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चार मामलों में एक लाख 18 हजार 80 रुपये की धोखाधड़ी, केस दर्ज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 12:30 AM IST
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One lakh 18 thousand fraud in four cases, sued
कैथल। धोखाधड़ी के चार मामलों में आरोपियों ने चार लोगों से एक लाख 18 हजार 80 रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने चारों मामलों में केस दर्ज कर लिया है। पहले मामले में चंदाना रोड निवासी साहब सिंह ने सिटी थाना में शिकायत दी कि वह मेहनत मजदूरी का काम करता है। यूनियन बैंक कैथल में उसका खाता है। 31 मार्च को उसके चाचा सुरेश कुमार के पास फोन आया। फोन करने वाले ने उसके चाचा को उसका जानकार बताया। आरोपी ने कहा कि उसके पास कुछ पैसे आने हैं। खाते में नहीं आ रहे हैं। अपना खाता नंबर या फोन पे नंबर दे दीजिए। बाद में आकर पैसे वापस ले लूंगा। उसके चाचा सुरेश कुमार ने फोन करने वाले पर विश्वास करके मोबाइल नंबर दे दिया। उसके बाद उसके मोबाइल नंबर पर फोन आया तो आरोपी ने कहा कि वह सुरेश का जानकार बोल रहा है। उसने आपका नंबर दिया है। उसे कुछ रुपये डालने हैं, अपना फोन पे नंबर दे दीजिए। उसने उसके फोन पे खाते में चार रुपये का मैसेज भेजा। खाते में चार रुपये जमा होने का संदेश मिला। आरोपी ने फोन पर रिक्वेस्ट भेजकर पहले 20 हजार रुपये, फिर 20 हजार व बाद में दो हजार रुपये निकाल लिए। इस तरह से आरोपी ने उसके चाचा सुरेश का जानकार बताकर उसके खाते में पैसे डालने का झांसा देकर 42 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है।
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पुलिस को दी दूसरी शिकायत में जुलानी खेड़ा निवासी दीपक कुमार ने बताया कि 30 जनवरी को उसके पास एक नंबर से फोन आया कि फ्लिपकार्ट से बोल रहे हैं। एक दिन पहले उसने फ्लिपकार्ट से फोन का ऑर्डर रद्द किया था। इसके 28 हजार 720 रुपये वापस नहीं आए थे। आरोपी ने एनीडेस्क के नाम से एप्लीकेशन डाउन लोड करवाई। उसके बाद उसे खुलवाया। उसमें एड डू कार्ट में जाकर क्रेडिट कार्ड नंबर एड करवाया। इसके बाद खाते से पैसे कटने के चार संदेश आए। ऐसे में उसके साथ 20 हजार 330 रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
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तीसरी शिकायत में फरल निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण डाक सेवा में नौकरी लेने के लिए 2020 में फार्म भरा था। 2020 के बाद नवंबर 2021 को फोन आया कि ग्रामीण डाक सेवा में नियुक्ति हो गई है। तीन-चार दिन में फोन आया कि हम दिल्ली हेड ऑफिस से बोल रहे हैं आपके कंप्यूटर के कागज पूरे नहीं हैं। आप कागज ठीक कराने के लिए 5500 रुपये भेजें। फिर उन्होंने सिक्योरिटी के पैसे जमा कराने के लिए 8250 रुपये फोन पे करवाए। तीसरी बार स्पीड पोस्ट चार्ज के नाम से 9300 रुपये भरने के लिए कहा। स्पीड पोस्ट नाम से कोई चार्ज नहीं होता, इसलिए उसने पैसे देने से साफ मना कर दिया। आरोपी ने उससे दो बार में 13750 रुपये ठग लिए।
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चौथी शिकायत में पूंडरी निवासी संदीप ने बताया कि 29 मई को दीपक फफड़ाना के नंबर से उसके पास फोन आया। वह उसका राजौंद आईटीआई में विद्यार्थी था। आरोपी ने उससे फोन पर गूगल पे चलाने के बारे में पूछा। उसने कहा चलाता हूं। फोन करने वाले ने कहा कि उसके कुछ पैसे कंपनी में फंसे हुए हैं। कंपनी वाले बोल रहे हैं गूगल पे कर देंगे। वह गूगल पे नहीं चला रहा है। कंपनी से पैसे आने के बाद वह उससे पैसे ले लेगा। इसके बाद उसने गूगल पे का नंबर दे दिया और उसके खाते से 42 हजार रुपये कट गए। वह दीपक के घर गया, लेकिन वह दीपक का नंबर नहीं था। पुलिस ने चारों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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