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Kaithal News: परिवहन क्षेत्र में लागू हो एक देश-एक नीति

Sun, 01 Oct 2023 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 01 Oct 2023 12:58 AM IST
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One country-one policy should be implemented in the transport sector
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। नई अनाज मंडी स्थित भाईचारा ट्रक यूनियन के कार्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय संयुक्त मोर्चा ट्रक ट्रांसपोर्ट एंड सारथी यूनियन की बैठक हुई।

इसमें पूरे प्रदेश के 22 जिलों के ट्रांसपोर्टरों ने हिस्सा लिया। बैठक में परिवहन क्षेत्र की मांगों पर चर्चा करते हुए मांग की गई कि परिवहन क्षेत्र में एक देश एक नीति लागू की जाए। बैठक में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. राजकुमार यादव व उपाध्यक्ष रविंद्र बदानी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. राजकुमार का कहना था कि हमारे भारत देश में सभी राज्यों में परिवहन की नीतियां अलग-अलग हैं। इस वजह से ट्रांसपोर्टरों व अन्य चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। परिवहन नीतियां सही नहीं हैं। कहीं पर ओवरलोडिंग का चालान दो हजार रुपये है तो कहीं आठ हजार रुपये। वहीं, प्रदेश में ओवरलोडिंग का चालान 20 हजार रुपये है। यह देश में सबसे अधिक है। डाॅ. राजकुमार ने कहा कि परिवहन उद्योग की नीतियों को लेकर भी सरकार को बदलाव लाने की जरूरत है। ट्रांसपोर्टर पहले ही गरीबी से जूझ रहे हैं। करीब साढ़े 22 करोड़ रुपये की आबादी इस काम जुड़ी है। उन्होंने मांग की कि पांच प्रतिशत छूट पर ब्याज भी दिया जाना चाहिए। कुछ उद्योगपति ट्रांसपोर्ट का काम कर रहे हैं।

सरकार उन्हें तो छूट दे रही है, जबकि आम ट्रांसपोर्टर को यह लाभ नहीं दिया जा रहा है। जीएसटी का सरलीकरण किया जाना चाहिए। एक देश एक कानूनी होना चाहिए।

उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि हर साल करोड़ों का राजस्व ट्रांसपोर्ट देते हैं, इसके बावजूद सरकार इस उद्योग की अनदेखी कर रही है। यदि सरकार नहीं जागी तो ट्रांसपोर्टर अपना काम तो बंद नहीं करेंगे, लेकिन नई गाड़ियों को खरीदना बंद कर देंगे कई घोटाले जीपीएस के नाम पर किए जा चुके हैं।
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ट्रांसपोर्ट यूनियन के जिला प्रधान बिजेंद्र सहारण ने कहा कि धान सीजन में ट्रकों पर जीपीएस सिस्टम लागू होने से उठान का कार्य प्रभावित हो रहा हे। यह जीपीएस सिस्टम ट्रक चालकों पर ही थोपा गया है। पहले 2200 से 2300 रुपये था, लेकिन अब 4500 से अधिक कर दिया है। यह जीपीएस सिस्टम का भुगतान आढ़तियों व उठान का टेंडर लेने वाली एजेंसी से ही वसूला जाए। जीपीएस के नाम पर गोलमाल हो रहा है। इसे बंद किया जाना चाहिए। ओवरलोड के नाम पर लोकेशन का गिरोह सक्रिय है।
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इसके लिए डीसी, एसपी व आरटीओ को जानकारी दी गई है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। प्रदेश सरकार को ट्रैक्स दिया जाता है, बावजूद इसके चालान सरकार की तरफ से किया जाता है। इस कार्यक्रम में पंजाब-हरियाणा मोर्चा के अध्यक्ष मंजीत सिरसा, सलाहकार समिति के सदस्य सोमदत्त शर्मा, अनिल भारद्वाज, आदि मौजूद थे।
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