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Kaithal News: निर्धारित प्रोफार्मा में 25 तक रिपोर्ट पेश करें अधिकारी
Fri, 19 Jul 2024 05:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 19 Jul 2024 05:43 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार लघु सचिवालय स्थित सभागार में विधानसभा चुनाव को लेकर क्रिटिकल व वल्नरेबल बूथों को चिह्नित करने के लिए जोनल मजिस्ट्रेट / सेक्टर ऑफिसर को निर्देश दिए। इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर क्रिटिकल व वल्नरेबल बूथों को चिह्नित किया जाना है। सभी जोनल मजिस्ट्रेट / सैक्टर ऑफिसर आयोग की ओर से निर्धारित मानकों के आधार पर ही इन बूथों को चिह्नित करना सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी एक्शन मोड में कार्य करते हुए निर्धारित प्रोफार्मा में 25 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। कहा कि सभी सेक्टर ऑफिसर संबंधित गांवों व शहरों में स्थापित सभी बूथों का दौरा करें और वहां पर मौजिज व्यक्तियों से संपर्क करके रिपोर्ट तैयार करें कि कोई ऐसा वर्ग किसी जाति विशेष के दबाव में आकर वोट तो नहीं कर रहा या फिर पैसे के लालच में वोट कर रहा है। विजिट के दौरान इस बात की भी पहचान करें कि संबंधित गांव या कॉलोनी में कौन-कौन लोग वल्नेरेबिलिटी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एसपी से कहा कि वे सेक्टर ऑफिसर के साथ एक-एक पुलिस सेक्टर ऑफिसर भी नियुक्त करें। चुनाव को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखें ताकि समय रहते इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इस अवसर पर एसपी उपासना, एडीसी सी जया श्रद्धा, कैथल एसडीएम ब्रह्म प्रकाश, कलायत एसडीएम सत्यवान सिंह मान, एसडीएम गुहला कृष्ण कुमार, चुनाव नायब तहसीलदार सुभाष सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ भी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की। इसके अलावा बैठक के दौरान पोलिंग बूथों में बदलाव के लिए आए प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर राजनीतिक प्रतिनिधियों में सुरेंद्र रांझा, चंद्रभान आदि मौजूद रहे।
यह भी जानें
निर्वाचन आयोग ने संवेदनशील, सामान्य श्रेणी के बजाय वल्नरेबल, क्रिटिकल श्रेणी के मतदान केंद्रों का चयन किया है। क्रिटिकल की संज्ञा ऐसे मतदान केंद्रों को दी गई है जहां 70 फीसद से अधिक पूर्व में मतदान हुआ हो, या लड़ाई झगड़ा होता रहा। वहीं बल्नरेबल मतदान केंद्र को इस लिहाज से शामिल किया गया, जहां पर कोई दबंग व्यक्ति, समुदाय विशेष का दबदबा व कोई कारक प्रभावित रहा हो। ऐसे ही व्यक्ति को चुनाव से पहले पुलिस गुंडा एक्ट में चालान करती है।
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कैथल। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार लघु सचिवालय स्थित सभागार में विधानसभा चुनाव को लेकर क्रिटिकल व वल्नरेबल बूथों को चिह्नित करने के लिए जोनल मजिस्ट्रेट / सेक्टर ऑफिसर को निर्देश दिए। इस मौके पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर क्रिटिकल व वल्नरेबल बूथों को चिह्नित किया जाना है। सभी जोनल मजिस्ट्रेट / सैक्टर ऑफिसर आयोग की ओर से निर्धारित मानकों के आधार पर ही इन बूथों को चिह्नित करना सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी एक्शन मोड में कार्य करते हुए निर्धारित प्रोफार्मा में 25 जुलाई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। कहा कि सभी सेक्टर ऑफिसर संबंधित गांवों व शहरों में स्थापित सभी बूथों का दौरा करें और वहां पर मौजिज व्यक्तियों से संपर्क करके रिपोर्ट तैयार करें कि कोई ऐसा वर्ग किसी जाति विशेष के दबाव में आकर वोट तो नहीं कर रहा या फिर पैसे के लालच में वोट कर रहा है। विजिट के दौरान इस बात की भी पहचान करें कि संबंधित गांव या कॉलोनी में कौन-कौन लोग वल्नेरेबिलिटी पैदा कर रहे हैं। उन्होंने एसपी से कहा कि वे सेक्टर ऑफिसर के साथ एक-एक पुलिस सेक्टर ऑफिसर भी नियुक्त करें। चुनाव को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखें ताकि समय रहते इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। इस अवसर पर एसपी उपासना, एडीसी सी जया श्रद्धा, कैथल एसडीएम ब्रह्म प्रकाश, कलायत एसडीएम सत्यवान सिंह मान, एसडीएम गुहला कृष्ण कुमार, चुनाव नायब तहसीलदार सुभाष सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ भी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक की। इसके अलावा बैठक के दौरान पोलिंग बूथों में बदलाव के लिए आए प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर राजनीतिक प्रतिनिधियों में सुरेंद्र रांझा, चंद्रभान आदि मौजूद रहे।
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निर्वाचन आयोग ने संवेदनशील, सामान्य श्रेणी के बजाय वल्नरेबल, क्रिटिकल श्रेणी के मतदान केंद्रों का चयन किया है। क्रिटिकल की संज्ञा ऐसे मतदान केंद्रों को दी गई है जहां 70 फीसद से अधिक पूर्व में मतदान हुआ हो, या लड़ाई झगड़ा होता रहा। वहीं बल्नरेबल मतदान केंद्र को इस लिहाज से शामिल किया गया, जहां पर कोई दबंग व्यक्ति, समुदाय विशेष का दबदबा व कोई कारक प्रभावित रहा हो। ऐसे ही व्यक्ति को चुनाव से पहले पुलिस गुंडा एक्ट में चालान करती है।
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