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अब एक ही परिवार में जमीन हस्तांतरण पर नहीं लगेगी स्टांप ड्यूटी
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Sat, 05 Jul 2014 12:05 AM IST
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नसीब सैनी
कैथल। जिले में अब परिवार के किसी सदस्य के नाम जमीन हस्तांतरण करने के लिए स्टांप ड्यूटी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सरकार की ओर से पिछले महीने लिए गए निर्णय के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी की गई है। इसे जिले में लागू कर दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले एक ही परिवार में जमीन हस्तांतरण के लिए डेढ़ प्रतिशत की राशि कलेक्टर रेट के हिसाब से जमा करवानी पड़ती थी।
यह था पुराना नियम
अब तक यदि किसी बहन को अपने भाई के नाम, माता-पिता को अपने बच्चों के नाम या फिर बच्चों द्वारा अपने माता-पिता को खून के रिश्ते में जमीन का हस्तांतरण करना होता था तो कलेक्टर रेट के आधार पर डेढ़ प्रतिशत स्टांप शुल्क देना पड़ता है। उदाहरण के लिए एक लाख रुपये के कलेक्टर रेट के हिसाब से जमीन पर 1500 रुपये स्टांप लेकर हस्तांतरण करवाना पड़ता है। इसी तरह से जमीन की कलेक्टर रेट के हिसाब से जितनी कीमत होगी, उतनी ही स्टांप ड्यूटी लगती है।
बीते माह लिया था फैसला
पिछले महीने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद हरियाणा सरकार ने यह ऐलान किया था कि खून के रिश्ते में जमीन हस्तांतरण पर कोई स्टांप शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन अभी तक गजट नोटिफिकेशन न होने के कारण फीस ली जा रही है।
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यह लिखा है नोटिफिकेशन में
सरकार द्वारा अब गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। राजस्व, आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त शकुंतला जाखू की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 की धारा नौ की उप-धारा(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हरियाणा के राज्यपाल खून के रिश्ते में परिवार के भीतर अर्थात माता-पिता, बच्चे, पोता-पोती, भाई(भाईयों)-बहन(बहनों) तथा पति और पत्नी के बीच में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित लिखित पर उक्त अधिनियम के अधीन प्रभार्य संपूर्ण स्टांप शुल्क से छूट देते हैं।
लोगों को होगा लाखों रुपये का फायदा
इस फैसले के लागू होने के बाद लोगों को लाखों रुपये का फायदा होगा। अभी तक भी यह फीस जमा करवाई जा रही है। लेकिन अब इसके लागू होने के बाद कोई शुल्क नहीं देना होगा। एक स्टांप विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। इससे हर रोज परिवार के सदस्यों में होने वाले जमीन के आदान-प्रदान में लोगों को लाखों रुपये की बचत होगी।
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कैथल। जिले में अब परिवार के किसी सदस्य के नाम जमीन हस्तांतरण करने के लिए स्टांप ड्यूटी देने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सरकार की ओर से पिछले महीने लिए गए निर्णय के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी की गई है। इसे जिले में लागू कर दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले एक ही परिवार में जमीन हस्तांतरण के लिए डेढ़ प्रतिशत की राशि कलेक्टर रेट के हिसाब से जमा करवानी पड़ती थी।
यह था पुराना नियम
अब तक यदि किसी बहन को अपने भाई के नाम, माता-पिता को अपने बच्चों के नाम या फिर बच्चों द्वारा अपने माता-पिता को खून के रिश्ते में जमीन का हस्तांतरण करना होता था तो कलेक्टर रेट के आधार पर डेढ़ प्रतिशत स्टांप शुल्क देना पड़ता है। उदाहरण के लिए एक लाख रुपये के कलेक्टर रेट के हिसाब से जमीन पर 1500 रुपये स्टांप लेकर हस्तांतरण करवाना पड़ता है। इसी तरह से जमीन की कलेक्टर रेट के हिसाब से जितनी कीमत होगी, उतनी ही स्टांप ड्यूटी लगती है।
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बीते माह लिया था फैसला
पिछले महीने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद हरियाणा सरकार ने यह ऐलान किया था कि खून के रिश्ते में जमीन हस्तांतरण पर कोई स्टांप शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन अभी तक गजट नोटिफिकेशन न होने के कारण फीस ली जा रही है।
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यह लिखा है नोटिफिकेशन में
सरकार द्वारा अब गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। राजस्व, आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त शकुंतला जाखू की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 की धारा नौ की उप-धारा(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हरियाणा के राज्यपाल खून के रिश्ते में परिवार के भीतर अर्थात माता-पिता, बच्चे, पोता-पोती, भाई(भाईयों)-बहन(बहनों) तथा पति और पत्नी के बीच में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित लिखित पर उक्त अधिनियम के अधीन प्रभार्य संपूर्ण स्टांप शुल्क से छूट देते हैं।
लोगों को होगा लाखों रुपये का फायदा
इस फैसले के लागू होने के बाद लोगों को लाखों रुपये का फायदा होगा। अभी तक भी यह फीस जमा करवाई जा रही है। लेकिन अब इसके लागू होने के बाद कोई शुल्क नहीं देना होगा। एक स्टांप विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। इससे हर रोज परिवार के सदस्यों में होने वाले जमीन के आदान-प्रदान में लोगों को लाखों रुपये की बचत होगी।