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एचएसजीएमसी का फरमान दरकिनार, नहीं पहुंचा कोई मैनेजर
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Sat, 02 Aug 2014 11:44 PM IST
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कैथल/गुहला-चीका। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) के फरमान को फिलहाल प्रदेश के सभी गुरुद्वारों के मैनेजरों ने मानने से इनकार कर दिया है।
दरअसल, एचएसजीएमसी ने 31 जुलाई को कैथल में कार्यकारिणी की बैठक में सभी मैनेजरों को तलब किया था कि वह गुरुद्वारों के रिकॉर्ड सहित दो अगस्त को शाम पांच तक कैथल में कमेटी के दफ्तर में रिपोर्ट करें, लेकिन शनिवार को एक भी गुरुद्वारे का मैनेजर कमेटी के सामने पेश नहीं हुआ। उधर, मैनेजरों के न आने पर कमेटी ने उन्हें दो दिन का ओर समय देते हुए चार अगस्त तक पेश होने का आदेश दिया है।
आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची
मैनेजरों को शनिवार पांच बजे तक की डेडलाइन दी गई थी, लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा। हालांकि सभी मैनेजरों के पास कमेटी द्वारा तलब किए जाने की सूचना पहुंच गई थी। लेकिन आधिकारिक तौर पर एचएसजीएमसी यह सूचना देने में असफल रही। हरियाणा कमेटी के सदस्यों के अनुसार कैथल में पंजाबी का टाइपिस्ट उपलब्ध न होने के कारण तत्काल नोटिस तैयार नहीं हो पाए।
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एचएसजीएमसी की 11 सदस्यीय कार्यसमिति के सदस्य अवतार सिंह चक्कु लदाना ने इस बात को स्वीकार किया और बताया कि गुरुद्वारों के प्रबंधकों को जो लिखित नोटिस भेजे जाने थे। वे समय पर नहीं बन पाए, इसलिए उनके भेजने में भी विलंब हो गया। यही कारण है कि अब एचएसजीएमसी द्वारा मैनेजरों के यहां हाजिर होने के लिए दो दिन की अवधि बढ़ाते हुए डेडलाइन को 4 अगस्त कर दिया है।
कमेटी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार हरियाणा में एसजीपीसी के सीधा नियंत्रण में चल रहे 8 गुरुद्वारों के मैनेजरों को अपने पूरे रिकॉर्ड सहित तलब किया गया है। समिति का कहना है कि यदि मैनेजर तय अवधि में नहीं आए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब चार अगस्त तक पेश हो सकेंगे मैनेजर
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने गुरुद्वारों के प्रबंधकों को पेश होने के लिए दी गई तारीख 2 दिन और बढ़ा दी है। इसके लिए मैनेजरों को समय पर चिट्ठी न भेज पाने के कारण एचएसजीएमसी ने यह फैसला लिया है। अब मैनेजर 4 अगस्त तक हरियाणा कमेटी के सामने पेश हो सकेंगे।
बैंकों को भी नहीं पहुंची लेनदेन रोकने की चिट्टी
गुरुद्वारों के खातों में पैसे की निकासी पर रोक लगाने संबंधी हरियाणा कमेटी के प्रस्ताव का चिट्ठी भी अभी किसी बैंक को नहीं पहुंची है। गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौवीं चीका के स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स व पंजाब नेशनल बैंक चीका के अधिकारियों ने बताया कि खातों के संबंध में किसी तरह की कोई चिट्ठी नहीं मिली है। एसबीओपी चीका के मैनेजर राजेश वर्मा तथा पीएनबी के मैनेजर सतीश जैन का कहना है कि यह कानूनी मामला है। कानूनी विशेषज्ञों से राय लेने के बाद ही कोई कदम उठाएंगे। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स चीका के मैनेजर एएस मलिक ने कहा कि ऐसे किसी के भी आदेश पर खाते का संचालन नहीं रोका जा सकता।
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दरअसल, एचएसजीएमसी ने 31 जुलाई को कैथल में कार्यकारिणी की बैठक में सभी मैनेजरों को तलब किया था कि वह गुरुद्वारों के रिकॉर्ड सहित दो अगस्त को शाम पांच तक कैथल में कमेटी के दफ्तर में रिपोर्ट करें, लेकिन शनिवार को एक भी गुरुद्वारे का मैनेजर कमेटी के सामने पेश नहीं हुआ। उधर, मैनेजरों के न आने पर कमेटी ने उन्हें दो दिन का ओर समय देते हुए चार अगस्त तक पेश होने का आदेश दिया है।
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आधिकारिक सूचना नहीं पहुंची
मैनेजरों को शनिवार पांच बजे तक की डेडलाइन दी गई थी, लेकिन कोई भी नहीं पहुंचा। हालांकि सभी मैनेजरों के पास कमेटी द्वारा तलब किए जाने की सूचना पहुंच गई थी। लेकिन आधिकारिक तौर पर एचएसजीएमसी यह सूचना देने में असफल रही। हरियाणा कमेटी के सदस्यों के अनुसार कैथल में पंजाबी का टाइपिस्ट उपलब्ध न होने के कारण तत्काल नोटिस तैयार नहीं हो पाए।
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एचएसजीएमसी की 11 सदस्यीय कार्यसमिति के सदस्य अवतार सिंह चक्कु लदाना ने इस बात को स्वीकार किया और बताया कि गुरुद्वारों के प्रबंधकों को जो लिखित नोटिस भेजे जाने थे। वे समय पर नहीं बन पाए, इसलिए उनके भेजने में भी विलंब हो गया। यही कारण है कि अब एचएसजीएमसी द्वारा मैनेजरों के यहां हाजिर होने के लिए दो दिन की अवधि बढ़ाते हुए डेडलाइन को 4 अगस्त कर दिया है।
कमेटी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार हरियाणा में एसजीपीसी के सीधा नियंत्रण में चल रहे 8 गुरुद्वारों के मैनेजरों को अपने पूरे रिकॉर्ड सहित तलब किया गया है। समिति का कहना है कि यदि मैनेजर तय अवधि में नहीं आए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब चार अगस्त तक पेश हो सकेंगे मैनेजर
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ने गुरुद्वारों के प्रबंधकों को पेश होने के लिए दी गई तारीख 2 दिन और बढ़ा दी है। इसके लिए मैनेजरों को समय पर चिट्ठी न भेज पाने के कारण एचएसजीएमसी ने यह फैसला लिया है। अब मैनेजर 4 अगस्त तक हरियाणा कमेटी के सामने पेश हो सकेंगे।
बैंकों को भी नहीं पहुंची लेनदेन रोकने की चिट्टी
गुरुद्वारों के खातों में पैसे की निकासी पर रोक लगाने संबंधी हरियाणा कमेटी के प्रस्ताव का चिट्ठी भी अभी किसी बैंक को नहीं पहुंची है। गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी व नौवीं चीका के स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स व पंजाब नेशनल बैंक चीका के अधिकारियों ने बताया कि खातों के संबंध में किसी तरह की कोई चिट्ठी नहीं मिली है। एसबीओपी चीका के मैनेजर राजेश वर्मा तथा पीएनबी के मैनेजर सतीश जैन का कहना है कि यह कानूनी मामला है। कानूनी विशेषज्ञों से राय लेने के बाद ही कोई कदम उठाएंगे। ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स चीका के मैनेजर एएस मलिक ने कहा कि ऐसे किसी के भी आदेश पर खाते का संचालन नहीं रोका जा सकता।