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Kaithal News: चार माह में 14 टीबी मरीजों को ढूंढ न पाए अफसर
Sat, 23 May 2026 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 23 May 2026 12:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। क्षय रोग (टीबी) के खात्मे को लेकर चलाया जा रहा अभियान सुस्त है। स्वास्थ्य विभाग टीबी मरीजों की तलाश में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। स्टेट टीबी विंग द्वारा चालू वर्ष के पहले चार महीनों के लिए तय लक्ष्य के अनुसार विभाग 14 संभावित टीबी मरीजों की पहचान करने में पीछे रह गया।
स्टेट टीबी विंग ने स्वास्थ्य विभाग को शुरुआती चार महीनों में 561 नए टीबी मरीजों की पहचान करने का लक्ष्य दिया था। हालांकि विभाग की टीमें 547 मरीजों तक ही पहुंच सकीं। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बावजूद विभाग लक्ष्य से 14 मरीज पीछे रह गया।
स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष टीबी उन्मूलन के लिए लाखों रुपये खर्च करता है पर दावों के बीच सुस्ती के कारण कई संभावित मरीज जांच के दायरे से बाहर रह जाते हैं। समय पर पहचान और उपचार न होने से संक्रमण के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि टीबी मरीजों की जांच के लिए टीमें लगातार मैदान में कार्य कर रही हैं।
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कैथल। क्षय रोग (टीबी) के खात्मे को लेकर चलाया जा रहा अभियान सुस्त है। स्वास्थ्य विभाग टीबी मरीजों की तलाश में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। स्टेट टीबी विंग द्वारा चालू वर्ष के पहले चार महीनों के लिए तय लक्ष्य के अनुसार विभाग 14 संभावित टीबी मरीजों की पहचान करने में पीछे रह गया।
स्टेट टीबी विंग ने स्वास्थ्य विभाग को शुरुआती चार महीनों में 561 नए टीबी मरीजों की पहचान करने का लक्ष्य दिया था। हालांकि विभाग की टीमें 547 मरीजों तक ही पहुंच सकीं। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बावजूद विभाग लक्ष्य से 14 मरीज पीछे रह गया।
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स्वास्थ्य विभाग हर वर्ष टीबी उन्मूलन के लिए लाखों रुपये खर्च करता है पर दावों के बीच सुस्ती के कारण कई संभावित मरीज जांच के दायरे से बाहर रह जाते हैं। समय पर पहचान और उपचार न होने से संक्रमण के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि टीबी मरीजों की जांच के लिए टीमें लगातार मैदान में कार्य कर रही हैं।