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नाम के मॉडल, कई स्कूलों में सिर्फ दो शिक्षक और विद्यार्थी 150 तक
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गगन तलवार
करनाल। प्राथमिक स्कूलों को मॉडल संस्कृति में बदले दो साल बीत चुके, लेकिन स्कूलों का नाम और कुछ व्यवस्था परिवर्तन के बाद भी हालात नहीं बदले। शिक्षा विभाग द्वारा दावा किया जा रहा है कि इन स्कूलों में विद्यार्थियों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलेंगी पर कई स्कूलों में तो शिक्षक भी पर्याप्त नहीं हैं।
जिले के सभी छह खंडों में कुल 67 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें से 42 स्कूलों में हेडमास्टर के पद रिक्त हैं। ये स्कूल अब तक बिना मुखिया के चल रहे हैं। वहीं, शिक्षकों की संख्या पर नजर डाली तो पता चला कि पांच स्कूल ऐसे हैं जहां केवल दो-दो शिक्षक कार्यरत हैं। आठ स्कूल ऐसे हैं, जिनमें केवल तीन-तीन शिक्षक ही पहली से पांचवीं कक्षा को पढ़ा रहे हैं। विभाग के नियमानुसार 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन कई स्कूलों में 97 विद्यार्थियों पर महज एक ही गुरु जी हैं। ऐसे में ये शिक्षक कैसे इतने बच्चों को पढ़ाते होंगे और मुखिया का पद रिक्त होने की स्थिति में उनके निगरानी संबंधित कार्य कैसे देखते होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग की व्यवस्था के अनुसार इन स्कूलों में वरिष्ठ अध्यापक को ही हेडमास्टर संबंधित कार्य देखने की जिम्मेदारी दी गई है। ब्यूरो
जीपीएस-04 स्कूल में सर्वाधिक 769 छात्र
67 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों में से सबसे ज्यादा छात्र संख्या जीपीएस-04 में है। यहां 769 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। इस स्कूल में 18 शिक्षक कार्यरत हैं यानी 43 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है। वहीं, दूसरे नंबर पर 766 छात्र संख्या वाला जीपीएस प्रेमनगर है। यहां 23 शिक्षक तैनात हैं यानी 33 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है। वहीं, चिढ़ाव के राजकीय स्कूल में 111 विद्यार्थियों पर पांच शिक्षक हैं यानी 22 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होने से पढ़ाई की व्यवस्था ठीक है लेकिन मुखिया का पद यहां भी खाली है।
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शिक्षकों की यह है स्थिति
- पांच स्कूलों में केवल दो-दो शिक्षक
- आठ स्कूलों में केवल तीन-तीन शिक्षक
- 42 स्कूलों में हेडमास्टर ही नहीं
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प्राथमिक स्कूलों में ये है छात्र संख्या
दो-दो शिक्षक वाले स्कूल -
स्कूल विद्यार्थी
रेयतखाना 155
बल्ला 146
नेवल कमांडो 137
भादसों 92
मेहमदपुर 69
(किसी भी स्कूल में हेडमास्टर नहीं है)
तीन शिक्षक वाले स्कूल -
स्कूल विद्यार्थी
इंद्री (लड़के) 293
पुंडरक 216
पाढ़ा 205
फरीदपुर 149
इंद्री (लड़कियां) 137
भैणीखुर्द 125
मैनमती 104
नोट : इंद्री (लड़के) को छोड़कर किसी भी स्कूल में हेडमास्टर नहीं
मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल
खंड स्कूल
असंध 11
इंद्री 09
घरौंडा 05
करनाल 24
निसिंग 07
नीलोखेड़ी 11
कुल 67
मॉडल संस्कृति स्कूलों में प्रिंसिपल और पीजीटी के लिए विभाग की ओर से आवेदन मांगे गए हैं। इन स्कूलों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है इसी सत्र की शुरुआत में इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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करनाल। प्राथमिक स्कूलों को मॉडल संस्कृति में बदले दो साल बीत चुके, लेकिन स्कूलों का नाम और कुछ व्यवस्था परिवर्तन के बाद भी हालात नहीं बदले। शिक्षा विभाग द्वारा दावा किया जा रहा है कि इन स्कूलों में विद्यार्थियों को निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलेंगी पर कई स्कूलों में तो शिक्षक भी पर्याप्त नहीं हैं।
जिले के सभी छह खंडों में कुल 67 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें से 42 स्कूलों में हेडमास्टर के पद रिक्त हैं। ये स्कूल अब तक बिना मुखिया के चल रहे हैं। वहीं, शिक्षकों की संख्या पर नजर डाली तो पता चला कि पांच स्कूल ऐसे हैं जहां केवल दो-दो शिक्षक कार्यरत हैं। आठ स्कूल ऐसे हैं, जिनमें केवल तीन-तीन शिक्षक ही पहली से पांचवीं कक्षा को पढ़ा रहे हैं। विभाग के नियमानुसार 30 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होना चाहिए, लेकिन कई स्कूलों में 97 विद्यार्थियों पर महज एक ही गुरु जी हैं। ऐसे में ये शिक्षक कैसे इतने बच्चों को पढ़ाते होंगे और मुखिया का पद रिक्त होने की स्थिति में उनके निगरानी संबंधित कार्य कैसे देखते होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। विभाग की व्यवस्था के अनुसार इन स्कूलों में वरिष्ठ अध्यापक को ही हेडमास्टर संबंधित कार्य देखने की जिम्मेदारी दी गई है। ब्यूरो
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जीपीएस-04 स्कूल में सर्वाधिक 769 छात्र
67 राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूलों में से सबसे ज्यादा छात्र संख्या जीपीएस-04 में है। यहां 769 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। इस स्कूल में 18 शिक्षक कार्यरत हैं यानी 43 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है। वहीं, दूसरे नंबर पर 766 छात्र संख्या वाला जीपीएस प्रेमनगर है। यहां 23 शिक्षक तैनात हैं यानी 33 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक है। वहीं, चिढ़ाव के राजकीय स्कूल में 111 विद्यार्थियों पर पांच शिक्षक हैं यानी 22 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक होने से पढ़ाई की व्यवस्था ठीक है लेकिन मुखिया का पद यहां भी खाली है।
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शिक्षकों की यह है स्थिति
- पांच स्कूलों में केवल दो-दो शिक्षक
- आठ स्कूलों में केवल तीन-तीन शिक्षक
- 42 स्कूलों में हेडमास्टर ही नहीं
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प्राथमिक स्कूलों में ये है छात्र संख्या
दो-दो शिक्षक वाले स्कूल -
स्कूल विद्यार्थी
रेयतखाना 155
बल्ला 146
नेवल कमांडो 137
भादसों 92
मेहमदपुर 69
(किसी भी स्कूल में हेडमास्टर नहीं है)
तीन शिक्षक वाले स्कूल -
स्कूल विद्यार्थी
इंद्री (लड़के) 293
पुंडरक 216
पाढ़ा 205
फरीदपुर 149
इंद्री (लड़कियां) 137
भैणीखुर्द 125
मैनमती 104
नोट : इंद्री (लड़के) को छोड़कर किसी भी स्कूल में हेडमास्टर नहीं
मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल
खंड स्कूल
असंध 11
इंद्री 09
घरौंडा 05
करनाल 24
निसिंग 07
नीलोखेड़ी 11
कुल 67
मॉडल संस्कृति स्कूलों में प्रिंसिपल और पीजीटी के लिए विभाग की ओर से आवेदन मांगे गए हैं। इन स्कूलों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है इसी सत्र की शुरुआत में इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी