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Kaithal News: बाढ़ की मार से मार्बल का कारोबार चौपट
Thu, 20 Jul 2023 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 20 Jul 2023 01:48 AM IST
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कैथल/गुहला-चीका। चीका क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद इसकी मार से मार्बल का कारोबार भी चौपट हो गया है। मार्बल की मार्केट में 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस कारण मार्बल व्यापारियों को करोड़ों रुपये का फटका लगा है। वहीं, दो वक्त की रोटी के संकट से भी मजदूरों को जूझना पड़ा है।
चीका का करीब एक सप्ताह तक पंजाब से आवागमन बंद रहने के कारण करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। चीका में काफी संख्या में पंजाब के व्यापारी व लोग मार्बल खरीदने के लिए पहुंचते हैं।
कुछ समय पहले तक हर सोमवार से रविवार तक मार्बल बाज़ार ग्राहकों से गुलजार रहता था। लोग अपने सपनों के घरों को सबसे अलग बनाने की चाहत में उसमें आकर्षक मार्बल के काम को देते थे। बाढ़ के कारण रास्ता बंद होने के बाद कारोबार कम होने के बाद से मजदूर से लेकर कारीगर व व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
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व्यापारियों के मुताबिक, यहां कारोबार में करीब 60 से 70 फीसदी तक की गिबावट दर्ज की गई है। चीका पटियाला रोड पर मार्केट में मार्बल की 60 दुकानें हैं। बाढ़ से पहले करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होता था। अब सिमटकर लाखों में रह गया है।
दूसरी ओर मार्बल मार्केट में मजदूरी करने वाले चीका निवासी जरनैल सिंह ने बताया कि बाढ़ से पहले वेे प्रतिदिन 600 से 700 रुपये कमा लेते थे। उनकी कमाई अब आधा से भी कम रह गई है। बड़ी मुश्किल से गुजारा हो पाता है।
इसी प्रकार रिक्शा चालक केदारनाथ ने बताया कि बाढ़ ने उनकी दो वक्त की रोटी भी छीन ली है। बहुत कम काम मिल
रहा है।
हमारा धंधा एक सप्ताह से चौपट चल रहा है। बाढ़ के बाद हालत यह है कि बड़ी मुश्किल से मार्बल के खरीदार यहां आ रहे हैं। चीका में 100 से अधिक दुकानें मार्बल की है। इन सभी व्यापारियों को करीब पांच करोड़ रुपये अधिक का नुकसान हुआ है।
सुखविंद्र सिंह, बालाजी मार्बल
चीका की मार्बल मार्केट से आसपास के शहरों व साथ लगते राज्य पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में भी मार्बल सप्लाई होता है। हालत ये है बाढ़ के बाद इससे जुड़े हर आदमी का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ये मार्केट अब से फर्श पर आ गया है। -सौरभ गुप्ता, मार्बल व्यापारी
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चीका का करीब एक सप्ताह तक पंजाब से आवागमन बंद रहने के कारण करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। चीका में काफी संख्या में पंजाब के व्यापारी व लोग मार्बल खरीदने के लिए पहुंचते हैं।
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कुछ समय पहले तक हर सोमवार से रविवार तक मार्बल बाज़ार ग्राहकों से गुलजार रहता था। लोग अपने सपनों के घरों को सबसे अलग बनाने की चाहत में उसमें आकर्षक मार्बल के काम को देते थे। बाढ़ के कारण रास्ता बंद होने के बाद कारोबार कम होने के बाद से मजदूर से लेकर कारीगर व व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
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व्यापारियों के मुताबिक, यहां कारोबार में करीब 60 से 70 फीसदी तक की गिबावट दर्ज की गई है। चीका पटियाला रोड पर मार्केट में मार्बल की 60 दुकानें हैं। बाढ़ से पहले करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होता था। अब सिमटकर लाखों में रह गया है।
दूसरी ओर मार्बल मार्केट में मजदूरी करने वाले चीका निवासी जरनैल सिंह ने बताया कि बाढ़ से पहले वेे प्रतिदिन 600 से 700 रुपये कमा लेते थे। उनकी कमाई अब आधा से भी कम रह गई है। बड़ी मुश्किल से गुजारा हो पाता है।
इसी प्रकार रिक्शा चालक केदारनाथ ने बताया कि बाढ़ ने उनकी दो वक्त की रोटी भी छीन ली है। बहुत कम काम मिल
रहा है।
हमारा धंधा एक सप्ताह से चौपट चल रहा है। बाढ़ के बाद हालत यह है कि बड़ी मुश्किल से मार्बल के खरीदार यहां आ रहे हैं। चीका में 100 से अधिक दुकानें मार्बल की है। इन सभी व्यापारियों को करीब पांच करोड़ रुपये अधिक का नुकसान हुआ है।
सुखविंद्र सिंह, बालाजी मार्बल
चीका की मार्बल मार्केट से आसपास के शहरों व साथ लगते राज्य पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में भी मार्बल सप्लाई होता है। हालत ये है बाढ़ के बाद इससे जुड़े हर आदमी का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ये मार्केट अब से फर्श पर आ गया है। -सौरभ गुप्ता, मार्बल व्यापारी