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Kaithal News: दौड़ रहे ओवरलोड वाहन हादसों का बढ़ रहा खतरा
Sun, 23 Nov 2025 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:45 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। अधिकतर हादसों का कारण ओवरलोड वाहन हैं। नियम तोड़ रहे इन ओवरलोड वाहनों के आगे कानून भी बेबस नजर आता है। हालांकि आरटीए की टीमें लगातार जुर्माना कर रही हैं इसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे। छह माह में साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक के चालान किए जा चुके हैं।
इनमें जनवरी में 125 चालान, फरवरी में 115, मार्च में 102, अप्रैल में 102, मई में 125, जून में 109, जुलाई में 92, अगस्त में 48, सितंबर में 106, अक्तूबर में 122 चालान किए हैं। फिर भी सड़कों पर ओवरलोड वाहन कम नहीं हो रहे। ग्रामीण सड़कों की बात छोड़िए, हाईवे और शहर में भी भूसा और पराली आदि लेकर चलते बेखौफ ओवरलोड वाहन आम देखे जा सकते हैं।
ये वाहन पुलिस चौकी-थाने के आगे से फर्राटा भरते हुए गुजर जाते हैं। कोई इन्हें रोककर कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारी नहीं निभाता। सड़कों पर दौड़ते अधिकतर ट्रैक्टर-ट्राॅली का पंजीकरण कृषि कार्य के लिए हुआ है लेकिन नियमों के खिलाफ इनका व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ट्रैक्टर-ट्राॅली में ओवरलोड भूसा और पराली भरने के बाद इनकी ऊंचाई और चौड़ाई इतनी हो जाती है कि पूरी सड़क घिर जाती है। अन्य वाहन चालकों का निकलना मुश्किल होता है। इससे जाम के हालात बनते हैं। वहीं खनन आदि के कार्य में प्रयोग किए जा रहे ट्रक आदि भी नियमों के खिलाफ ओवरलोड होकर चल रहे।
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कैथल। सड़क हादसे बढ़ रहे हैं। अधिकतर हादसों का कारण ओवरलोड वाहन हैं। नियम तोड़ रहे इन ओवरलोड वाहनों के आगे कानून भी बेबस नजर आता है। हालांकि आरटीए की टीमें लगातार जुर्माना कर रही हैं इसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे। छह माह में साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक के चालान किए जा चुके हैं।
इनमें जनवरी में 125 चालान, फरवरी में 115, मार्च में 102, अप्रैल में 102, मई में 125, जून में 109, जुलाई में 92, अगस्त में 48, सितंबर में 106, अक्तूबर में 122 चालान किए हैं। फिर भी सड़कों पर ओवरलोड वाहन कम नहीं हो रहे। ग्रामीण सड़कों की बात छोड़िए, हाईवे और शहर में भी भूसा और पराली आदि लेकर चलते बेखौफ ओवरलोड वाहन आम देखे जा सकते हैं।
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ये वाहन पुलिस चौकी-थाने के आगे से फर्राटा भरते हुए गुजर जाते हैं। कोई इन्हें रोककर कार्रवाई करते हुए जिम्मेदारी नहीं निभाता। सड़कों पर दौड़ते अधिकतर ट्रैक्टर-ट्राॅली का पंजीकरण कृषि कार्य के लिए हुआ है लेकिन नियमों के खिलाफ इनका व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इन ट्रैक्टर-ट्राॅली में ओवरलोड भूसा और पराली भरने के बाद इनकी ऊंचाई और चौड़ाई इतनी हो जाती है कि पूरी सड़क घिर जाती है। अन्य वाहन चालकों का निकलना मुश्किल होता है। इससे जाम के हालात बनते हैं। वहीं खनन आदि के कार्य में प्रयोग किए जा रहे ट्रक आदि भी नियमों के खिलाफ ओवरलोड होकर चल रहे।
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