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सावित्री बाई फूले को अपना आदर्श बनाएं : हजवाना
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Mon, 04 Jan 2016 11:41 PM IST
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माता सावित्री बाई फूले के जन्मदिवस पर मून लाइट पब्लिक में समारोह का आयोजन किया गया। इसमें भाजपा के जिला अध्यक्ष सुभाष हजवाना ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। उन्होंने कहा कि समाज को सावित्री बाई फूले को आदर्श मानकर कार्य करना चाहिए।
फूले ने प्लेग रोगियों की सेवा करते हुए 10 मार्च, 1987 को वीरगति पाई थी। वे महाराष्ट्र में पैदा हुई थीं। भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि ज्योतिबा फूले व माता सावित्री बाई फूले ने ही सबके लिए शिक्षा के दरवाजे खोले। सबसे पहले शुद्रों के लिए स्कूल खोला तथा किसानों के लिए सबसे पहला स्कूल भी सावित्री बाई फूले व महात्मा ज्योतिबा फूले ने खोला था।
उस समय औरतों के पढ़ने पर पाबंदी दी तथा समाज में मान्यता थी कि जो भी औरत पढ़ेगी, उसका पति मर जाएगा। ज्योतिबा फूले ने इसकी परवाह न करते हुए सबसे पहले अपनी घरवाली सावित्री बाई फूले को पढ़ाया। माता सावित्री बाई हमारे लिए रोशनी का पुंज हैं। समाज कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष पाला राम सैनी ने कहा कि हमें समाज में चेतना फैलाने के लिए हर समय तैयार रहना चाहिए।
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इस अवसर पर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। साथ ही उझाना में सर्वसम्मति से सरपंच चुने गए ज्ञान सिंह को सम्मानित किया गया। इस अवसरपर प्रेम कल्याण, लीला राम सैन, देशराज प्रजापति, शक्ति सौदा एडवोकेट, हरिचंद जांगड़ा, कमल राणा, ओमप्रकाश सैनी, राम मेहर यादव, राम मूर्ति सैनी, कृष्ण सैनी, जयपाल, किन्ना राम, रणधीर शर्मा, रोहताश राणा, करनैल सिंह, कृष्ण ढुल, राजकमल ढांडा, शिव कुमार, फकीर चंद जांगड़ा, गोपाल श्यप, अनिल सौदा, श्यामलाल कल्याण, सुरेश क्योड़क, टेकचंद सैनी, मांगें राम पूर्व सरपंच, लज्जा राम, कृष्ण गढ़ी, गुलतान नैना, सज्जन ढुल पाई सहित अन्य नेता मौजूद रहे।
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फूले ने प्लेग रोगियों की सेवा करते हुए 10 मार्च, 1987 को वीरगति पाई थी। वे महाराष्ट्र में पैदा हुई थीं। भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि ज्योतिबा फूले व माता सावित्री बाई फूले ने ही सबके लिए शिक्षा के दरवाजे खोले। सबसे पहले शुद्रों के लिए स्कूल खोला तथा किसानों के लिए सबसे पहला स्कूल भी सावित्री बाई फूले व महात्मा ज्योतिबा फूले ने खोला था।
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उस समय औरतों के पढ़ने पर पाबंदी दी तथा समाज में मान्यता थी कि जो भी औरत पढ़ेगी, उसका पति मर जाएगा। ज्योतिबा फूले ने इसकी परवाह न करते हुए सबसे पहले अपनी घरवाली सावित्री बाई फूले को पढ़ाया। माता सावित्री बाई हमारे लिए रोशनी का पुंज हैं। समाज कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष पाला राम सैनी ने कहा कि हमें समाज में चेतना फैलाने के लिए हर समय तैयार रहना चाहिए।
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इस अवसर पर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। साथ ही उझाना में सर्वसम्मति से सरपंच चुने गए ज्ञान सिंह को सम्मानित किया गया। इस अवसरपर प्रेम कल्याण, लीला राम सैन, देशराज प्रजापति, शक्ति सौदा एडवोकेट, हरिचंद जांगड़ा, कमल राणा, ओमप्रकाश सैनी, राम मेहर यादव, राम मूर्ति सैनी, कृष्ण सैनी, जयपाल, किन्ना राम, रणधीर शर्मा, रोहताश राणा, करनैल सिंह, कृष्ण ढुल, राजकमल ढांडा, शिव कुमार, फकीर चंद जांगड़ा, गोपाल श्यप, अनिल सौदा, श्यामलाल कल्याण, सुरेश क्योड़क, टेकचंद सैनी, मांगें राम पूर्व सरपंच, लज्जा राम, कृष्ण गढ़ी, गुलतान नैना, सज्जन ढुल पाई सहित अन्य नेता मौजूद रहे।