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Kaithal News: खेतों का जैविक कार्बन 0.5 से नीचे, राज्यपाल बोले- जमीन बंजर होगी नहीं, हो चुकी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 11:42 PM IST
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organic carbon in farmlands is below
गावं गोविंदपुरा में किसान संगोष्ठी में मौजूद किसान। संवाद
कैथल/सीवन। गुजरात व महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि पूरे हरियाणा में खेती भूमि का जैविक कार्बन 0.5 प्रतिशत से नीचे है। इतना रसायन खेतों में डालने के बाद भी किसान भ्रम में है कि जमीन बंजर हो जाएगी लेकिन सच यह है कि जमीन बंजर होगी नहीं, हो चुकी है। जो जैविक कार्बन 0.75 से ऊपर होना चाहिए वो 0.1 से लेकर 0.5 के बीच आ गया है। इससे पता चलता है कि हम कितना रसायन, यानी जहर खेतों में डाल रहे हैं।
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत सीवन के गांव गोविंदपुरा में प्रगतिशील किसान व पूर्व सरपंच गज्जन सिंह गोविंदपुरा के निवास पर आयोजित प्राकृतिक खेती संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से जमीन की उर्वरता प्रभावित हो रही है और खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन और उपजाऊ धरती के लिए खेती की पद्धति में बदलाव लाना जरूरी है। प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, पानी बचाने और लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
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कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने गांव गोविंदपुरा में गज्जन सिंह की ओर से दी गई जमीन पर शहीद ऊधम सिंह चौक का शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम के आयोजक व पूर्व सरपंच गज्जन सिंह गोविंदपुरा ने कहा कि इस छोटे से गांव में राज्यपाल के कदम पड़ना गर्व की बात है।
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रासायनिक खादों के अधिक इस्तेमाल पर जताई चिंता
आचार्य देवव्रत ने कहा कि खेती में रासायनिक खादों के बढ़ते इस्तेमाल से किसानों का खर्च बढ़ रहा है। उनका कहना था कि मिट्टी में उपयोगी जीवाणुओं और केंचुओं की मौजूदगी भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से मिट्टी की सेहत सुधारने और खेती को कम खर्चीला बनाने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। उन्होंने किसानों को कुरुक्षेत्र गुरुकुल में प्राकृतिक खेती के अनुभवों का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देशी गाय के गोबर और गोमूत्र सहित प्राकृतिक संसाधनों से तैयार किए जाने वाले मिश्रण का उचित तरीके से इस्तेमाल करके किसान इस पद्धति को समझ सकते हैं। किसानों को चाहिए कि वे जानकारी और प्रशिक्षण लेकर धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। राज्यपाल ने कहा कि दूषित पानी, प्रदूषित हवा और भोजन में रासायनिक अवशेषों की आशंका स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।

शहीद उधम सिंह के बलिदान को किया याद
कार्यक्रम के दौरान आचार्य देवव्रत ने शहीद ऊधम सिंह चौक के शिलान्यास के बाद कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद रखना और नई पीढ़ी तक उनके संघर्ष की जानकारी पहुंचाना जरूरी है। शहीद उधम सिंह ने देश की आजादी के लिए साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया था। उनका जीवन और देश के प्रति समर्पण युवाओं को प्रेरित करता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने सरदार गज्जन सिंह की ओर से शहीद उधम सिंह के जीवन पर लिखी पुस्तक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, चीका नगर पालिका की चेयरपर्सन डॉ. रेखा रानी, कंवलजीत कौर सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित रहे। शहीद उधम सिंह के पौत्र जीत सिंह, पैरा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता तीरंदाज हरविंदर सिंह और क्षेत्र के अनेक किसान भी कार्यक्रम में पहुंचे।

गावं गोविंदपुरा में किसान संगोष्ठी में मौजूद किसान। संवाद

गावं गोविंदपुरा में किसान संगोष्ठी में मौजूद किसान। संवाद

गावं गोविंदपुरा में किसान संगोष्ठी में मौजूद किसान। संवाद

गावं गोविंदपुरा में किसान संगोष्ठी में मौजूद किसान। संवाद

गावं गोविंदपुरा में किसान संगोष्ठी में मौजूद किसान। संवाद

गावं गोविंदपुरा में किसान संगोष्ठी में मौजूद किसान। संवाद

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