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ग्राहकों के इंतजार में दुकानदार, बाजारों में काम का भारी मंदा
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:22 AM IST
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दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के 44 दिन बाद भी बाजारों में काम धंधे की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं आया है। कुछ ग्राहकों की मांग पर दुकानदार कैशलेस माध्यमों की ओर रुख कर रहे हैं। स्थिति यह है कि 10 प्रतिशत ग्राहक कैशलेस माध्यमों से भुगतान की पेशकश करने लगे हैं। इसी का असर है कि करीब 20 से 30 प्रतिशत दुकानदारों ने कैशलेस माध्यमों की ओर रुख किया है। दुकानदारों ने काफी संख्या में पीओएस मशीन के लिए आवेदन किया हुआ है। हालांकि इसके बावजूद दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।
सर्राफा बाजार में काम ना के बराबर
सर्राफा बाजार में काम ना के बराबर है। जो ग्राहक आ रहे हैं, उनसे चेक या कैशलेस माध्यमों से लेन-देन हो रहा है। सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चंद्रप्रकाश का कहना है कि बाजार में काम काज ही नहीं हैं। ग्राहक ना के बराबर हैं। दुकानदार सुमित बताते हैं कि करीब 30 प्रतिशत दुकानदारों ने पीओएस मशीन के लिए आवेदन किया हुआ है। जो ग्राहक आ रहे हैं, उसमें भी 20 प्रतिशत से ज्यादा चेक से लेन-देन होने लगा है। इसी प्रकार से अरुण सर्राफ ने कहा कि सोना जो 31500 के आस-पास था। आज 27800 के आस-पास आ गया है। जो बिक्री हो रही है, वह अब चेक व कैशलेस माध्यमों से हो रही है।
सामान्य दुकानदार भी कैशलेस की ओर
मेन बाजार में सब्जी की दुकान चला रहे इंद्रभान ने कहा कि वे पेटीएम व कार्ड के माध्यम से भी सब्जी बेच रहे हैं। लोग अब स्वाइप मशीन व अन्य माध्यमों की मांग करने लगे हैं।
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पीओएस मशीन नहीं मिल रही, लोग दूसरे माध्यमों से कर रहे हैं कैशलेश भुगतान
गोयल बूट हाउस के मालिक बताते हैं कि उन्होंने अपनी दुकान पर कैशलेस लेन-देन शुरू कर दिया है। लेकिन एक महीने से भी ज्यादा समय हो गया, कई जगह कैशलेस मशीनें नहीं मिल रही। हालांकि उन्होंने स्वाइप मशीन ले ली है। लोग इससे भुगतान कर रहे हैं।
कैशलेस माध्यम से कर रहे रेहड़ी से फलों की बिक्री
निरवानिया बिल्डिंग में फलों की रेहड़ी लगा रहे सुरेश ने बताया कि साहब यह काफी आसान है। कैशलेस माध्यम से भुगतान हो रहा है। जिस कारण पैसा सीधा खाते में जाता है। मुझे कोई परेशानी नहीं है। दिन में तीन से चार ग्राहक आ जाते हैं, जो इस माध्यम से भुगतान करते हैं।
पीओएस मशीन मिल जाए तो नहीं रहेगी परेशानी
निरवानिया बिल्डिंग में साइकिल की दुकान संचालक नागपाल ने कहा कि हमने तो कई दिन पहले कैशलेस लेन-देन शुरू कर दिया था। ग्राहक चाहे तो नकद दे या फिर कैशलेस, यहां कोई परेशानी नहीं हैं।
इसी प्रकार से बर्तन विक्रेता राजीव कुमार ने बताया कि पीओएस मशीन के लिए आवेदन कर दिया है। अब कार्ड के माध्यम से लोगों ने कैशलेस ले रहे हैं। यह काफी आसान है।
किसान को सब्जियों के भाव कम मिलने से परेशानी
पाईप स्टोर पर खरीदारी करने आए गांव भाणा से बड़े जमींदार नसीब सिंह ने कहा कि सब्जी उत्पादक किसान पिट रहा है। इसके अलावा गरीब आदमी को काम नहीं मिल रहा। जिस कारण उसे नुकसान हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि इसके अलावा दूसरे जमींदारों को क्या परेशानी आई है नोटबंदी से तो उनका कहना था कि आम आदमी को बैंकों की लाइनों में लगने के कारण परेशानी आई है।
मशीनें मिलें तो परेशानी नहीं
पाइप विक्रेता दुकानदार गोपाल गर्ग नौच का कहना है कि उनके पास ज्यादातर ग्राहक जमींदार वर्ग से आते हैं। जो या तो नकद में सामान खरीदते हैं, या फिर उधारी में। ऐसे में कुछ परेशानियां जरूर हैं। लेकिन पीओएस मशीन के लिए आवेदन किया हुआ है। बैंकों से पीओएस मशीनें मिलने में ही परेशानी आ रही है। जैसे ही मशीनें मिल जाएंगी तो वे भी कैशलेस भुगतान शुरू कर देेंगे।
ये आ रही हैं लोगों को परेशानी
1. अब तक अधिकतर काम नकदी में करने वाले दुकानदारों को एकदम से सारा लेन-देन खातों में दिखाने में बड़ी परेशानी आ रही है।
2. पीओएस मशीन के लिए टिन नंबर सहित कई तरह की औपचारिकताएं हैं। जिस कारण काफी दुकानदारों के लिए यह भी परेशानी का सबब बना हुआ है।
3. इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीण स्तर पर इंटरनेट, शहर में भी कई जगहों पर इंटरनेट की दिक्कतें हैं। जिस कारण कैशलेस लेन-देन में परेशानी है।
4. पीओएस मशीन के लिए आवेदन किए हुए हैं, डेढ़ माह से मशीनें नहीं आ रही।
एलडीएम टीके राणा से सीधी बात
1. पीओएस मशीनें क्यों नहीं आ रही?
