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कैथल: निरंजन पुरी बने नए महंत
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कैथल। खुराना रोड स्थित बृहस्पति मंदिर के महंत श्री श्री 1008 महंत विश्वनाथ पुरी के ब्रह्मलीन होने के बाद शुक्रवार को निरंजन पुरी को नया महंत नियुक्त किया। इस मौके पर मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन मंहत विश्वनाथ पुरी का षोशठी भंडारा आयोजित किया। इस भंडारे में देश व प्रदेश से काफी संख्या में साधु समाज के महंत और श्रद्धालु पहुंचे। सुबह के समय महंत के समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद यहां हवन किया और दोपहर के समय भंडारा आयोजित किया।
कार्यक्रम में महंतों ने चादर की रस्म निभाते हुए शीतलपुरी डेरे के महंत निरंजन पुरी को गद्दी सौंपने का फैसला लिया। इस पर सभी साधुओं ने एकमत से उन्हें बृहस्पति कुंड मंदिर की गद्दी सौंपने पर अपनी सहमति जताई। चादर की रस्म रोहतक से पहुंचे कर्ण पुरी और कमल पुरी व बाबा लदाना के महंत दूजपुरी व सूर्यकुंड डेरे के महंत रमनपुरी ने निभाई। दोपहर के समय विशाला भंडारा आयोजित किया। इसमें साधु समाज सहित शहर के अन्य लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर श्री पंच दशनाम अखाड़ा के प्रधान महंत महामंडलेश्वर कमल पुरी, हनुमान मंदिर के महंत राघव शास्त्री, नरेश पुरी, लक्ष्मण पुरी, नारायण पुरी, अशीष, सुरेश पुरी रोहतक, प्रेमपुरी हिसार, बलराज पुरी, केदार पुरी 16 मणि, महामंडलेश्वर कर्ण पुरी, राजेंद्र पुरी, नरेश पुरी, खंडेश्वर पुरी, त्रिभुवन पुरी कोलकाता, ऋषिकेश से दयानंद पुरी, महंत ईश्वर दास, महंत ईश्वर दास, हीरा पुरी, शैलेंद्र गिरी, महेश पुरी, तुरंत पुरी, खड़ेश पुरी, प्रेमानंद पुरी शामिल हुए। मौके पर पहुंचें संतों को दक्षिणा दी गई। इसके साथ ही श्याम लाल बंसल, सुरेंद्र गर्ग उर्फ बिट्टू, नगर परिषद के रिटायर्ड एमई राजकुमार शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।
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महंत दो फरवरी को हुए थे ब्रह्मलीन
श्री श्री 1008 बाबा विश्वनाथ पुरी दो फरवरी को ब्रह्मलीन हुए थे। महंत विश्वनाथ पुरी पिछले 70 साल से बृहस्पति कुंड मंदिर की गद्दी पर विराजमान थे। उनकी आयु 98 वर्ष की थी। साधु समाज का कहना है कि महंत विश्वनाथ पुरी एक सिद्ध महापुरुष रहे। अब उनके शिष्य निरंजन पुरी को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।
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कार्यक्रम में महंतों ने चादर की रस्म निभाते हुए शीतलपुरी डेरे के महंत निरंजन पुरी को गद्दी सौंपने का फैसला लिया। इस पर सभी साधुओं ने एकमत से उन्हें बृहस्पति कुंड मंदिर की गद्दी सौंपने पर अपनी सहमति जताई। चादर की रस्म रोहतक से पहुंचे कर्ण पुरी और कमल पुरी व बाबा लदाना के महंत दूजपुरी व सूर्यकुंड डेरे के महंत रमनपुरी ने निभाई। दोपहर के समय विशाला भंडारा आयोजित किया। इसमें साधु समाज सहित शहर के अन्य लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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इस मौके पर श्री पंच दशनाम अखाड़ा के प्रधान महंत महामंडलेश्वर कमल पुरी, हनुमान मंदिर के महंत राघव शास्त्री, नरेश पुरी, लक्ष्मण पुरी, नारायण पुरी, अशीष, सुरेश पुरी रोहतक, प्रेमपुरी हिसार, बलराज पुरी, केदार पुरी 16 मणि, महामंडलेश्वर कर्ण पुरी, राजेंद्र पुरी, नरेश पुरी, खंडेश्वर पुरी, त्रिभुवन पुरी कोलकाता, ऋषिकेश से दयानंद पुरी, महंत ईश्वर दास, महंत ईश्वर दास, हीरा पुरी, शैलेंद्र गिरी, महेश पुरी, तुरंत पुरी, खड़ेश पुरी, प्रेमानंद पुरी शामिल हुए। मौके पर पहुंचें संतों को दक्षिणा दी गई। इसके साथ ही श्याम लाल बंसल, सुरेंद्र गर्ग उर्फ बिट्टू, नगर परिषद के रिटायर्ड एमई राजकुमार शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।
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महंत दो फरवरी को हुए थे ब्रह्मलीन
श्री श्री 1008 बाबा विश्वनाथ पुरी दो फरवरी को ब्रह्मलीन हुए थे। महंत विश्वनाथ पुरी पिछले 70 साल से बृहस्पति कुंड मंदिर की गद्दी पर विराजमान थे। उनकी आयु 98 वर्ष की थी। साधु समाज का कहना है कि महंत विश्वनाथ पुरी एक सिद्ध महापुरुष रहे। अब उनके शिष्य निरंजन पुरी को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया है।