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न धान, न ट्रॉली, कमरे में काट रहे थे फर्जी गेटपास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:33 AM IST
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Neither paddy nor trolley, fake gatepass was being cut in the room
गुहला-चीका, कैथल। गुहला-चीका मार्केट कमेटी में सरकारी धान की खरीद के दौरान बिना धान के ही फर्जी गेटपास काटे जाने का खेल चल रहा था। बुधवार को इसका खुलासा मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक के छापे के दौरान हुआ। इसके बाद पुलिस ने देर रात चार कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। मामले में मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों पर भी गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है।
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छापामार दल में शामिल मार्केटिंग बोर्ड के अभिनव वालिया व ईश्वर राणा ने बताया कि 20 अक्तूबर को मार्केट कमेटी चीका का बोर्ड के मुख्य प्रशासक ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पाया गया कि कार्यालय के कंप्यूटर रूम के साथ वाले कमरे में बैठकर ही पीआर धान के लिए आवक के गेटपास जारी किए जा रहे थे। पूछताछ में मंडी सुपरवाइजर कर्मचारी हिमांशु ने अपने ब्यान में बताया कि मार्केट कमेटी सचिव, मंडी सुपरवाइजर बग्गा सिंह, मंडी सुपरवाइजर व दीपक ऑपरेटर के कहने पर करीब दो दर्जन गेटपास काटे हैं। बताया कि ये गेट पास उसने प्रवीण द्वारा दी गई आईडी से काटे हैं।
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उसी कमरे में मौके पर मौजूद गुणवत्ता विश्लेषक संदीप ने बताया कि छापे के समय वह कंप्यूटर रूम के साथ वाले कमरे में था, जहां हिमांशु ने कमरे की बाहर से कुंडी बंद कर रखी थी। कर्मचारी प्रवीन कुमार उसे व्हॉटस-एप पर शेड्यूल भेजा देता है। उसी अनुसार वह गेटपास काट देता है। मौके पर कोई ट्रॉली नहीं आती। इसी प्रकार से मंडी विश्लेषक प्रवीन शर्मा ने ब्यान दिया कि वह मार्केट कमेटी चीका में मंडी विश्लेषक के पद पर कार्य करता है और सचिव के कहने अनुसार किसानों की समस्याएं सुनते हैं। सचिव के आदेशानुसार वह किसानों के गेटपास जारी कर देते हैं। सचिव की ओर से उसकी मौखिक ड्यूटी लगाई हुई है।
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इसी प्रकार से गुणवत्ता विश्लेषक सिरसा के तरंकावाली निवासी पवन ने बताया कि उसे सचिव मार्केट कमेटी ने आदेश दिया था कि कमेटी कार्यालय के गेट पर स्थित कंप्यूटर रूम में आने वाले किसानों के गेट पास काटे। वह बिना ट्रॉली देखे ही गेटपास काट रहा था। जांच में यह भी पता चला कि काफी कम समय में बहुत ज्यादा गेटपास काटे गए हैं। जबकि एक गेटपास पर एक से डेढ़ मिनट लगता है। उपरोक्त ब्यानों से स्पष्ट है कि मार्केट कमेटी कार्यालय में बिना ट्रॉली देखे ही फर्जी तरीके से गेटपास काटे जा रहे थे।

इस संबंध में कुछ किसानों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे बुधवार को धान लेकर नहीं आए हैं। इससे स्पष्ट हो गया कि मंडी में बिना धान की आवक के ही फर्जी गेटपास काटे गए। मुख्य प्रशासक ने बताया कि यह एक तरह से धान खरीद में भारी गड़बड़ी के संकेत हैं। चीका मार्केट कमेटी सचिव का ओवरऑल कंट्रोल भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद चारों कर्मचारी हिमांशु मंडी सुपरवाइजर, प्रवीन मंडी एनालिस्ट, संदीप गुणवत्ता विश्लेषक व पवन गुणवत्ता विश्लेषक के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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