कैथल। हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने कहा कि राइस मिलर्स सरकार और संबंधित एजेंसियों के साथ सहयोग करते हुए धान खरीद एवं मिलिंग का कार्य करना चाहते हैं लेकिन उनकी लंबित समस्याओं का ठोस समाधान और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में चावल के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराए बिना काम सुचारू रूप से करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समस्याओं का समाधान होने तक मिलर्स मौजूदा परिस्थितियों में कार्य करने में असमर्थ हैं। पिहोवा में आयोजित एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 250 राइस मिलर्स और पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में आगामी धान खरीद एवं मिलिंग सीजन 2026-27 से जुड़ी समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद कैथल में यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए छाबड़ा ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होता और पिछले चावल के निपटारे की स्पष्ट व्यवस्था नहीं बनती, तब तक मिलिंग कार्य आगे बढ़ाना व्यावहारिक नहीं होगा। मांग की कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 का लंबित बोनस तत्काल जारी किया जाए और नए सीजन में 100 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए। एफसीआई में चावल के भंडारण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने के साथ 100 प्रतिशत आईपीआर चावल में ब्रोकन की समस्या का समाधान किया जाए। ब्रोकन का समय पर उठान नहीं होने से मिलर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके लिए निश्चित और समयबद्ध व्यवस्था बनाई जाए। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पिछले सीजन में कार्य में हुई देरी को देखते हुए मिलर्स की री-शेड्यूलिंग की जाए। एसोसिएशन ने सरकार से उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर सभी मांगों पर ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया, ताकि किसान, आढ़ती, मिलर्स, मजदूर और सरकारी एजेंसियों का काम प्रभावित न हो।

मिलर्स को संबोधित करते प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा। व