फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Now step towards freedom from malaria

Kaithal News: अब मलेरिया से मुक्ति की ओर कदम

Tue, 25 Apr 2023 03:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 25 Apr 2023 03:51 AM IST
विज्ञापन
Now step towards freedom from malaria
करनाल। विश्व मलेरिया दिवस पर इस वर्ष वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने थीम रखी है ‘शून्य मलेरिया देने का समय’। इसके लिए थ्री ‘आई’ यानी इनवेस्ट, इनोवेट और इंपलीमेंट पर फोकस रखा जा रहा है। इंपलीमेंट यानी लागू करें, वो प्लानिंग जिसके बूते मलेरिया को शून्य किया जा सके।
विज्ञापन

इसी कड़ी में यदि देखें तो हरियाणा के जीटी बेल्ट के विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य महकमे ने मलेरिया पर काफी हद तक काबू पा लिया है। जिलों में एंटी लारवा गतिविधियों के चलते मच्छरों के प्रजनन को काफी नियंत्रित कर लोगों को इस बुखार के प्रति जागरूक किया गया है।
विज्ञापन

नतीजतन पिछले पांच साल के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो मलेरिया बुखार के मामलों में गिरावट आई है और इससे होने वाली मौतें भी न के बराबर हैं। इसके लिए स्वास्थ्य महकमा विशेष रणनीति के तहत कार्य कर रहा है। आज भी विश्व मलेरिया दिवस पर कई जिलों में खुद जिला अधिकारी इसकी रोकथाम के लिए मंथन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन



पांच साल में मलेरिया की स्थिति

करनाल
वर्ष मलेरिया के मामले
2018 17

2019 01

2020 02

2021 00

2022 01


कैथल


वर्ष मलेरिया के मामले

2018 03

2019 00

2020 00

2021 00

2022 00



यमुनानगर
वर्ष - मलेरिया के केस
2018 - 97
2019 - 21

2020 - 03

2021 - 04

2022- 01

अंबाला
वर्ष मलेरिया के मामले

2018 05

2019 07

2020 00

2021 00

2022 00

- कुरुक्षेत्र : ढाई साल से मलेरिया का कोई केस सामने नहीं आया है।
- पानीपत : वर्ष 2023 में मलेरिया के तीन केस मिल चुके हैं। वर्ष 2022 में भी मलेरिया के तीन केस मिले थे। वर्ष 2018 से 2023 तक मलेरिया के कुल 32 मामले सामने आईं हैं।

------

स्वास्थ्य महकमा गंभीर

- स्वास्थ्य विभाग मलेरिया को लेकर सतर्क है। ब्रीड चेकर की भर्ती भी की जा रही है।
- जिले के तमाम तालाबाें में गम्बूजिया मछलियां छोड़ी गईं है।
- लोगों को विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है।
- घरों से विशेष टीमें जांच कर रहीं है और जहां लारवा मिलता है, उन्हें नोटिस दिया जा रहा है।
- अभी फॉगिंग मशीनें पर्याप्त नहीं है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर पत्राचार चल रहा है।
- विभाग जिलों में फॉगिंग के लिए पाइरेथ्रिन और एंटी लारवा गतिविधि के लिए टेमिफोस दवा का इंतजाम कर रहा है।
- स्वास्थ्य विभाग जून माह में ब्लीडिंग चेकर रखेगा। जिसमें हर घर तक टीमें जाएंगी और मच्छर के लारवा की चेकिंग करेंगी और रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करेंगी।
- स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया से बचाव के लिए गांवों में रैपिड रिस्पांस टीमें बनाई है।
- एक मई से रैपिड फीवर सर्वे भी शुरू होगा।
---------


माइनिंग जोन संवेदनशील
यमुनानगर में स्वास्थ्य महकमे ने प्रतापनगर माइनिंग जोन को मलेरिया के लिए संवेदनशील घोषित किया हुआ है, क्योंकि वहां पर माइनिंग होने से खनन साइट में पानी जमा रहता है। जिसमें मच्छर ज्यादा पनपते हैं। मलेरिया की रोकथाम के लिए 25 अप्रैल को लघु सचिवालय में जिला स्तर पर डीसी के साथ बैठक है।
----

विशेषज्ञ बोले-
स्वास्थ्य विभाग में मलेरिया कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज मंगला ने बताया कि मलेरिया व डेंगू से बचाव के लिए जिले के सभी गांवों में रैपिड रिस्पांस टीमें बनाई गईं हैं। इस समय तालाबों में गम्बूजिया मछली डालने का कार्य व एंटी मलेरिया गतिविधियां जारी हैं। उनके अनुसार मलेरिया के मामलों में काफी गिरावट आई है। लोग जागरूक बन रहे हैं। सभी के प्रयासों से ही जिलों को मलेरिया मुक्त बनाया जा सकेगा।

----

क्यों मनाते हैं विश्व मलेरिया दिवस
पहले अफ्रीका में मलेरिया डे मनाया जाता रहा है, जिसे देखते हुए ही विश्व मलेरिया दिवस मनाने का फैसला लिया गया। . साल 2007 में विश्व स्वास्थ्य सभा का 60 वां सेशन आयोजित हुआ था, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये प्रस्ताव रखा था कि अफ्रीका में मनने वाले मलेरिया दिवस को विश्व स्वास्थ्य मलेरिया दिवस में बदल दिया जाए। वर्ष 2008 से 25 अप्रैल का दिन विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। इसका महत्व मलेरिया के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना एक बड़ा मिशन है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed