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Kaithal News: जच्चा-बच्चा अस्पताल की सौगात जल्द
Sat, 04 Nov 2023 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 04 Nov 2023 12:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सांपन खेड़ी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास होने के बाद अब शहर के पुराना अस्पताल भवन में जल्द 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल की सौगात मिलेगी। इसके नक्शा बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ने इस संबंध में लोक निर्माण विभाग से कागजी कार्यवाही पूरी कर ली है। अब पुराना अस्पताल में बने भवन को गिराने की अनुमति मिलने के बाद निर्माण की कार्यवाही शुरू होगी।
गौरतलब है कि सरकार ने इस अस्पताल के निर्माण को लेकर छह करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसको लेकर पुराना अस्पताल में बनाए गए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी दूसरी जगह पर बदल दिया गया है। अब इस स्वास्थ्य केंद्र को वाल्मीकि चौक के पास बर्फानी सेवा मंडल के कार्यालय के सामने अस्थायी तौर पर स्थापित किया है।
वेयर हाउस 100 बेड का
जच्चा-बच्चा अस्पताल एक एकड़ में बनाया जाना है। इसके निर्माण के बाद जिला सहित शहर व आस-पास के गांव के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
छोटे बच्चों मिलेगा बेहतर इलाज ः जच्चा-बच्चा अस्पताल के निर्माण के बाद यहां पर अलग से एक निकु वार्ड बनाया जाएगा। इसके साथ ही रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई में बच्चों के किए गए इलाज के बराबर ही यहां पर सुविधाएं मिलेगी। यहां पर अलग से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी होगी। इसके लिए लोगों को न तो निजी अस्पतालों में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाने की भी कोई जरूरत नहीं होगी। यहां नवजात बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच व डिलीवरी हो सकेगी। इसके बनने से शहर वासियों को घर के समीप ही एक सरकारी अच्छे अस्पताल में इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल में नवजात बच्चों व डिलीवरी के लिए सुविधा न होने के कारण लोगों को जिला नागरिक अस्पताल में जाना पड़ता है, जो दूर पड़ता है।
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जिला स्तर पर मिल रहीं सुविधाएं
जिला स्तर पर शहर में 200 बेड का अस्पताल हैं। इसके साथ ही कोरोना महामारी के समय में यहां पर 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल भी बनाया गया था। पुराना अस्पताल परिसर का भवन जर्जर हो चुका है। यहां पर इस समय सिविल सर्जन कार्यालय बनाया ं है। जच्चा-बच्चा अस्पताल में शहर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तहत कुल 400 बेड के अस्पताल बन जाएंगे। यही नहीं इस अस्पताल के साथ-साथ यहां सिविल व डिप्टी सिविल सर्जन कार्यालय व क्वार्टर, आठ डिप्टी सिविल सर्जन के क्वार्टर भी बनाए जाएंगे।
कैथल से भाजपा विधायक लीला राम ने बताया कि 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल के लिए सरकार ने छह करोड़ रुपये का बजट दिया है। इस बजट के आने के बाद अब नक्शा बनाने की प्रक्रिया जारी। नक्शा बनने के बाद जर्जर भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके निर्माण के बाद शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले सहित आस-पास के क्षेत्रों को राहत मिलेगी।
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कैथल। सांपन खेड़ी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास होने के बाद अब शहर के पुराना अस्पताल भवन में जल्द 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल की सौगात मिलेगी। इसके नक्शा बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय ने इस संबंध में लोक निर्माण विभाग से कागजी कार्यवाही पूरी कर ली है। अब पुराना अस्पताल में बने भवन को गिराने की अनुमति मिलने के बाद निर्माण की कार्यवाही शुरू होगी।
गौरतलब है कि सरकार ने इस अस्पताल के निर्माण को लेकर छह करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसको लेकर पुराना अस्पताल में बनाए गए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को भी दूसरी जगह पर बदल दिया गया है। अब इस स्वास्थ्य केंद्र को वाल्मीकि चौक के पास बर्फानी सेवा मंडल के कार्यालय के सामने अस्थायी तौर पर स्थापित किया है।
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वेयर हाउस 100 बेड का
जच्चा-बच्चा अस्पताल एक एकड़ में बनाया जाना है। इसके निर्माण के बाद जिला सहित शहर व आस-पास के गांव के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
छोटे बच्चों मिलेगा बेहतर इलाज ः जच्चा-बच्चा अस्पताल के निर्माण के बाद यहां पर अलग से एक निकु वार्ड बनाया जाएगा। इसके साथ ही रोहतक व चंडीगढ़ पीजीआई में बच्चों के किए गए इलाज के बराबर ही यहां पर सुविधाएं मिलेगी। यहां पर अलग से बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी होगी। इसके लिए लोगों को न तो निजी अस्पतालों में अधिक खर्च वहन करना पड़ेगा। दूसरा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई जाने की भी कोई जरूरत नहीं होगी। यहां नवजात बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच व डिलीवरी हो सकेगी। इसके बनने से शहर वासियों को घर के समीप ही एक सरकारी अच्छे अस्पताल में इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल में नवजात बच्चों व डिलीवरी के लिए सुविधा न होने के कारण लोगों को जिला नागरिक अस्पताल में जाना पड़ता है, जो दूर पड़ता है।
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जिला स्तर पर मिल रहीं सुविधाएं
जिला स्तर पर शहर में 200 बेड का अस्पताल हैं। इसके साथ ही कोरोना महामारी के समय में यहां पर 100 बेड का पोर्टेबल अस्पताल भी बनाया गया था। पुराना अस्पताल परिसर का भवन जर्जर हो चुका है। यहां पर इस समय सिविल सर्जन कार्यालय बनाया ं है। जच्चा-बच्चा अस्पताल में शहर में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तहत कुल 400 बेड के अस्पताल बन जाएंगे। यही नहीं इस अस्पताल के साथ-साथ यहां सिविल व डिप्टी सिविल सर्जन कार्यालय व क्वार्टर, आठ डिप्टी सिविल सर्जन के क्वार्टर भी बनाए जाएंगे।
कैथल से भाजपा विधायक लीला राम ने बताया कि 100 बेड के जच्चा-बच्चा अस्पताल के लिए सरकार ने छह करोड़ रुपये का बजट दिया है। इस बजट के आने के बाद अब नक्शा बनाने की प्रक्रिया जारी। नक्शा बनने के बाद जर्जर भवन को गिराने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके निर्माण के बाद शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले सहित आस-पास के क्षेत्रों को राहत मिलेगी।