{"_id":"6647ed5dee84ed27760875f4","slug":"nivedita-aarti-first-in-dance-competition-kaithal-news-c-18-1-knl1004-391908-2024-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: नृत्य प्रतियोगिता में निवेदिता, आरती प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: नृत्य प्रतियोगिता में निवेदिता, आरती प्रथम
Sat, 18 May 2024 05:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 18 May 2024 05:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। डीएवी पब्लिक स्कूल में फाइनल राउंड ऑफ डांस कंपटीशन करवाया। नृत्य प्रतियोगिता में निवेदिता और आरती को पहला स्थान मिला।
कक्षा 3 से 5वीं, 6वीं से 8वीं तथा 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चों ने अपने अपने वर्ग की प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में कक्षा तीन से निवेदिता, कक्षा 8वीं से आरती तथा कक्षा 12वीं से जश्न प्रथम रहे।
प्रधानाचार्या डॉ. मीना मेहता ने प्रथम आए विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ प्रत्येक विद्यार्थी को चाहे वह कला का क्षेत्र हो, चाहे संगीत का क्षेत्र हो, चाहे खेल का मैदान हो बच्चों को अपना शत प्रतिशत देना चाहिए। प्रतियोगिता में विजयी होना इतना अनिवार्य नहीं है जितना कि भाग लेना। हार और जीत दोनों होते हैं। जीत से अति उत्साहित नहीं होना चाहिए और हार से निराश नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम के आयोजन में स्कूल स्टाफ ने सहयोग किया।
विज्ञापन
सीवन। डीएवी पब्लिक स्कूल में फाइनल राउंड ऑफ डांस कंपटीशन करवाया। नृत्य प्रतियोगिता में निवेदिता और आरती को पहला स्थान मिला।
कक्षा 3 से 5वीं, 6वीं से 8वीं तथा 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चों ने अपने अपने वर्ग की प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में कक्षा तीन से निवेदिता, कक्षा 8वीं से आरती तथा कक्षा 12वीं से जश्न प्रथम रहे।
प्रधानाचार्या डॉ. मीना मेहता ने प्रथम आए विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ प्रत्येक विद्यार्थी को चाहे वह कला का क्षेत्र हो, चाहे संगीत का क्षेत्र हो, चाहे खेल का मैदान हो बच्चों को अपना शत प्रतिशत देना चाहिए। प्रतियोगिता में विजयी होना इतना अनिवार्य नहीं है जितना कि भाग लेना। हार और जीत दोनों होते हैं। जीत से अति उत्साहित नहीं होना चाहिए और हार से निराश नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
कार्यक्रम के आयोजन में स्कूल स्टाफ ने सहयोग किया।