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चेयरपर्सन रजनी राणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित
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No-confidence motion against chairperson Rajni Rana
- फोटो : Kaithal
कलायत में सोमवार को भाजपा समर्थित चेयरपर्सन रजनी राणा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया। चेयरपर्सन के खिलाफ वाइस चेयरपर्सन पूजा धीमान सहित भाजपा समर्थित पार्षद अविश्वास लेकर आए। जिसमें चेयरपर्सन को महज 4 वोट मिले। वहीं विरोधी खेमे को 9 वोट मिले। भाजपाई चेयरपर्सन को हटाने के लिए भाजपा समर्थक पार्षदों ने ही अविश्वास प्रस्ताव पास करवाया है। चेयरपर्सन ने राज्यमंत्री कमेलश ढांडा पर अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाने का आरोप लगाया है। वहीं राज्यमंत्री ने इसे पार्षदों का फैसला बताते हुए खुद को न जोड़ने की बात कही है।
दोपहर 12 बजे अविश्वास प्रस्ताव बैठक की प्रक्रिया शुरू हुई जो करीब 2 बजे तक पूर्ण हुई। बैठक के दौरान चुनाव अधिकारी ने सचिव राजेश शर्मा की मौजूदगी में संबंधित औपचारिकताओं को पूर्ण करवाया। पहले विपक्ष के नौ पार्षदों ने हाथ खड़े कर अपना अविश्वास रजनी राणा के खिलाफ जताया। इस पर रजनी राणा ने वार्ड 2 पार्षद विक्रम राणा, वार्ड 5 की पार्षद सुनीता धीमान और वार्ड 7 पार्षद नीरज राणा के साथ वोटिंग की प्रक्रिया ईवीएम से करवाने का आग्रह किया। इसके बाद ईवीएम के जरिए चुनाव प्रक्रिया को पूरा करवाया गया।
वाइस चेयरपर्सन पूजा धीमान ने कहा कि नगर विकास कार्यों में भेदभाव को लेकर 9 पार्षदों ने अविश्वास की मंजूरी के लिए डीसी को पत्र सौंपा था। इसके मद्देनजर अविश्वास बैठक का आयोजन हुआ। इसमें वार्ड 1 से पार्षद कर्णदीप सिंह, 3 से सुरेश कुमार, 4 से राजीव राणा, 8 से सतीश धीमान, 9 से शशी बाला कौशिक, 10 से मीनाक्षी जेष्ठ, 11 से पूजा धीमान, 12 से निशु अग्रवाल और वार्ड 13 से सुमन बंसल ने अविश्वास के पक्ष में अपनी सहमति जताई।
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रजनी राणा और उनके पति सलिंद्र प्रताप राणा ने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में उन्हें संगठन के सहयोग से चेयरपर्सन की जिम्मेवारी सौंपी थी। तभी से अभूतपूर्व विकास कार्यों का सिलसिला जारी था। विकास के आधार पर ही विधानसभा चुनाव में कलायत से भाजपा उम्मीदवार कमलेश ढांडा को विजय मिली। भाजपा संगठन को मजबूती देने की बजाए कलायत की विधायक कमलेश ढांडा ने अविश्वास लाने में ज्यादा रुचि दिखाई। कहीं न कहीं उन्हें विकास कार्य रास नहीं आ रहे थे। इस भावना से प्रेरित होकर ही विधायक ने कलायत में भाजपा समर्थित चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास लाने की योजना बनाई। ऐसा पहली बार है जब किसी नेता ने मुख्यमंत्री व पार्टी समर्थित चेयरपर्सन के खिलाफ इस प्रकार की कार्यशैली से गुटबाजी को बढ़ावा दिया हो।
इस आरोप पर महिला एंव बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि नगर पालिका कलायत में प्रधान के प्रति अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ है। चुने हुए पार्षद ही अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं और उसे पास करवाते हैं। इससे उन्हें जोड़ना गलत है। उनके लिए सभी पार्षद बराबर हैं और मेरा लक्ष्य सदैव कलायत में विकास कार्यों को गति देने का रहा है।
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दोपहर 12 बजे अविश्वास प्रस्ताव बैठक की प्रक्रिया शुरू हुई जो करीब 2 बजे तक पूर्ण हुई। बैठक के दौरान चुनाव अधिकारी ने सचिव राजेश शर्मा की मौजूदगी में संबंधित औपचारिकताओं को पूर्ण करवाया। पहले विपक्ष के नौ पार्षदों ने हाथ खड़े कर अपना अविश्वास रजनी राणा के खिलाफ जताया। इस पर रजनी राणा ने वार्ड 2 पार्षद विक्रम राणा, वार्ड 5 की पार्षद सुनीता धीमान और वार्ड 7 पार्षद नीरज राणा के साथ वोटिंग की प्रक्रिया ईवीएम से करवाने का आग्रह किया। इसके बाद ईवीएम के जरिए चुनाव प्रक्रिया को पूरा करवाया गया।
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वाइस चेयरपर्सन पूजा धीमान ने कहा कि नगर विकास कार्यों में भेदभाव को लेकर 9 पार्षदों ने अविश्वास की मंजूरी के लिए डीसी को पत्र सौंपा था। इसके मद्देनजर अविश्वास बैठक का आयोजन हुआ। इसमें वार्ड 1 से पार्षद कर्णदीप सिंह, 3 से सुरेश कुमार, 4 से राजीव राणा, 8 से सतीश धीमान, 9 से शशी बाला कौशिक, 10 से मीनाक्षी जेष्ठ, 11 से पूजा धीमान, 12 से निशु अग्रवाल और वार्ड 13 से सुमन बंसल ने अविश्वास के पक्ष में अपनी सहमति जताई।
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रजनी राणा और उनके पति सलिंद्र प्रताप राणा ने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में उन्हें संगठन के सहयोग से चेयरपर्सन की जिम्मेवारी सौंपी थी। तभी से अभूतपूर्व विकास कार्यों का सिलसिला जारी था। विकास के आधार पर ही विधानसभा चुनाव में कलायत से भाजपा उम्मीदवार कमलेश ढांडा को विजय मिली। भाजपा संगठन को मजबूती देने की बजाए कलायत की विधायक कमलेश ढांडा ने अविश्वास लाने में ज्यादा रुचि दिखाई। कहीं न कहीं उन्हें विकास कार्य रास नहीं आ रहे थे। इस भावना से प्रेरित होकर ही विधायक ने कलायत में भाजपा समर्थित चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास लाने की योजना बनाई। ऐसा पहली बार है जब किसी नेता ने मुख्यमंत्री व पार्टी समर्थित चेयरपर्सन के खिलाफ इस प्रकार की कार्यशैली से गुटबाजी को बढ़ावा दिया हो।
इस आरोप पर महिला एंव बाल विकास मंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि नगर पालिका कलायत में प्रधान के प्रति अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ है। चुने हुए पार्षद ही अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं और उसे पास करवाते हैं। इससे उन्हें जोड़ना गलत है। उनके लिए सभी पार्षद बराबर हैं और मेरा लक्ष्य सदैव कलायत में विकास कार्यों को गति देने का रहा है।