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दो साल से नहीं लगी साइंस की कक्षाएं, छात्राएं छोड़ रहीं स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Tue, 05 Aug 2014 11:59 PM IST
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कैथल। जिले के सबसे बड़े तीन राजकीय स्कूलों में प्राध्यापक न होने कारण विद्यार्थी स्कूल छोड़कर जा रहे हैं। विद्यार्थियों नेे स्कूलों में प्राध्यापक न होने की शिकायत जिले के सभी आलाधिकारियों को दी है, लेकिन फिलहाल उन्हें राहत नहीं मिली है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने लिखित रूप में अभिभावकों के हस्ताक्षर करवाकर लोक निर्माण मंत्री रणदीप सुरजेवाला को भी भेजी है। लेकिन आलाधिकारियों का विद्यार्थियों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं है।
तीन स्कूलों में परेशानी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा पर प्राध्यापकों की कमी के कारण छात्र-छात्राएं स्कूल छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में नॉन मेडिकल विषय के लिए कोई प्राध्यापक नहीं है। इन स्कूलों में केमिस्ट्री, फिजिक्स व गणित का प्राध्यापक नहीं है। इसके अलावा कॉमर्स सहित अन्य विषय के प्राध्यापकों की कमी है।
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प्राध्यापकों के इंतजार में विद्यार्थियों के दो वर्ष बीत चुके हैं। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षा ग्यारहवीं में एक दिन भी केमिस्ट्री, फिजिक्स व गणित की कक्षा नहीं लगी है। अब वही छात्राएं बारहवीं में हो चुकी हैं। आधे से अधिक सत्र बीत जाने के बाद भी कोई प्राध्यापक अभी तक नहीं आया है। छात्राएं कक्षा में खाली बैठकर घर लौट जाती हैं। विद्यालय के स्कूल मुुखिया भी शिक्षा विभाग के आदेशों के आगे मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर, इस मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे है।
प्राध्यापकों की कमी से छोड़ रहीं हैं स्कूल
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नॉन मेडिकल, मेडिकल व कॉमर्स में करीब 200 छात्राएं स्कूल छोड़ चुकी हैं। पिछले वर्ष स्कूल में नॉन मेडिकल में करीब 100 छात्राएं थी। प्राध्यापक न होने के कारण स्कूल में केवल 30 छात्राएं रह चुकी हैं। इसी प्रकार कॉमर्स व मेडिकल में से छात्राएं स्कूल छोड़ कर जा रही हैं।
हमारे भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार: छात्राएं
छात्रा सुमन, अनीशा, योगिता, काजल, सुनैना, पारुल, योगिता, दिव्या, सुनेहा, सिमरन, रिंपी, आरती और संतोष ने बताया कि सरकार नहीं चाहती है कि छात्राएं अच्छी शिक्षा ग्रहण करे। उन्होंने बताया कि जिले का कोई ऐसा अधिकारी नहीं है जिसके आगे उन्होंने शिकायत नहीं दी। स्कूल मुखिया से लेकर मंत्री तक प्राध्यापक न होने के शिकायत दे चुके हैं। दो वर्षो से केमिस्ट्री, फिजिक्स व गणित की कक्षाएं नहीं लगी हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में मिड-डे मील खाने नहीं, पढ़ने आती हैं और पढ़ाने के लिए प्राध्यापक नहीं है।
इन स्कूलों में प्राध्यापकों की कमी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित, कॉमर्स के प्राध्यापकों की कमी है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा में 14 प्राध्यापकाें की आवश्यकता है। इसमें अंग्रेजी, हिंदी, राजनीतिक विज्ञान, इतिहास, गणित-2, कॉमर्स, म्यूजिक, फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित प्राध्यापक नहीं है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 20 प्राध्यापकों की आवश्यकता है, जिसमें केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित, अर्थशास्त्र, सामाजिक और राजनीतिक विज्ञान विषय शामिल है।
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राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने लिखित रूप में अभिभावकों के हस्ताक्षर करवाकर लोक निर्माण मंत्री रणदीप सुरजेवाला को भी भेजी है। लेकिन आलाधिकारियों का विद्यार्थियों की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं है।
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तीन स्कूलों में परेशानी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा पर प्राध्यापकों की कमी के कारण छात्र-छात्राएं स्कूल छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में नॉन मेडिकल विषय के लिए कोई प्राध्यापक नहीं है। इन स्कूलों में केमिस्ट्री, फिजिक्स व गणित का प्राध्यापक नहीं है। इसके अलावा कॉमर्स सहित अन्य विषय के प्राध्यापकों की कमी है।
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प्राध्यापकों के इंतजार में विद्यार्थियों के दो वर्ष बीत चुके हैं। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षा ग्यारहवीं में एक दिन भी केमिस्ट्री, फिजिक्स व गणित की कक्षा नहीं लगी है। अब वही छात्राएं बारहवीं में हो चुकी हैं। आधे से अधिक सत्र बीत जाने के बाद भी कोई प्राध्यापक अभी तक नहीं आया है। छात्राएं कक्षा में खाली बैठकर घर लौट जाती हैं। विद्यालय के स्कूल मुुखिया भी शिक्षा विभाग के आदेशों के आगे मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर, इस मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी चुप्पी साधे है।
प्राध्यापकों की कमी से छोड़ रहीं हैं स्कूल
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नॉन मेडिकल, मेडिकल व कॉमर्स में करीब 200 छात्राएं स्कूल छोड़ चुकी हैं। पिछले वर्ष स्कूल में नॉन मेडिकल में करीब 100 छात्राएं थी। प्राध्यापक न होने के कारण स्कूल में केवल 30 छात्राएं रह चुकी हैं। इसी प्रकार कॉमर्स व मेडिकल में से छात्राएं स्कूल छोड़ कर जा रही हैं।
हमारे भविष्य से खिलवाड़ कर रही सरकार: छात्राएं
छात्रा सुमन, अनीशा, योगिता, काजल, सुनैना, पारुल, योगिता, दिव्या, सुनेहा, सिमरन, रिंपी, आरती और संतोष ने बताया कि सरकार नहीं चाहती है कि छात्राएं अच्छी शिक्षा ग्रहण करे। उन्होंने बताया कि जिले का कोई ऐसा अधिकारी नहीं है जिसके आगे उन्होंने शिकायत नहीं दी। स्कूल मुखिया से लेकर मंत्री तक प्राध्यापक न होने के शिकायत दे चुके हैं। दो वर्षो से केमिस्ट्री, फिजिक्स व गणित की कक्षाएं नहीं लगी हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल में मिड-डे मील खाने नहीं, पढ़ने आती हैं और पढ़ाने के लिए प्राध्यापक नहीं है।
इन स्कूलों में प्राध्यापकों की कमी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित, कॉमर्स के प्राध्यापकों की कमी है।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा में 14 प्राध्यापकाें की आवश्यकता है। इसमें अंग्रेजी, हिंदी, राजनीतिक विज्ञान, इतिहास, गणित-2, कॉमर्स, म्यूजिक, फिजिक्स, केमिस्ट्री और गणित प्राध्यापक नहीं है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 20 प्राध्यापकों की आवश्यकता है, जिसमें केमिस्ट्री, फिजिक्स, गणित, अर्थशास्त्र, सामाजिक और राजनीतिक विज्ञान विषय शामिल है।