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Kaithal News: सावन के अंतिम सोमवार पर लगे बम-बम भोले के जयकारे
Tue, 05 Aug 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:45 AM IST
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20 कैथल। सावन माह के अंतिम सोमवार को शिव शक्ति धाम मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। मंदिर
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सावन माह के अंतिम सोमवार को जिलेभर के शिवालयों और मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस दौरान वे बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते रहे। भक्तों ने पूरे भक्ति भाव से भगवान शिव की आराधना की और जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर मनोकामनाएं मांगी।
सुबह से ही श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, भस्म, दूध और गंगाजल लेकर मंदिरों की ओर जाते नजर आए। शहर के ऐतिहासिक श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पार्क रोड, छात्रावास रोड, शिव शक्ति धाम मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी सुबह 5 बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और घी चढ़ाते हुए लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया।
शिव शक्ति धाम मंदिर के पुजारी पं. प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि सावन भगवान शिव को प्रिय महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय निकले हलाहल विष को जब भगवान शिव ने ग्रहण किया, तब उनकी तप्त देह को शीतलता देने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया। तभी से शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा प्रचलित हुई। सावन के प्रत्येक सोमवार को विशेष पूजन होता है, जिसे श्रावण सोमवार कहा जाता है। स्त्रियां विशेष रूप से यह व्रत उत्तम वर की प्राप्ति और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं।
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कैथल। सावन माह के अंतिम सोमवार को जिलेभर के शिवालयों और मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस दौरान वे बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते रहे। भक्तों ने पूरे भक्ति भाव से भगवान शिव की आराधना की और जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर मनोकामनाएं मांगी।
सुबह से ही श्रद्धालु बेलपत्र, धतूरा, भस्म, दूध और गंगाजल लेकर मंदिरों की ओर जाते नजर आए। शहर के ऐतिहासिक श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, हनुमान वाटिका स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पार्क रोड, छात्रावास रोड, शिव शक्ति धाम मंदिर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों में भी सुबह 5 बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और घी चढ़ाते हुए लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया।
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शिव शक्ति धाम मंदिर के पुजारी पं. प्रेमशंकर शास्त्री ने बताया कि सावन भगवान शिव को प्रिय महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार समुद्र मंथन के समय निकले हलाहल विष को जब भगवान शिव ने ग्रहण किया, तब उनकी तप्त देह को शीतलता देने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया। तभी से शिवलिंग पर जल चढ़ाने की परंपरा प्रचलित हुई। सावन के प्रत्येक सोमवार को विशेष पूजन होता है, जिसे श्रावण सोमवार कहा जाता है। स्त्रियां विशेष रूप से यह व्रत उत्तम वर की प्राप्ति और सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं।

20 कैथल। सावन माह के अंतिम सोमवार को शिव शक्ति धाम मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। मंदिर - फोटो : संवाद

20 कैथल। सावन माह के अंतिम सोमवार को शिव शक्ति धाम मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु। मंदिर - फोटो : संवाद
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