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विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरणों की आहट
कैथल
Updated Fri, 16 May 2014 11:42 PM IST
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भले ही कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से राजकुमार सैनी ने जीत हासिल की हो, लेकिन जिले के चारों विधानसभा के आंकड़ों को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भी नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं।
क्योंकि इन चारों विधानसभा क्षेत्रों से इनेलो और कांग्रेस एक-एक हलका बचाने में तो कामयाब रही है, लेकिन दो के वोट शेयर ने सभी लोगों को हैरत में डाल दिया।
जहां इनेलो और कांग्रेस अपना एक-एक हलका बचाने में कामयाब रही। वहीं, कैथल में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा उलटफेर किया है। सुरजेवाला के गढ़ सहित दो दो हलकों में बड़ी लीड मिलने से राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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कैथल से तेरह हजार की लीड
कांग्रेस पार्टी के लिए कैथल विधानसभा से 13 हजार से ज्यादा वोटों की हार को करारा झटका माना जा रहा है। लेकिन कांग्रेस ने गुहला में अपनी खोई हुई जमीन हासिल की है। इसके अलावा कलायत में इंडियन नेशनल लोकदल ने अपना रुतबा कायम रखते यहां से लीड हासिल की।
पूंडरी लेकर आया नए समीकरण
पूंडरी से मिली साढ़े चौबीस हजार वोटों की लीड ने आगे होने वाले विधानसभा चुनाव के संबंध में भाजपा की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि पूंडरी हलका को विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों को जितवाने के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां भाजपा को लीड मिली है, जो विरोधियों को सोचने पर मजबूर करेगी। यहां से भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रणधीर गोलन, पूर्व मंत्री नरेंद्र शर्मा जैसे नेताओं को अब विधानसभा चुनाव की डगर आसान नजर आने लगेगी। पूंडरी में इस समय सुल्तान सिंह जड़ौला निर्दलीय विधायक हैं तथा कांग्रेस को समर्थन देकर मुख्य संसदीय सचिव हैं।
सबसे बड़ा उलटफेर सुरजेवाला के गढ़ में
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों करने वाले विधायक एवं प्रदेश के कद्दावर मंत्रियों में शामिल और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के हलके से भाजपा को लीड मिलना सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। उनके गढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी नवीन जिंदल 13 हजार 231 वोटों से पिछड़ गया। यहां से भाजपा प्रत्याशी राजकुमार सैनी लीड मिली। पूरे प्रदेश में रोहतक के बाद कैथल में सबसे ज्यादा विकास कार्यों हुए थे, जिस वजह से यहां कांग्रेस को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। पिछले विधानसभा चुनाव में कैथल हलका से रणदीप सुरजेवाला ने 22 हजार मतों से जीत हासिल की थी। अब देखना यह होगा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में उनका कितना असर रहता है।
गुहला में कांग्रेस की वापसी
उधर, गुहला हल्का में पिछले विधानसभा चुनाव में इनेलो के फूल सिंह खेड़ी ने जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार कांग्रेस पार्टी ने अपने खोए हुए हलके में वापसी की। लोकसभा चुनाव यहां से कांग्रेस प्रत्याशी जिंदल भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले तीन हजार 347 वोटों की लीड मिली। गौरतलब है कि यहां से कांग्रेस नेता दिल्लू राम बाजीगर विधायक रहे हैं।
कलायत में इनेलो ने बचाया अपना दुर्ग
कलायत हलका में इनेलो ने अपने गढ़ को न केवल बचाए रखा, बल्कि बड़ी लीड ली। यहां से विधायक रामपाल माजरा का पार्टी में अवश्य कद बढ़ सकता है। क्योंकि यहां से इनेलो प्रत्याशी बलबीर सैनी ने 16 हजार 981 वोटों से बढ़त हासिल की है। गौरतलब है कि भाजपा के शानदार प्रदर्शन से अब इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट मांगने के लिए नेताओं की फेहरिस्त लंबी हो सकती है।
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क्योंकि इन चारों विधानसभा क्षेत्रों से इनेलो और कांग्रेस एक-एक हलका बचाने में तो कामयाब रही है, लेकिन दो के वोट शेयर ने सभी लोगों को हैरत में डाल दिया।
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जहां इनेलो और कांग्रेस अपना एक-एक हलका बचाने में कामयाब रही। वहीं, कैथल में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा उलटफेर किया है। सुरजेवाला के गढ़ सहित दो दो हलकों में बड़ी लीड मिलने से राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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कैथल से तेरह हजार की लीड
कांग्रेस पार्टी के लिए कैथल विधानसभा से 13 हजार से ज्यादा वोटों की हार को करारा झटका माना जा रहा है। लेकिन कांग्रेस ने गुहला में अपनी खोई हुई जमीन हासिल की है। इसके अलावा कलायत में इंडियन नेशनल लोकदल ने अपना रुतबा कायम रखते यहां से लीड हासिल की।
पूंडरी लेकर आया नए समीकरण
पूंडरी से मिली साढ़े चौबीस हजार वोटों की लीड ने आगे होने वाले विधानसभा चुनाव के संबंध में भाजपा की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। गौरतलब है कि पूंडरी हलका को विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों को जितवाने के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां भाजपा को लीड मिली है, जो विरोधियों को सोचने पर मजबूर करेगी। यहां से भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रणधीर गोलन, पूर्व मंत्री नरेंद्र शर्मा जैसे नेताओं को अब विधानसभा चुनाव की डगर आसान नजर आने लगेगी। पूंडरी में इस समय सुल्तान सिंह जड़ौला निर्दलीय विधायक हैं तथा कांग्रेस को समर्थन देकर मुख्य संसदीय सचिव हैं।
सबसे बड़ा उलटफेर सुरजेवाला के गढ़ में
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों करने वाले विधायक एवं प्रदेश के कद्दावर मंत्रियों में शामिल और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के हलके से भाजपा को लीड मिलना सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। उनके गढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी नवीन जिंदल 13 हजार 231 वोटों से पिछड़ गया। यहां से भाजपा प्रत्याशी राजकुमार सैनी लीड मिली। पूरे प्रदेश में रोहतक के बाद कैथल में सबसे ज्यादा विकास कार्यों हुए थे, जिस वजह से यहां कांग्रेस को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। पिछले विधानसभा चुनाव में कैथल हलका से रणदीप सुरजेवाला ने 22 हजार मतों से जीत हासिल की थी। अब देखना यह होगा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में उनका कितना असर रहता है।
गुहला में कांग्रेस की वापसी
उधर, गुहला हल्का में पिछले विधानसभा चुनाव में इनेलो के फूल सिंह खेड़ी ने जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार कांग्रेस पार्टी ने अपने खोए हुए हलके में वापसी की। लोकसभा चुनाव यहां से कांग्रेस प्रत्याशी जिंदल भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले तीन हजार 347 वोटों की लीड मिली। गौरतलब है कि यहां से कांग्रेस नेता दिल्लू राम बाजीगर विधायक रहे हैं।
कलायत में इनेलो ने बचाया अपना दुर्ग
कलायत हलका में इनेलो ने अपने गढ़ को न केवल बचाए रखा, बल्कि बड़ी लीड ली। यहां से विधायक रामपाल माजरा का पार्टी में अवश्य कद बढ़ सकता है। क्योंकि यहां से इनेलो प्रत्याशी बलबीर सैनी ने 16 हजार 981 वोटों से बढ़त हासिल की है। गौरतलब है कि भाजपा के शानदार प्रदर्शन से अब इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा की टिकट मांगने के लिए नेताओं की फेहरिस्त लंबी हो सकती है।