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तिथि निश्चित होते ही फिर शुरू हुई कुर्सी की भागदौड़
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Wed, 17 Feb 2016 11:45 PM IST
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जिला परिषद व ब्लॉक समिति की प्रथम बैठक की तिथि निश्चित होते ही एक बार फिर से चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के लिए भागदौड़ शुरू हो गई है। पार्षदों के लिए जोर लगा रहे भाजपा नेताओं की खींचतान के चलते एक अघोषित कोर ग्रुप की बैठक में कुर्सी का फैसला हो सकता है।
28 जनवरी को आए जिला परिषद के चुनाव परिणाम के बाद एक बार चेयरमैनी के लिए विजयी उम्मीदवारों ने दौड़-धूप शुरू कर दी थी लेकिन बाद में तिथि का एलान न होने के कारण अपने हाथ पैर मार कर उम्मीदवार शायद घर बैठ गए लेकिन अब जैसे ही सरकार ने 24 दिसंबर को जिला परिषद एवं ब्लॉक समितियों के लिए बैठक आयोजित करने का एलान किया है, तभी से एक बार फिर से पार्षदों एवं उनके परिजनों ने भागदौड़ करनी शुरू कर दी है। जिले में जिला परिषद के 21 वार्डों में से 12 वार्डों में महिला पार्षद जीतकर आई हैं।
जिनमें से अधिकतर ने दूसरे दलों एवं अपने ऊपर लगे निर्दलीय के तगमे को हटाते हुए सत्ताधारी दल में शामिल होने का एलान भी कर दिया है। कहने को तो 12 की 12 महिला पार्षदों एवं उनके परिजनों द्वारा चेयरमैनी का प्रयास किया जा रहा है लेकिन चार नाम इस दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं। स्वयं भाजपा के नेता इन चार विजयी पार्षदों के लिए अलग-अलग तौर पर लॉबिंग कर रहे हैं।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के जिले के वरिष्ठ नेताओं, आरएसएस के अग्रणी लोगों, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों सहित भाजपा के विधायक एवं सांसद के एक अघोषित कोर ग्रुप की बैठक में जिला परिषद की चेयरमैनी एवं वाइस चेयरमैनी के लिए चर्चा होनी है। इस कोर ग्रुप की शीघ्र ही बैठक हो सकती है। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि भाजपा से जुड़े पार्षद ही चेयरमैन बनेंगे। क्योंकि पिछले दिनों 21 में से अधिकतर पार्षदों ने भाजपा के साथ जाने का ऐलान कर दिया था।
इसी प्रकार से कैथल, गुहला-चीका, पूंडरी, सीवन, कलायत, राजौंद व सीवन ब्लॉक समितियों के चेयरमैन व वाइस चेयरमैनों के लिए समिति सदस्यों ने पूरा जोर लगाया हुआ है।
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28 जनवरी को आए जिला परिषद के चुनाव परिणाम के बाद एक बार चेयरमैनी के लिए विजयी उम्मीदवारों ने दौड़-धूप शुरू कर दी थी लेकिन बाद में तिथि का एलान न होने के कारण अपने हाथ पैर मार कर उम्मीदवार शायद घर बैठ गए लेकिन अब जैसे ही सरकार ने 24 दिसंबर को जिला परिषद एवं ब्लॉक समितियों के लिए बैठक आयोजित करने का एलान किया है, तभी से एक बार फिर से पार्षदों एवं उनके परिजनों ने भागदौड़ करनी शुरू कर दी है। जिले में जिला परिषद के 21 वार्डों में से 12 वार्डों में महिला पार्षद जीतकर आई हैं।
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जिनमें से अधिकतर ने दूसरे दलों एवं अपने ऊपर लगे निर्दलीय के तगमे को हटाते हुए सत्ताधारी दल में शामिल होने का एलान भी कर दिया है। कहने को तो 12 की 12 महिला पार्षदों एवं उनके परिजनों द्वारा चेयरमैनी का प्रयास किया जा रहा है लेकिन चार नाम इस दौड़ में आगे बताए जा रहे हैं। स्वयं भाजपा के नेता इन चार विजयी पार्षदों के लिए अलग-अलग तौर पर लॉबिंग कर रहे हैं।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के जिले के वरिष्ठ नेताओं, आरएसएस के अग्रणी लोगों, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों सहित भाजपा के विधायक एवं सांसद के एक अघोषित कोर ग्रुप की बैठक में जिला परिषद की चेयरमैनी एवं वाइस चेयरमैनी के लिए चर्चा होनी है। इस कोर ग्रुप की शीघ्र ही बैठक हो सकती है। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि भाजपा से जुड़े पार्षद ही चेयरमैन बनेंगे। क्योंकि पिछले दिनों 21 में से अधिकतर पार्षदों ने भाजपा के साथ जाने का ऐलान कर दिया था।
इसी प्रकार से कैथल, गुहला-चीका, पूंडरी, सीवन, कलायत, राजौंद व सीवन ब्लॉक समितियों के चेयरमैन व वाइस चेयरमैनों के लिए समिति सदस्यों ने पूरा जोर लगाया हुआ है।