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Kaithal News: महिला सशक्तीकरण की मिसाल महक समूह की कैंटीन
Sat, 03 Jan 2026 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 03 Jan 2026 12:32 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में सीवन गेट क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा संचालित कैंटीन लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। पिछले दो वर्षों से सीवन गेट निवासी सुनीता और उनके सहयोगी महिलाएं इस कैंटीन को चला रही हैं।
महक नामक इस स्वयं सहायता समूह में 14 महिलाएं शामिल हैं, जो मिलकर रोजाना स्वादिष्ट, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार करती हैं। यह समूह न केवल अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल भी पेश कर रहा है।
सुनीता बताती हैं कि शुरुआत में लोगों को महिला समूह द्वारा बनाए गए भोजन को लेकर संकोच था। लेकिन जब लोगों ने स्वाद और गुणवत्ता को परखा, तो धीरे-धीरे यह कैंटीन सभी की पसंद बन गई। आज यहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी, राहगीर और स्थानीय लोग भोजन करने पहुंचते हैं। थाली की कीमत मात्र 30 से 40 रुपये है, जो स्वाद और पोषण के साथ सस्ती भी है।
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स्थानीय लोगों ने सराहा महिला सशक्तीकरण का यह प्रयास ः स्थानीय लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे महिला सशक्तीकरण तथा आत्मनिर्भर भारत की जीवंत मिसाल मानते हैं। उनका कहना है कि यदि महिलाओं को अवसर और समर्थन मिले तो वे हर क्षेत्र में सफल हो सकती हैं। आज महक समूह की कैंटीन सिर्फ भोजन का केंद्र नहीं रही, बल्कि यह समाज में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुकी है।
सस्ती दरों पर उपलब्ध करा रहीं भोजन
महक समूह की महिलाएं महक रसोई जैसी कैंटीन मॉडल पर काम करते हुए लोगों को घर जैसा खाना उपलब्ध करा रही हैं। इससे न केवल आम लोग सस्ता और पौष्टिक भोजन पा रहे हैं, बल्कि महिलाओं को नियमित आमदनी का साधन भी मिला है। समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले वे पूरी तरह परिवार पर निर्भर थीं। अब वे अपनी मेहनत से कमा रही हैं और बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च और बचत में योगदान दे रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है और समाज में उनकी भागीदारी की सराहना हो रही है।
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कैथल। महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में सीवन गेट क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा संचालित कैंटीन लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। पिछले दो वर्षों से सीवन गेट निवासी सुनीता और उनके सहयोगी महिलाएं इस कैंटीन को चला रही हैं।
महक नामक इस स्वयं सहायता समूह में 14 महिलाएं शामिल हैं, जो मिलकर रोजाना स्वादिष्ट, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन तैयार करती हैं। यह समूह न केवल अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल भी पेश कर रहा है।
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सुनीता बताती हैं कि शुरुआत में लोगों को महिला समूह द्वारा बनाए गए भोजन को लेकर संकोच था। लेकिन जब लोगों ने स्वाद और गुणवत्ता को परखा, तो धीरे-धीरे यह कैंटीन सभी की पसंद बन गई। आज यहां रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी, राहगीर और स्थानीय लोग भोजन करने पहुंचते हैं। थाली की कीमत मात्र 30 से 40 रुपये है, जो स्वाद और पोषण के साथ सस्ती भी है।
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स्थानीय लोगों ने सराहा महिला सशक्तीकरण का यह प्रयास ः स्थानीय लोग इस पहल की सराहना कर रहे हैं और इसे महिला सशक्तीकरण तथा आत्मनिर्भर भारत की जीवंत मिसाल मानते हैं। उनका कहना है कि यदि महिलाओं को अवसर और समर्थन मिले तो वे हर क्षेत्र में सफल हो सकती हैं। आज महक समूह की कैंटीन सिर्फ भोजन का केंद्र नहीं रही, बल्कि यह समाज में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण का प्रतीक बन चुकी है।
सस्ती दरों पर उपलब्ध करा रहीं भोजन
महक समूह की महिलाएं महक रसोई जैसी कैंटीन मॉडल पर काम करते हुए लोगों को घर जैसा खाना उपलब्ध करा रही हैं। इससे न केवल आम लोग सस्ता और पौष्टिक भोजन पा रहे हैं, बल्कि महिलाओं को नियमित आमदनी का साधन भी मिला है। समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले वे पूरी तरह परिवार पर निर्भर थीं। अब वे अपनी मेहनत से कमा रही हैं और बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च और बचत में योगदान दे रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है और समाज में उनकी भागीदारी की सराहना हो रही है।