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म्हारा गांव जगमग योजना के तहत जिले के 278 गांवों को बिजली मिलना शुरू
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कैथल। म्हारा गांव जगमग योजना के तहत जिले के 278 गांवों को 24 घंटे बिजली मिलने लगी है। योजना के तहत 293 गांवों को चयनित किया गया है। निगम की ओर से बाकी बचे 15 गांवों में से 10 और गांवों को फरवरी से 24 घंटे बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। उल्लेखनीय है कि शिमला, ढुंढवा, पबनावा, मूंदड़ी और खुराना गांव में अब तक घरों से बाहर मीटर नहीं लगे हैं। इस कारण इन पांच गांवों में 24 घंटे बिजली आपूूर्ति अभी शुरू नहीं हो सकेगी। बिजली मीटर बाहर लगने के बाद इन गांवों को जगमग योजना में शामिल किया जाएगा। कई बार निगम की टीम इन गांवों में मीटर बाहर लगाने के लिए जा चुकी है लेकिन कई कारणों से योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2015 में म्हारा गांव जगमग गांव योजना की घोषणा की थी। योजना के तहत हर गांव में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था। 2017 में योजना पर काम शुरू हुआ था। 2018 में काम ने गति पकड़ी। शुरुआत में इस योजना का ग्रामीणों ने विरोध किया था। तो निगम ने पहले छोटे गांव में इसको लागू करने का फैसला लिया। इसके बावजूद बड़े गांवों में काम शुरू किया गया। बिजली निगम कैथल के एक्सईएन प्रदीप गोयत ने कहा कि योजना को धीरे-धीरे हर गांव में लागू किया जा रहा है। विभाग के साथ यह ग्रामीणों के लिए भी फायदेमंद है। 24 घंटे बिजली आएगी तो आधी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। चोरी करने वालों को परेशानी तो होगी, लेकिन एक बार बिल भरने की आदत हो गई तो बिल बोझ नहीं लगेगा। 278 गांव में बिजली मिल रही है। 10 गांव में फरवरी के महीने में मिलना शुरू हो जाएगी। पांच गांव में अभी 24 घंटे बिजली नहीं मिलेगी।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2015 में म्हारा गांव जगमग गांव योजना की घोषणा की थी। योजना के तहत हर गांव में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था। 2017 में योजना पर काम शुरू हुआ था। 2018 में काम ने गति पकड़ी। शुरुआत में इस योजना का ग्रामीणों ने विरोध किया था। तो निगम ने पहले छोटे गांव में इसको लागू करने का फैसला लिया। इसके बावजूद बड़े गांवों में काम शुरू किया गया। बिजली निगम कैथल के एक्सईएन प्रदीप गोयत ने कहा कि योजना को धीरे-धीरे हर गांव में लागू किया जा रहा है। विभाग के साथ यह ग्रामीणों के लिए भी फायदेमंद है। 24 घंटे बिजली आएगी तो आधी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। चोरी करने वालों को परेशानी तो होगी, लेकिन एक बार बिल भरने की आदत हो गई तो बिल बोझ नहीं लगेगा। 278 गांव में बिजली मिल रही है। 10 गांव में फरवरी के महीने में मिलना शुरू हो जाएगी। पांच गांव में अभी 24 घंटे बिजली नहीं मिलेगी।
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