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Kaithal News: स्कूल संचालकों की मनमानी से अभिभावकों की जेब हो रही ढीली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2023 02:38 AM IST
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NCERT Books
कैथल। विभागीय आदेशों को दरकिनार कर जिले के अधिकतर निजी स्कूल एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगवा रहे हैं, जो कई गुना महंगी हैं। स्कूल संचालकों की यह मनमानी अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रही है। ऐसा नहीं है कि मार्केट में एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध नहीं, इसके बावजूद बच्चों के अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, कुछेक पुस्तक विक्रेताओं के पास निजी प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में ये विक्रेता स्कूल संचालकों के साथ समझौता कर मनमानी दाम अभिभावकों पर थोप रहे हैं। एक बार पढ़ने के बाद दोबारा कोई बच्चा पुस्तकों का इस्तेमाल न कर सके, इसके लिए हर वर्ष पुस्तकों में बदलाव किया जा रहा है।
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विदित हो कि एनसीईआरटी की पुस्तकों का कक्षा प्रथम से लेकर पांचवीं तक पूरे सेट का दाम 200 से 250 रुपये के बीच है, जबकि निजी प्रकाशकों की पुस्तकें 2500 से लेकर 2700 रुपये तक बेची जा रही हैं। इसी प्रकार छठी से लेकर आठवीं तक एनसीईआरटी के दाम 800 से 900 रुपये हैं, जबकि निजी प्रकाशकों की पुस्तकों के दाम 4500 रुपये से भी अधिक वसूले जा रहे हैं। नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों की पुस्तकों के दाम निजी प्रकाशकों द्वारा 2500 रुपये से ज्यादा लिए जा रहे हैं, जबकि एनसीईआरटी के दाम 1000 रुपये तक हैं। बोर्ड की कक्षाओं के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य हैं, लेकिन अधिक तैयारी का हवाला देकर उनसे भी निजी प्रकाशकों की पुस्तकें मंगवाई जा रही हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पुस्तक विक्रेताओं ने बताया कि जिले में कुछ ही स्कूल हैं, जो एनसीईआरटी की पुस्तकें लगवा रहे हैं। अधिकतर स्कूलों में निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लग रही हैं। एनसीईआरटी की जो पुस्तकें उपलब्ध हैं, वो अभिभावकों को दी जा रही हैं। विभाग को चाहिए कि वह सभी स्कूलों को निर्देश दे कि जो पुस्तकें वे लगवाएंगे, उनकी जानकारी विभागीय कार्यालय में दी जाए।
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अभिभावक अनिल, सतीश, पवन व राजेश ने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की ही पुस्तकें लगाई जाएं। अभिभावकों से बेवजह वसूली की जा रही है, जिसका वे मजबूरन विरोध भी नहीं कर सकते।


जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र चौधरी ने कहा कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लगवाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सूचित किया गया है। अगर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लगवाने के संबंध में किसी स्कूल के खिलाफ शिकायत मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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