पीओएस मशीनों की पीछे से ही आपूर्ति नहीं हैं। एकदम से मांग बढ़ गई है। जैसे-जैसे ये आ रही हैं, बैंक लोगों को उपलब्ध करवा रहे हैं।
2. इंटरनेट जैसी जमीनी स्तर की परेशानियां हैं? इसके लिए भी कोई योजना है बैंकों की?
इंटरनेट के लिए भी बीएसएनएल सहित कई प्राइवेट कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। सरकार द्वारा इस ओर भी ध्यान दिया जा रहा है।
3. पीओएस मशीनों के लिए आवेदन कितने बढ़े हैं?
4 से 5 प्रतिशत लोग तो पहले ही पीओएस मशीनें प्रयोग करते थे। अब जो लोग नए आवेदन कर रहे हैं, वह नोटबंदी की उपलब्धि है। सैकड़ों की संख्या में लोगों के आवेदन आए हैं। शीघ्र ही इनकी संख्या हजारों में हो सकती है।
4. कैशलेस लेन-देन को लेकर लोगों के मन में आशंकाएं हैं?
कैशलेस लेन-देन में कोई रिस्क नहीं हैं। बशर्ते लोग सावधानी बरतें। कार्ड से लेन-देन से तुरंत बाद खाते में पैसे आ जाते हैं। जिससे बैंकों तक नकदी लेकर आने-जाने के समय में बचत होती है। और भी कई फायदे हैं। यह पूरे देश के लिए लाभदायक है।
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सर्राफा बाजार में काम ना के बराबर
सर्राफा बाजार में काम ना के बराबर है। जो ग्राहक आ रहे हैं, उनसे चेक या कैशलेस माध्यमों से लेन-देन हो रहा है। सर्राफा एसोसिएशन के पूर्व प्रधान चंद्रप्रकाश का कहना है कि बाजार में काम काज ही नहीं हैं। ग्राहक ना के बराबर हैं। दुकानदार सुमित बताते हैं कि करीब 30 प्रतिशत दुकानदारों ने पीओएस मशीन के लिए आवेदन किया हुआ है। जो ग्राहक आ रहे हैं, उसमें भी 20 प्रतिशत से ज्यादा चेक से लेन-देन होने लगा है। इसी प्रकार से अरुण सर्राफ ने कहा कि सोना जो 31500 के आस-पास था। आज 27800 के आस-पास आ गया है। जो बिक्री हो रही है, वह अब चेक व कैशलेस माध्यमों से हो रही है।
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सामान्य दुकानदार भी कैशलेस की ओर
मेन बाजार में सब्जी की दुकान चला रहे इंद्रभान ने कहा कि वे पेटीएम व कार्ड के माध्यम से भी सब्जी बेच रहे हैं। लोग अब स्वाइप मशीन व अन्य माध्यमों की मांग करने लगे हैं।
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पीओएस मशीन नहीं मिल रही, लोग दूसरे माध्यमों से कर रहे हैं कैशलेश भुगतान
गोयल बूट हाउस के मालिक बताते हैं कि उन्होंने अपनी दुकान पर कैशलेस लेन-देन शुरू कर दिया है। लेकिन एक महीने से भी ज्यादा समय हो गया, कई जगह कैशलेस मशीनें नहीं मिल रही। हालांकि उन्होंने स्वाइप मशीन ले ली है। लोग इससे भुगतान कर रहे हैं।
कैशलेस माध्यम से कर रहे रेहड़ी से फलों की बिक्री
निरवानिया बिल्डिंग में फलों की रेहड़ी लगा रहे सुरेश ने बताया कि साहब यह काफी आसान है। कैशलेस माध्यम से भुगतान हो रहा है। जिस कारण पैसा सीधा खाते में जाता है। मुझे कोई परेशानी नहीं है। दिन में तीन से चार ग्राहक आ जाते हैं, जो इस माध्यम से भुगतान करते हैं।
पीओएस मशीन मिल जाए तो नहीं रहेगी परेशानी
