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Kaithal News: पशु बीमा योजना का लाभ लेन के लिए किया प्रेरित
Tue, 10 Oct 2023 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 10 Oct 2023 01:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पशुपालन विभाग कलायत की तरफ से पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक योजना के तहत गांव कलासर में जागरूकता शिविर लगाया। इसमें मुख्य रूप से डाॅ. पवन बूरा ने शिरकत की। इस दौरान डाक्टरों की टीम ने पशु पालकों को पशु पालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही सरकार की पशु पालकों से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई।
डाॅ. पवन बूरा ने पशुपालकों को पशुओं का बीमा करवाने के लिए प्रेरित किया। अनुसूचित वर्ग के पशु पालकों के लिए बीमा निशुल्क है। जबकि अन्य जातियों के लिए बीमा के लिए 100 रुपए प्रति पशु फीस निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता का योजना में पूरी तरह ध्यान रखा जा रहा है।
इसके तहत यदि कोई पशु पालक पांच पशुओं का बीमा करवाता है तो उसे परिवार पहचान पत्र उपलब्ध करवाना होगा। दस्तावेजों की समीक्षा व जांच के बाद उसे सुविधा का लाभ दिया जाएगा। बताया कि पशु पालक मुख्य रूप से पशु धन पर निर्भर रहते हैं। इसके जरिये ही उनके घर का चूल्हा चलता है। कृषि में पशु पालन की अहम भूमिका है। इसलिए पशु पालकों को किसी प्रकार की हानि से बचाने के लिए बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है।
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कलायत। पशुपालन विभाग कलायत की तरफ से पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक योजना के तहत गांव कलासर में जागरूकता शिविर लगाया। इसमें मुख्य रूप से डाॅ. पवन बूरा ने शिरकत की। इस दौरान डाक्टरों की टीम ने पशु पालकों को पशु पालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही सरकार की पशु पालकों से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई।
डाॅ. पवन बूरा ने पशुपालकों को पशुओं का बीमा करवाने के लिए प्रेरित किया। अनुसूचित वर्ग के पशु पालकों के लिए बीमा निशुल्क है। जबकि अन्य जातियों के लिए बीमा के लिए 100 रुपए प्रति पशु फीस निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता का योजना में पूरी तरह ध्यान रखा जा रहा है।
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इसके तहत यदि कोई पशु पालक पांच पशुओं का बीमा करवाता है तो उसे परिवार पहचान पत्र उपलब्ध करवाना होगा। दस्तावेजों की समीक्षा व जांच के बाद उसे सुविधा का लाभ दिया जाएगा। बताया कि पशु पालक मुख्य रूप से पशु धन पर निर्भर रहते हैं। इसके जरिये ही उनके घर का चूल्हा चलता है। कृषि में पशु पालन की अहम भूमिका है। इसलिए पशु पालकों को किसी प्रकार की हानि से बचाने के लिए बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है।
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