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‘फ्राई-डे’ : कैथल में गर्मी ने तोड़ा पंद्रह साल का रिकॉर्ड

Fri, 06 Jun 2014 11:31 PM IST
कैथल
कैथल Updated Fri, 06 Jun 2014 11:31 PM IST
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Mercury breaks last fifteen years record in kaithal
कैथल। कैथल में शुक्रवार को गर्मी ने पिछले पंद्रह साल के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सूर्यदेव के उग्र रूप के कारण ‘फ्राई-डे’ को पारा 46 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड आंकड़े पर पहुंच गया। ऐसा लग रहा था मानो गर्मी के प्रकोप पूरा शहर झुलस रहा हो। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 1999 में मई और जून में पारा इस स्तर तक पहुंचा था। वर्ष 2002 में कैथल जिले में भयंकर सूखा पड़ा था। लेकिन उस दौरान भी तापमान में इतनी बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई थी और पारा 45.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा था।
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शुक्रवार सुबह से सूर्यदेव ने अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया और दोपहर के दो बजते-बजते पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। इस कारण बच्चे से लेकर बूढ़े, युवा से लेकर महिलाएं और पशु और पक्षी बेहाल नजर आए। दोपहर को तो शहर की सड़कें सूनी और वीरान दिखीं।
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19 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से लू चली
कैथल में शुक्रवार 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू चली। बस स्टैंड और सड़कों पर जो भी इक्का-दुक्का लोग नजर आए उन्होंने खुद को पूरी तरह से कपड़ों से ढांप रखा था। दोपहर को तो सड़कों से गुजरते हुए आग का सामना करना पड़ा। उधर, गर्मी के कारण अस्पतालों में रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। चिकित्सक का कहना है कि लोग लू से बचने के लिए दोपहर को घर से ज्यादा बाहर न निकलें। साथ ही बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने के लिए भी कहा जा रहा है।
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बीते एक सप्ताह से पड़ रही है भारी गर्मी
कैथल में वर्ष 1998 में तापमान 47.0 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इसके बाद से कई सालों साल तक तापमान अधिकतम 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहा। लेकिन इस बार जून माह में तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।  पिछले दो दिनों से लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बाद शुक्रवार को गर्मी का प्रकोप ओर भी बढ़ गया। कैथल में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 46 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं उमस 22 प्रतिशत रही। जबकि लू की रफ्तार 19 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई। जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
 
पंद्रह साल में सबसे अधिकतम : वैज्ञानिक
कौल स्थित धान अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि शुक्रवार को कैथल में तापमान 46.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जो लगभग वर्ष 1999 के बाद से लेकर अब तक अधिकतम है। इस मौसम में सब्जियों की फसल में नुकसान हो सकता है। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा कि सब्जियों में सिंचाई का ध्यान रखते हुए गर्मी के कारण होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। ज्यादा तापमान के कारण पौधों में कार्बोहाईड्रेट बनाता है। इस तापमान में पौधों को अपना तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. हरिओम का कहना है कि गर्मी जितनी ज्यादा होगी, बरसात के लिए यह उतना ही सही रहेगा। लेकिन ज्यादा गर्मी के कारण सब्जी की फसलों पर बुरा असर हो सकता है। सब्जियों में दोपहर को सिंचाई न करें। उन्होंने कहा कि धान की पनीरी में भी हल्का पानी रखें तथा दोपहर को सिंचाई न करें।

बीते 14 साल का तापमान
वर्ष                     मई/जून
1999           43.5 डिग्री
2000           43.4 डिग्री
2001           43.9 डिग्री
2002           45.2 डिग्री
2003           45.5 डिग्री  
2004           45.2 डिग्री
2005           43.8 डिग्री
2006           43.0 डिग्री
2007           45.0 डिग्री
2008           42.05 डिग्री
2009           43.06 डिग्री
2010           27 मई-44.7 डिग्री ।
2011           13 मई-42.5 डिग्री।
2012            एक जून- 45.2 डिग्री।
2013           23 मई- 45.1 डिग्री।
2014           06 जून-46.0 डिग्री।

लोग घरों में दुबके
बीते एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हालांकि लोगों के लिए राहत की बात यह कि स्कूलों में बच्चों को गर्मी की छुट्टियां चल रही हैं। लेकिन नौकरी-पेशे वालों लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में खासी परेशानी हो रही है। बढ़ते तापमान के बीच लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। देर शाम तक गर्म हवाओं से बचने के लिए घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं और कैद होकर रह गए हैं।

अस्पताल में मरीज बढ़े
सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता के अनुसार, गर्मी के कारण में पीलिया, उल्टी, दस्त, लू लगना, बुखार सहित कई बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इस संबंध में चिकित्सकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे लू से बचने के लिए लगातार पानी पीते रहें। बच्चों का विशेष ख्याल रखें तथा उन्हें साफ पानी पिलाएं। साथ ही बुजुर्गों का भी विशेष ध्यान रखें। घर से बाहर निकलते समय शरीर को कपड़े से ढांप लें। कोई परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।


कूलरों और एसी की बिक्री बढ़ी
लगातार बढ़ रहे तापमान के बीच में कूलरो, पंखों एवं एयर कंडीशनर की मांग बढ़ गई है। दुकानदारा राजेश कुमार ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से कूलर की अच्छी मांग आई है। लोग एयर कंडीशनर भी खरीद रहे हैं। इसके अलावा पंखों की बिक्री भी बढ़ी है।
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