निरवानिया बिल्डिंग में साइकिल की दुकान संचालक नागपाल ने कहा कि हमने तो कई दिन पहले कैशलेस लेन-देन शुरू कर दिया था। ग्राहक चाहे तो नकद दे या फिर कैशलेस, यहां कोई परेशानी नहीं हैं।
इसी प्रकार से बर्तन विक्रेता राजीव कुमार ने बताया कि पीओएस मशीन के लिए आवेदन कर दिया है। अब कार्ड के माध्यम से लोगों ने कैशलेस ले रहे हैं। यह काफी आसान है।
किसान को सब्जियों के भाव कम मिलने से परेशानी
पाईप स्टोर पर खरीदारी करने आए गांव भाणा से बड़े जमींदार नसीब सिंह ने कहा कि सब्जी उत्पादक किसान पिट रहा है। इसके अलावा गरीब आदमी को काम नहीं मिल रहा। जिस कारण उसे नुकसान हुआ है। जब उनसे पूछा गया कि इसके अलावा दूसरे जमींदारों को क्या परेशानी आई है नोटबंदी से तो उनका कहना था कि आम आदमी को बैंकों की लाइनों में लगने के कारण परेशानी आई है।
मशीनें मिलें तो परेशानी नहीं
पाइप विक्रेता दुकानदार गोपाल गर्ग नौच का कहना है कि उनके पास ज्यादातर ग्राहक जमींदार वर्ग से आते हैं। जो या तो नकद में सामान खरीदते हैं, या फिर उधारी में। ऐसे में कुछ परेशानियां जरूर हैं। लेकिन पीओएस मशीन के लिए आवेदन किया हुआ है। बैंकों से पीओएस मशीनें मिलने में ही परेशानी आ रही है। जैसे ही मशीनें मिल जाएंगी तो वे भी कैशलेस भुगतान शुरू कर देेंगे।
ये आ रही हैं लोगों को परेशानी
1. अब तक अधिकतर काम नकदी में करने वाले दुकानदारों को एकदम से सारा लेन-देन खातों में दिखाने में बड़ी परेशानी आ रही है।
2. पीओएस मशीन के लिए टिन नंबर सहित कई तरह की औपचारिकताएं हैं। जिस कारण काफी दुकानदारों के लिए यह भी परेशानी का सबब बना हुआ है।
3. इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीण स्तर पर इंटरनेट, शहर में भी कई जगहों पर इंटरनेट की दिक्कतें हैं। जिस कारण कैशलेस लेन-देन में परेशानी है।
4. पीओएस मशीन के लिए आवेदन किए हुए हैं, डेढ़ माह से मशीनें नहीं आ रही।
एलडीएम टीके राणा से सीधी बात
1. पीओएस मशीनें क्यों नहीं आ रही?
पीओएस मशीनों की पीछे से ही आपूर्ति नहीं हैं। एकदम से मांग बढ़ गई है। जैसे-जैसे ये आ रही हैं, बैंक लोगों को उपलब्ध करवा रहे हैं।
2. इंटरनेट जैसी जमीनी स्तर की परेशानियां हैं? इसके लिए भी कोई योजना है बैंकों की?
इंटरनेट के लिए भी बीएसएनएल सहित कई प्राइवेट कंपनियां सेवाएं दे रही हैं। सरकार द्वारा इस ओर भी ध्यान दिया जा रहा है।
3. पीओएस मशीनों के लिए आवेदन कितने बढ़े हैं?
4 से 5 प्रतिशत लोग तो पहले ही पीओएस मशीनें प्रयोग करते थे। अब जो लोग नए आवेदन कर रहे हैं, वह नोटबंदी की उपलब्धि है। सैकड़ों की संख्या में लोगों के आवेदन आए हैं। शीघ्र ही इनकी संख्या हजारों में हो सकती है।
4. कैशलेस लेन-देन को लेकर लोगों के मन में आशंकाएं हैं?
कैशलेस लेन-देन में कोई रिस्क नहीं हैं। बशर्ते लोग सावधानी बरतें। कार्ड से लेन-देन से तुरंत बाद खाते में पैसे आ जाते हैं। जिससे बैंकों तक नकदी लेकर आने-जाने के समय में बचत होती है। और भी कई फायदे हैं। यह पूरे देश के लिए लाभदायक है।