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Kaithal News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सीधा मकान मालिक को किराया देने के फैसले का किया विरोध
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15 ढांड 01 मीटिंग में भाग लेते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
ढांड। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन हरियाणा की जिला सचिव संतोष देवी ने कहा कि किराए के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के किराए का समय पर भुगतान नहीं किया जाना कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार अब किराए की राशि सीधे मकान मालिकों के खाते में भेजने की व्यवस्था लागू करने की बात कह रही है जिससे कार्यकर्ताओं की परेशानी और बढ़ सकती है।
संतोष देवी ने कहा कि पहले भी सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के किराए का भुगतान समय पर नहीं किया जाता। कई-कई महीने बाद किराया मिलता है जबकि कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से मकान मालिकों को समय पर किराया देना पड़ता है। यदि समय पर किराया नहीं दिया जाता तो मकान मालिक केंद्र खाली करवाने की धमकी देते हैं। उन्होंने मांग की कि आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया पूर्व की तरह कार्यकर्ताओं के खाते में ही दिया जाए।
उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर केंद्रों का किराया सरकार की ओर से निर्धारित राशि से भी अधिक देना पड़ता है। यदि सरकार ने इस समस्या का समाधान नहीं किया तो यूनियन आंदोलन करने को मजबूर होगी। आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में कई वर्षों से महंगाई के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा सिलिंडर भरवाने के पैसे भी समय पर नहीं दिए जाते। दूसरी ओर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है और विभाग से आने वाला हर अतिरिक्त कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों के जिम्मे डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह कार्यप्रणाली उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो 26 अक्तूबर को रोहतक में होने वाली महापंचायत में इन मुद्दों को उठाया जाएगा।
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संतोष देवी ने कहा कि पहले भी सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के किराए का भुगतान समय पर नहीं किया जाता। कई-कई महीने बाद किराया मिलता है जबकि कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से मकान मालिकों को समय पर किराया देना पड़ता है। यदि समय पर किराया नहीं दिया जाता तो मकान मालिक केंद्र खाली करवाने की धमकी देते हैं। उन्होंने मांग की कि आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया पूर्व की तरह कार्यकर्ताओं के खाते में ही दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर केंद्रों का किराया सरकार की ओर से निर्धारित राशि से भी अधिक देना पड़ता है। यदि सरकार ने इस समस्या का समाधान नहीं किया तो यूनियन आंदोलन करने को मजबूर होगी। आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में कई वर्षों से महंगाई के अनुरूप बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा सिलिंडर भरवाने के पैसे भी समय पर नहीं दिए जाते। दूसरी ओर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है और विभाग से आने वाला हर अतिरिक्त कार्य आंगनबाड़ी कर्मियों के जिम्मे डाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह कार्यप्रणाली उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों का समाधान नहीं किया तो 26 अक्तूबर को रोहतक में होने वाली महापंचायत में इन मुद्दों को उठाया जाएगा।

15 ढांड 01 मीटिंग में भाग लेते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता।
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