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Kaithal News: लार्वा मिलने पर 11 लोगों को थमाए नोटिस
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कैथल। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों से जनित बीमारियों को रोकने के लिए चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न घरों में मच्छर का लार्वा मिलने पर 11 लोगों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं। विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि यदि दोबारा चेकिंग के दौरान लार्वा पाया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चालान काटने की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिलेभर में कुल 289 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें रोजाना अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर सुबह-सुबह घर-घर चेकिंग अभियान चला रही हैं। टीमों की ओर से मुख्य रूप से घरों की छतों पर रखे पुराने टायरों, टूटे हुए बर्तनों, गमलों, पानी की टंकियों और कुलरों की सघन जांच की जा रही है, ताकि कहीं भी ठहरे हुए पानी में मच्छर न पनप सकें।
शहर और देहात के लिए अलग-अलग टीमें
इस अभियान को पूरी तरह प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीतिक रूप से शहरी और ग्रामीण (देहात) क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विशेष टीमें तैनात की हैं। देहात की टीमें गांवों में जाकर पशुओं के पीने के पानी के हौद और छतों पर रखे बर्तनों की जांच कर रही हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों की टीमें घनी आबादी वाले वार्डों और कॉलोनियों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं। चेकिंग के साथ-साथ यह टीमें आम लोगों को पानी को ढक कर रखने और हर हफ्ते कूलर साफ करने के लिए जागरूक भी कर रही हैं।
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गत वर्ष आया था मलेरिया का एक केस
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में मलेरिया का केवल एक ही मामला सामने आया था। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि इस बार स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले को पूरी तरह मलेरिया मुक्त रखा जाए और एक भी नया मामला सामने न आए। इसी सतर्कता के कारण इस बार सीजन की शुरुआत में ही सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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जिलेभर में कुल 289 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें रोजाना अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर सुबह-सुबह घर-घर चेकिंग अभियान चला रही हैं। टीमों की ओर से मुख्य रूप से घरों की छतों पर रखे पुराने टायरों, टूटे हुए बर्तनों, गमलों, पानी की टंकियों और कुलरों की सघन जांच की जा रही है, ताकि कहीं भी ठहरे हुए पानी में मच्छर न पनप सकें।
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शहर और देहात के लिए अलग-अलग टीमें
इस अभियान को पूरी तरह प्रभावी और व्यापक बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रणनीतिक रूप से शहरी और ग्रामीण (देहात) क्षेत्रों के लिए अलग-अलग विशेष टीमें तैनात की हैं। देहात की टीमें गांवों में जाकर पशुओं के पीने के पानी के हौद और छतों पर रखे बर्तनों की जांच कर रही हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों की टीमें घनी आबादी वाले वार्डों और कॉलोनियों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं। चेकिंग के साथ-साथ यह टीमें आम लोगों को पानी को ढक कर रखने और हर हफ्ते कूलर साफ करने के लिए जागरूक भी कर रही हैं।
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गत वर्ष आया था मलेरिया का एक केस
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले वर्ष जिले में मलेरिया का केवल एक ही मामला सामने आया था। सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि इस बार स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले को पूरी तरह मलेरिया मुक्त रखा जाए और एक भी नया मामला सामने न आए। इसी सतर्कता के कारण इस बार सीजन की शुरुआत में ही सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।