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इंटरनेट बंद होने से ऑनलाइन कामकाज ठप रहा
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Online work stalled due to internet shutdown
- फोटो : Kaithal
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करनाल में किसान महापंचायत के चलते कैथल में इंटरनेट सेवा बंद रहने से ऑनलाइन कामकाज ठप हो गया। वहीं फेसबुक और व्हाट्सएप पर एक दूसरे को संदेश नहीं भेज पाए। मोबाइल पर ओटीपी न आने के कारण जहां ई-दिशा केंद्र में बनने वाले विभिन्न तरह के प्रमाण पत्रों का काम प्रभावित रहा। वहीं ऑनलाइन भुगतान का भी काम पूरी तरह से ठप रहा। मोबाइल इंटरनेट बंद होने से ग्राहक अपने वॉलेट से ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सके। बाजारों में दुकानों पर भुगतान को लेकर लोग परेशान दिखे।
कई जगह तो दुकानदार का भुगतान करने के लिए ग्राहक को एटीएम से रुपये निकालने पड़े। पेट्रोल पंप पर जो ग्राहक अधिक तेल भरवाते थे ,उन्हें कामचलाऊ हिसाब से तेल भरवाना पड़ा। शॉपिंग मॉल से लेकर दुकानों पर भी ऑनलाइन वॉलेट पेमेंट के लिए रखे गए बारकोड को स्कैन करके भुगतान करने वालों की संख्या में 99 फीसदी गिरावट देखी गई। दुकानदारों ने कहा इंटरनेट सेवा बंद होने से कई ग्राहक तो बाजार में नाममात्र खरीदारी की खरीदारी करके वापस चले गए।
डिजिटल पेमेंट का मोबाइल एप्लीकेशन बैंक खाते से जुड़ा होता है। इससे सुरक्षित तरीके से डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिल रही है। यूपीआई से बिलों का भुगतान आसान हुआ है। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर फंड ट्रांसफर करने में परेशानी हुई। क्योंकि इंटरनेट सेवा बंद होने से पेट्रोल पंप पर सर्वाधिक परेशानी देखने को मिली। एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने आने विनोद कुमार ने बताया कि उसने अपनी गाड़ी में डीजल तेल भरवा लिया। जब पेमेंट के लिए मोबाइल एप्लीकेशन से भुगतान करने की कोशिश की तो वह विफल रहा। ऐसे में एटीएम कार्ड से भुगतान करना पड़ा। सरकार को चाहिए वह इंटरनेट सेवा महापंचायत स्थल के आसपास बंद करे, जिससे आम नागरिकों को परेशानी न हो।
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शहरवासी दीपक, राजू, कर्मबीर व राजकुमार ने बताया कि सरकार द्वारा इंटरनेट मीडिया पर रोक लगाने की बजाए सीधे इंटरनेट पर ही रोक लगा दी गई। इससे आमजन परेशान है। इसकी यह वजह है कि इंटरनेट अब मूलभूत जरूरत बन गई। बिना इंटरनेट के जरूरी काम भी नहीं होते।
क्लाथ विक्रेता सतीश कुमार ने बताया कि आज कल ज्यादातर लोग खरीदारी करते समय गूगल पे अथवा पेटीएम से भुगतान करना पसंद करते हैं। इससे भुगतान करने में ग्राहकों को कैशबैक का ऑफर मिलता है। इंटरनेट सेवाएं बंद होने से कई ग्राहकों को अपनी दुकान पर लगे इंटरनेट कनेक्शन का वाईफाई कनेक्ट कर भुगतान कराया गया।
लघु सचिवालय में बने ई-दिशा केंद्र में मोबाइल पर एसएमएस न आने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस, जाति, रिहायशी व अन्य प्रकार के प्रमाण पत्रों का काम प्रभावित रहा। यहां वैसे तो इंटरनेट की सुविधा मौजूद रही। लेकिन आवेदनकर्ता के मोबाइल पर एक एसएमएस भेजकर पुष्टि की जाती है। एसएमएस पर प्रतिबंध होने के कारण यहां काम काज प्रभावित रहा।
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कई जगह तो दुकानदार का भुगतान करने के लिए ग्राहक को एटीएम से रुपये निकालने पड़े। पेट्रोल पंप पर जो ग्राहक अधिक तेल भरवाते थे ,उन्हें कामचलाऊ हिसाब से तेल भरवाना पड़ा। शॉपिंग मॉल से लेकर दुकानों पर भी ऑनलाइन वॉलेट पेमेंट के लिए रखे गए बारकोड को स्कैन करके भुगतान करने वालों की संख्या में 99 फीसदी गिरावट देखी गई। दुकानदारों ने कहा इंटरनेट सेवा बंद होने से कई ग्राहक तो बाजार में नाममात्र खरीदारी की खरीदारी करके वापस चले गए।
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डिजिटल पेमेंट का मोबाइल एप्लीकेशन बैंक खाते से जुड़ा होता है। इससे सुरक्षित तरीके से डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिल रही है। यूपीआई से बिलों का भुगतान आसान हुआ है। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर फंड ट्रांसफर करने में परेशानी हुई। क्योंकि इंटरनेट सेवा बंद होने से पेट्रोल पंप पर सर्वाधिक परेशानी देखने को मिली। एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने आने विनोद कुमार ने बताया कि उसने अपनी गाड़ी में डीजल तेल भरवा लिया। जब पेमेंट के लिए मोबाइल एप्लीकेशन से भुगतान करने की कोशिश की तो वह विफल रहा। ऐसे में एटीएम कार्ड से भुगतान करना पड़ा। सरकार को चाहिए वह इंटरनेट सेवा महापंचायत स्थल के आसपास बंद करे, जिससे आम नागरिकों को परेशानी न हो।
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शहरवासी दीपक, राजू, कर्मबीर व राजकुमार ने बताया कि सरकार द्वारा इंटरनेट मीडिया पर रोक लगाने की बजाए सीधे इंटरनेट पर ही रोक लगा दी गई। इससे आमजन परेशान है। इसकी यह वजह है कि इंटरनेट अब मूलभूत जरूरत बन गई। बिना इंटरनेट के जरूरी काम भी नहीं होते।
क्लाथ विक्रेता सतीश कुमार ने बताया कि आज कल ज्यादातर लोग खरीदारी करते समय गूगल पे अथवा पेटीएम से भुगतान करना पसंद करते हैं। इससे भुगतान करने में ग्राहकों को कैशबैक का ऑफर मिलता है। इंटरनेट सेवाएं बंद होने से कई ग्राहकों को अपनी दुकान पर लगे इंटरनेट कनेक्शन का वाईफाई कनेक्ट कर भुगतान कराया गया।
लघु सचिवालय में बने ई-दिशा केंद्र में मोबाइल पर एसएमएस न आने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस, जाति, रिहायशी व अन्य प्रकार के प्रमाण पत्रों का काम प्रभावित रहा। यहां वैसे तो इंटरनेट की सुविधा मौजूद रही। लेकिन आवेदनकर्ता के मोबाइल पर एक एसएमएस भेजकर पुष्टि की जाती है। एसएमएस पर प्रतिबंध होने के कारण यहां काम काज प्रभावित रहा।