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Kaithal News: रोडवेज कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल 12 को

Fri, 06 Feb 2026 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 06 Feb 2026 02:23 AM IST
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Nationwide strike of roadways employees on 12th
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने 12 फरवरी 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में रोडवेज डिपो में यूनियन नेताओं के स्वागत के साथ गेट मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मचारियों को आंदोलन के उद्देश्य और आगामी रणनीति से अवगत कराया गया।

मीटिंग को राज्य महासचिव सुमेर सिवाच, वरिष्ठ उपप्रधान शिव कुमार सोराण, राज्य के वरिष्ठ उपप्रधान जरनैल सिंह, जिला प्रधान ओमपाल भाल, डिपो प्रधान अमित कुंडू, सचिव कृष्ण गुलियाना और सुरेंद्र पालवा ने संबोधित किया। नेताओं ने बताया कि 12 फरवरी को डिपो के सभी लिपिक, चालक, परिचालक, मैकेनिक और निरीक्षक हड़ताल में भाग लेंगे।
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ये हैं प्रमुख मांगें ः नेताओं ने कहा कि हड़ताल की मुख्य मांगों में रोडवेज के निजीकरण पर पूर्ण रोक, कर्मचारी विरोधी चारों लेबर कोड रद्द करना, आठवें वेतन आयोग का गठन, समान काम के लिए समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कच्चे कर्मचारियों की पक्की भर्ती, रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियां और अप्रेंटिस के स्टाइपेंड को न्यूनतम वेतन के बराबर करना शामिल है।
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यूनियन नेताओं ने विभाग की तबादला नीति में खामियों पर भी नाराजगी जताई और इस संबंध में लिखित आपत्ति दर्ज करवाई। उन्होंने सरकार से चालकों और परिचालकों का आपसी स्थानांतरण लागू करने की मांग की।


सहमतियां बनीं, अमल नहीं हुआ

राज्य महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि 22 मई 2025 और 22 जनवरी 2026 को हुई बैठकों में कई मांगों पर सहमति बनी थी। इनमें चालकों, परिचालकों और लिपिकों का पे-ग्रेड बढ़ाना, रात्रि ठहराव भत्ता, अर्जित अवकाश, पदोन्नति और बकाया बोनस का भुगतान शामिल था, लेकिन आज तक इन पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार एचकेआरएन कर्मचारियों की पक्की भर्ती और बकाया वेतन का भुगतान किया जाना चाहिए। इसके अलावा निजीकरण रोककर विभाग में 10 हजार नई बसें शामिल करने, चालकों का वेतन 53,100 रुपये तथा लिपिक और परिचालकों का वेतन 35,400 रुपये निर्धारित करने की मांग भी प्रमुख है।
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