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Kaithal News: बंद किए गए 22 निजी अस्पतालों में ऑपरेशन

Sun, 08 Jun 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 08 Jun 2025 12:42 AM IST
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Operations were stopped in 22 private hospitals
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हरियाणा सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना के पैनल वाले अस्पतालों में पांच बीमारियों के ऑपरेशन बंद करने के फैसले के बाद जिलेभर के मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अब इन रोगों का इलाज केवल सरकारी अस्पतालों में ही संभव होगा, जबकि निजी अस्पतालों में यह सुविधा आयुष्मान योजना के तहत नहीं मिलेगी।

जिले में वर्तमान में आयुष्मान योजना से जुड़े 22 निजी अस्पताल पैनल पर हैं, जहां प्रतिदिन औसतन एक से दो ऑपरेशन होते थे। अब यह सेवा बंद होने से मरीजों को या तो सरकारी अस्पतालों में लंबा इंतजार करना पड़ेगा, या फिर निजी अस्पताल में महंगा इलाज करवाना होगा।
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गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में केवल एक ही नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। ओपीडी में सुबह से ही इनके पास मरीजों की लंबी लाइन लग जाती है। ऐसे में दोनों मरीजों की सर्जरी के लिए बड़ी मुश्किल से वक्त निकाल पाते हैं। जब वह सर्जरी करने जाते हैं तो आंखों की ओपीडी नहीं हो पाती।
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इसी तरह महिलाओं को बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के लिए मजबूरी में प्राइवेट अस्पताल में जाना पड़ सकता है। जबकि गायिनी वार्ड में भी एक एकमात्र महिला रोग विशेषज्ञ हैं। वहीं, पित्त की पथरी का ऑपरेशन कराने वालों को भी लंबी वेटिंग मिल सकती है, क्योंकि जिले में केवल दो ही सर्जन हैं। इन सीमित संसाधनों के चलते पहले ही ओपीडी में मरीजों कतारें लगती हैं। ऐसे में जब ऑपरेशन का बोझ सरकारी अस्पतालों पर आएगा, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऑपरेशन के दौरान ओपीडी सेवाएं बाधित हो जाती हैं, जिससे आम मरीजों को दिक्कतें संभव हो सकती है।

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मोतियाबिंद का ऑपरेशन

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बच्चेदानी का ऑपरेशन

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दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन

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उल्टी-दस्त (गैस्ट्रो एंटेराइटिस)
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सांस की बीमारी (दमा आदि)

इन बीमारियों का इलाज अब केवल सरकारी अस्पतालों में ही संभव होगा।
आयुष्मान योजना में इलाज कराने वाले 100 में से 55 मरीज इन्हीं बीमारियों से पीड़ित होते हैं, जबकि 60-70% ऑपरेशन मोतियाबिंद के होते हैं। इसके बाद पित्त की थैली के और बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने वाले लोग हैं।
पांच लाख रुपये तक का करवा सकते हैं इलाज

आयुष्मान भारत योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य देश के आर्थिक रूप से कमजोर तबके को निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार मुहैया कराना है। यह योजना वर्ष 2018 में शुरू की गई थी और इसे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नाम से भी जाना जाता है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक के निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाती है। सरकारी के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी यह लाभ कैशलेस रूप में उपलब्ध होता है। इस योजना के तहत गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, दिल की सर्जरी और किडनी ट्रांसप्लांट का इलाज भी कवर किया गया है। सामाजिक-आर्थिक जनगणना 2011 के आधार पर तय लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलता है।

जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त व्यवस्था है। हमारे पास सर्जन, फिजिशियन और स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर सेवा दी जाएगी। किसी को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन, कैथल
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