फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Nine days will be special from today to worship the mother, the hope of the devotees will be fulfilled

मां की पूजा के लिए नौ दिन रहेंगे खास, पूरी होगी सबकी आस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2022 02:36 AM IST
विज्ञापन
Nine days will be special from today to worship the mother, the hope of the devotees will be fulfilled
नवरात्र का पावन पर्व आज से शुरू हो गया है। मां दुर्गा की उपासना के ये नौ दिन खास हैं। इस उत्सव में लोग मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं। नौ दिन तक व्रत रखकर कंजकों को भोजन करवाकर व्रत खोला जाता है। इस पर्व का पहला दिन काफी खास रहता है। कारण कि शुभ मुहूर्त में विधि विधान से कलश स्थापित कर पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना शुरू होगी।
विज्ञापन

पंडित विशाल ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा करने से पहले कलश स्थापित किया जाता है। कलश को पांच तरह के पत्तों से सजाकर उसमें हल्दी की गांठ, सुपारी, दूर्वा रखा जाता है। उसके नीचे बालू की वेदी बनाकर उसमें जौ बोए जाते हैं। मान्यता है कि जौ बोने से देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं। नवरात्र पूजन के समय मां दुर्गा की प्रतिमा को पूजा स्थल के बीचोंबीच स्थापित करवाएं और मां की पूजा में श्रृंगार सामग्री, रोली, चावल, माला, फूल, लाल चुनरी का प्रयोग करें। कई जगह पूरे नौ दिनों तक पूजा स्थल में एक अखंड दीप जलाएं। कलश स्थापना करने के बाद गणेश और मां दुर्गा की आरती करते हैं।
विज्ञापन

ये है पूजा अर्चना और घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
हनुमान वाटिका के पुजारी ने बताया कि दो अप्रैल को घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह छह बजकर 10 मिनट पर होगा, जो आठ बजकर 31 मिनट तक रहेगा। दोपहर में 12 बजे से लेकर 12 बजकर 50 मिनट तक घट स्थापित किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नवरात्रि पूजन सामग्री -
श्री दुर्गा की प्रतिमा, सिंदूर, दर्पण, कंघी, केसर, कपूर, धूप, वस्त्र, बंदनवार आम के पत्तों का, पुष्प, सुपारी साबुत, मेहंदी, बिंदी, हल्दी की गांठ, पिसी हुई हल्दी, आसन, पुष्पहार, बेलपत्र, रोली, मौली, दीपक, जायफल, नारियल, नैवेद्य, मधु, शक्कर, पंचमेवा, मिट्टी, पान, लौंग, इलायची, हवन सामग्री, कलश मिट्टी या पीतल की पूजन के लिए थाली, सरसों सफेद और पीली, श्वेत वस्त्र, दूध, दही, ऋतुफल और गंगाजल जैसी सामग्री व्रत सामग्री में शामिल बताई जाती है।
इन मुख्य मंदिरों में होती है पूजा-
कैथल शहर के मुख्य रूप से पांच बड़े मंदिर में माता की पूजा अर्चना होती है। ग्यारह रुद्री मंदिर, काली माता मंदिर, बड़ी देवी तालाब मंदिर, कोठी देवी माता मंदिर व हनुमान वाटिका स्थित देवी मंदिर है, जहां श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा पूंडरी में माता मंदिर, चीका में माता मंदिर, गांव डयोडखेड़ी में स्थित माता के मंदिरों में भी नवरात्र उत्सव में विशेष पूजा अर्चना होती है।

श्री ग्यारह रुद्री मंदिर के पुजारी मुनिंद्र प्रसाद मिश्रा ने बताया कि नौ दिन मैया का अनुष्ठान रहेगा। इसके साथ मंदिर में दोनों समय आरती व पूजा अर्चना होगी। अष्टमी की रात्रि को हवन व नवमी को प्रसाद वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूजा अर्चना के लिए मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed