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टीबी मुक्त भारत के लिए दवा-आहार जरूरी : डॉ. किरण
Tue, 19 May 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 19 May 2026 01:07 AM IST
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मरीजों में पोषण किट बांटती डॉॅ.किरण संधू
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। टीबी (क्षय रोग) से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए दवाइयों का नियमित सेवन, संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार, सकारात्मक सोच और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। यह बात टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उपमंडल नागरिक अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरण सिंधु ने कहीं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. किरण सिंधु ने कलायत क्षेत्र के टीबी मरीजों अनुज, अंजू देवी, रानी, वंदना, रवि, राजेश सहित दर्जनों मरीजों को नि:शुल्क पोषण किट वितरित कीं।
स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के निजी सहयोग से एकत्रित राशि से इन पोषण किटों की व्यवस्था की गई, ताकि मरीजों को बेहतर पोषणयुक्त भोजन मिल सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मरीजों की जांच और उपचार नि:शुल्क किया जाता है। इसके अलावा उपचार के दौरान प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है, जिससे वे पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव मित्तल ने कहा कि केवल खांसी ही टीबी का लक्षण नहीं है।
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बलगम वाली खांसी, बलगम में खून आना, लगातार बुखार, थकान, सीने में दर्द, रात को अत्यधिक पसीना आना, वजन कम होना, शरीर के किसी हिस्से में गांठ बनना तथा हाल के शारीरिक बदलाव भी टीबी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते जांच करानी चाहिए।
इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. साहिल, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सुमित्रा और निर्मल, ब्लॉक आशा कॉर्डिनेटर सुनीता देवी, अरविंद ओटीए तथा राकेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
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कलायत। टीबी (क्षय रोग) से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए दवाइयों का नियमित सेवन, संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार, सकारात्मक सोच और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। यह बात टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में उपमंडल नागरिक अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. किरण सिंधु ने कहीं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. किरण सिंधु ने कलायत क्षेत्र के टीबी मरीजों अनुज, अंजू देवी, रानी, वंदना, रवि, राजेश सहित दर्जनों मरीजों को नि:शुल्क पोषण किट वितरित कीं।
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स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के निजी सहयोग से एकत्रित राशि से इन पोषण किटों की व्यवस्था की गई, ताकि मरीजों को बेहतर पोषणयुक्त भोजन मिल सके और वे जल्द स्वस्थ हो सकें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मरीजों की जांच और उपचार नि:शुल्क किया जाता है। इसके अलावा उपचार के दौरान प्रत्येक मरीज को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है, जिससे वे पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव मित्तल ने कहा कि केवल खांसी ही टीबी का लक्षण नहीं है।
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बलगम वाली खांसी, बलगम में खून आना, लगातार बुखार, थकान, सीने में दर्द, रात को अत्यधिक पसीना आना, वजन कम होना, शरीर के किसी हिस्से में गांठ बनना तथा हाल के शारीरिक बदलाव भी टीबी के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते जांच करानी चाहिए।
इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. साहिल, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सुमित्रा और निर्मल, ब्लॉक आशा कॉर्डिनेटर सुनीता देवी, अरविंद ओटीए तथा राकेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।