{"_id":"5707fc014f1c1bee71c8113b","slug":"navratra-first-day-kaithal-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रथम नवरात्र में श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रथम नवरात्र में श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:14 AM IST
विज्ञापन
नवरात्र उत्सव
- फोटो : कैथल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रथम नवरात्र में श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना
भोर से ही मंदिर में लगे जयकारे
राजौंद। शुक्रवार को शुरू हुए प्रथम नवरात्रे पर नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए जयघोषों से नगर के वातावरण को पुरी तरह भक्तिमय बना दिया।
सुबह चार बजे से ही दुर्गा मंदिर, भद्रकाली मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, गांव में स्थित बाबा बहादुर बण मंदिर में भक्तों ने पहुंचकर पूजा अर्चना कर मां जगदंबे भवानी से मंगल कामना की प्रार्थना की। नवरात्रों के पावन अवसर पर मंदिरों को खूब सजाया गया है।
नवरात्रे के प्रथम दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और मंदिर में चल रहे भक्ति गीत माहौल को और भी भक्तिमय करने में सहायक सिद्ध हो रहे थे। श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्रों के प्रथम दिन नवदुर्गा में प्रथम रूप में शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। आचार्य रामभगत हरितस ने बताया कि मां के बारे में ब्रह्मा जी ने स्वयं मार्केंडेय से कहा कि देवी शैल पुत्र गिरी राज हिमालय की पुत्री पार्वती देवी है।
विज्ञापन
आचार्य ने बताया कि घोर तपस्या के बाद पार्वती ने हिमालय की पुत्री बनना स्वीकार किया था। पूर्व जन्म में यह प्रजापति दक्ष के यहां पुत्री के रूप में पैदा हुई जहां इन्हें सती के रूप में जाना जाता था। उस जन्म में ये शंकर जी की धर्मपत्नी थी।
विज्ञापन