी भिवानी के डीएमईओ श्याम सुंदर को बनाया गया है। वहीं, इस मामले में चीका के मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र को भी निलंबित किया जा चुका है।