{"_id":"f9bc1e46045df9f7a6b71757b53f2cc7","slug":"news-ktl-hindi-news-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज भी अनसुलझी मनीष हत्याकांड की गुत्थी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज भी अनसुलझी मनीष हत्याकांड की गुत्थी
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:10 AM IST
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वर्ष 2015 में मनीष मित्तल हत्याकांड साल भर जिले में छाया रहा। आज भी मनीष हत्याकांड की गुत्थी अनसुलझी है। स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा मामले की जांच की जा रही है। हरियाणा पुलिस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बने इस मामले में अब तक पुलिस 5000 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। हजारों ही मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकलवा चुकी है लेकिन परिजनों को इंतजार है तो उस घड़ी का, जब मनीष का हत्यारा सलाखों के पीछे होगा।
बहादुरी से लड़ा था मनीष
18 मई, 2015 को एक आढ़ती से नकदी लूट कर भाग रहे लुटेरे को मनीष मित्तल ने बहादुरी के साथ रोकते हुए उसकी मोटरसाइकिल थाम ली थी। लुटेरे ने मनीष की बहादुरी से घबराकर उसकी छाती में सीधी गोली मार दी। मनीष की पकड़ लुटेरे पर ढीली हो गई। वह छूटकर फरार हो गया। इसके बाद पूरे शहर में इस मामले में आक्रोश फैल गया था। पुलिस पर भी हत्यारे को गिरफ्तार करने का दबाव बना। विशेष जांच दल गठित हुए। कई माह की छानबीन के बावजूद कोई परिणाम न निकलने पर मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
कई लोगों से हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में पुलिस द्वारा 3000 से अधिक पिस्टल संबंधी शस्त्र लाइसेंस धारकों से पूछताछ की जा चुकी है। हजारों ही लोगों के मोबाइल नंबरों की जांच-पड़ताल की जा चुकी है। मुंबई से भी साइबर एक्सपर्ट से मदद ली जा चुकी है। साथ ही प्रदेश में इस तरह का अपराध करने वाले करीब 300 गंभीर अपराधों में शामिल रहे अपराधियों से पूछताछ हो चुकी है। लेकिन अभी तक हत्यारे का सुराग नहीं मिल पाया है।
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परिवार को न आर्थिक मदद न शहीद का दर्जा
मनीष के मामा नरेश भारती ने कहा कि मनीष ने बहादुरी की मिसाल कायम करते हुए अपनी शहादत दी थी लेकिन आज तक न तो मनीष को शहीद का दर्जा दिया गया और न ही उस समय की गई घोषणा अनुसार उसके छोटे भाई को नौकरी दी गई। केवल अभी तक सात लाख रुपये की सहायता राशि जरूर मिली है।
यह भी हैं अनसुलझे मामले
गुहला के एक गांव के सरपंच की हत्या का मामला अब तक अनसुलझा है। इस मामले में गुहला के पूर्व एसडीएम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसी प्रकार से गुहला-चीका में एक गोलगप्पे विक्रेता की हत्या का मामला भी अब तक अनसुलझा है। इसके अलावा लघु सचिवालय के सामने से ही एटीएम की मशीन को ही लुटेरे उखाड़ ले गए थे।
पुलिस की इस साल की उपलब्धियां
कैथल पुलिस की ओर से जिले में सट्टा गिरोह के खिलाफ चलाए गए अभियान से दर्जनों युवक एवं परिवार उजड़ने से बचे। पुलिस ने एक अभियान चलाकर क्रिकेट सट्टा सहित इस धंधे में संलिप्त लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी प्रकार से रेप का आरोप लगाकर फंसाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सहित गिरोह सदस्यों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। इस मामले में पुलिस ने तेजी से चालान पेश किया। जिसके चलते पिछले सप्ताह छह लोगों को कैद भी हो चुकी है। इसके अलावा दो फरवरी को गुहला में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल दो पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करना भी पुलिस विभाग का अपने ही विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
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बहादुरी से लड़ा था मनीष
18 मई, 2015 को एक आढ़ती से नकदी लूट कर भाग रहे लुटेरे को मनीष मित्तल ने बहादुरी के साथ रोकते हुए उसकी मोटरसाइकिल थाम ली थी। लुटेरे ने मनीष की बहादुरी से घबराकर उसकी छाती में सीधी गोली मार दी। मनीष की पकड़ लुटेरे पर ढीली हो गई। वह छूटकर फरार हो गया। इसके बाद पूरे शहर में इस मामले में आक्रोश फैल गया था। पुलिस पर भी हत्यारे को गिरफ्तार करने का दबाव बना। विशेष जांच दल गठित हुए। कई माह की छानबीन के बावजूद कोई परिणाम न निकलने पर मामले की जांच स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।
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कई लोगों से हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में पुलिस द्वारा 3000 से अधिक पिस्टल संबंधी शस्त्र लाइसेंस धारकों से पूछताछ की जा चुकी है। हजारों ही लोगों के मोबाइल नंबरों की जांच-पड़ताल की जा चुकी है। मुंबई से भी साइबर एक्सपर्ट से मदद ली जा चुकी है। साथ ही प्रदेश में इस तरह का अपराध करने वाले करीब 300 गंभीर अपराधों में शामिल रहे अपराधियों से पूछताछ हो चुकी है। लेकिन अभी तक हत्यारे का सुराग नहीं मिल पाया है।
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परिवार को न आर्थिक मदद न शहीद का दर्जा
मनीष के मामा नरेश भारती ने कहा कि मनीष ने बहादुरी की मिसाल कायम करते हुए अपनी शहादत दी थी लेकिन आज तक न तो मनीष को शहीद का दर्जा दिया गया और न ही उस समय की गई घोषणा अनुसार उसके छोटे भाई को नौकरी दी गई। केवल अभी तक सात लाख रुपये की सहायता राशि जरूर मिली है।
यह भी हैं अनसुलझे मामले
गुहला के एक गांव के सरपंच की हत्या का मामला अब तक अनसुलझा है। इस मामले में गुहला के पूर्व एसडीएम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसी प्रकार से गुहला-चीका में एक गोलगप्पे विक्रेता की हत्या का मामला भी अब तक अनसुलझा है। इसके अलावा लघु सचिवालय के सामने से ही एटीएम की मशीन को ही लुटेरे उखाड़ ले गए थे।
पुलिस की इस साल की उपलब्धियां
कैथल पुलिस की ओर से जिले में सट्टा गिरोह के खिलाफ चलाए गए अभियान से दर्जनों युवक एवं परिवार उजड़ने से बचे। पुलिस ने एक अभियान चलाकर क्रिकेट सट्टा सहित इस धंधे में संलिप्त लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी प्रकार से रेप का आरोप लगाकर फंसाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सहित गिरोह सदस्यों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। इस मामले में पुलिस ने तेजी से चालान पेश किया। जिसके चलते पिछले सप्ताह छह लोगों को कैद भी हो चुकी है। इसके अलावा दो फरवरी को गुहला में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल दो पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करना भी पुलिस विभाग का अपने ही विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।