फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Nearly Rs 5 crore outstanding of 134-A in Kaithal

Kaithal News: कैथल में 134-ए का लगभग पांच करोड़ बकाया

Sat, 03 Feb 2024 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 03 Feb 2024 03:24 AM IST
विज्ञापन
Nearly Rs 5 crore outstanding of 134-A in Kaithal
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। अंबाला रोड स्थित एक निजी होटल में फेडरेशन आफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने 134-ए के तहत अटकी हुई राशि जारी करने की मांग पर बैठक की। इसमें एसोसिएशन ने बताया कि जिले के 250 से अधिक प्राइवेट स्कूलों का करीब पांच करोड़ रुपये का भुगतान सरकार ने नहीं किया है। स्कूल आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं।

फेडरेशन के प्रदेश महासचिव डॉ. वरुण जैन, प्रदेश सचिव महीपाल कौशिक व जिलाध्यक्ष सुरेश नैन ने चेतावनी दी कि यदि इस बार दाखिलों से पहले यह राशि नहीं दी गई तो वे 134-ए के तहत स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को निकालने पर मजबूर होंगे। कहा कि इस प्रकार सरकार की लापरवाही की वजह से बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा सकता है।
विज्ञापन


महीपाल कौशिक ने कहा कि सरकार यदि वास्तव में जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ाना चाहती है तो निजी स्कूलों को उनकी फीस समय पर दे। ये स्कूल बच्चों से मिलने वाली फीस पर ही निर्भर करते हैं। वे लंबे समय तक इन बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ हैं। जब वह कोई कागज भेजने में देरी करते हैं तो सरकार उन पर जुर्माना लगा देती है, लेकिन सालों से उनके अधिकार का पैसा उन्हें नहीं दे रही।
विज्ञापन
विज्ञापन


वरुण जैन ने बताया कि ऐसा नहीं है कि सरकार की ओर से 134-ए का भुगतान नहीं किया गया है। नवंबर 2021 में जिले के 72 स्कूलों को 78 लाख रुपये जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय में स्कूलों के नाम के साथ आया था, लेकिन यह दूसरे स्कूलों को दे दिया गया। इस राशि के खुर्दबुर्द कर दिए जाने की भी आशंका है।

डॉ. जैन ने कहा कि सरकार से वह 18 प्रतिशत ब्याज के साथ अपनी राशि मांग रहे हैं। जिलाध्यक्ष सुरेश नैन ने बताया कि खुद उनके स्कूल को पौने छह लाख रुपये बकाया है। इसके लिए वह कई बार जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से मिल चुके हैं, लेकिन कोई बात नहीं बनी एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि यह समस्या पूरे हरियाणा में है। इस मौके पर जगजीत माजरा, हरपाल क्योड़क, कृष्ण कुमार, विकास धीमान आदि संचालक मौजूद रहे।


यह है नियम 134-ए

नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने की चाह रखने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन भी किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed